छठ पर्व पर आस्था का केंद्र बना सूर्य मंदिर

Updated at : 14 Nov 2015 7:32 PM (IST)
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छठ पर्व पर आस्था का केंद्र बना सूर्य मंदिर

छठ पर्व पर आस्था का केंद्र बना सूर्य मंदिर फोटो नंबर-32 सूर्य मंदिरसीतामढ़ी. कहा जाता है कि सूर्य देवता ही हैं, जिसकी आराधना हर मनुष्य किसी न किसी रूप में करते आए हैं. यहां तक कि देवी-देवताओं को भी सूर्य की उपासना करते देखा गया है. शहर स्थित एक मात्र सूर्य मंदिर भी छठ पर्व […]

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छठ पर्व पर आस्था का केंद्र बना सूर्य मंदिर फोटो नंबर-32 सूर्य मंदिरसीतामढ़ी. कहा जाता है कि सूर्य देवता ही हैं, जिसकी आराधना हर मनुष्य किसी न किसी रूप में करते आए हैं. यहां तक कि देवी-देवताओं को भी सूर्य की उपासना करते देखा गया है. शहर स्थित एक मात्र सूर्य मंदिर भी छठ पर्व को लेकर श्रद्धालुओं के आस्था का केंद्र बना हुआ है. लखनदेई नदी के रिंग बांध पर ही सूर्य मंदिर अवस्थित है. जिले में सबसे अधिक व्रती यहीं छठ पूजा करने आते हैं. 1992 में हुई मंदिर की स्थापनामंदिर के महंत मंगल दास के अनुसार वे दान की राशि मांग कर वर्ष 1992 में मंदिर का निर्माण कराये थे. श्याम लाल गोयनका से जमीन खरीद की गयी थी. इसके लिए वे 1985 से प्रयास में जुट गये थे. वर्ष 1991 में शहर के गण्यमान्य लोगों की उपस्थिति में मंदिर का शिलान्यास किया गया था. वहीं एक साल बाद वर्ष 1992 में बनारस के साधु-संतों द्वारा उद्घाटन किया गया था. मंदिर के अंदर सूर्यदेव के अलावा छठी मइया, अंजनी माता व बाल हनुमान की प्रतिमा स्थापित की गयी है. महंत श्री दास ने बताया कि वे अब तक दो सूर्य मंदिर का निर्माण करा चुके हैं. सबसे पहले आरा में उन्होंने सूर्य मंदिर का निर्माण वर्ष 1965 में कराया था. उसके बाद वर्ष 1985 में उनके मन में अपने शहर में मंदिर का निर्माण कराने की इच्छा जगी.करेंगे धर्मशाला का निर्माण मंदिर के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए महंत श्री दास ने बताया कि अगले वर्ष तक वे हर हाल में मंदिर के ऊपर धर्मशाला का निर्माण करायेंगे. यहां हर गरीब की बेटियों की शादी नि:शुल्क होगी. खाना खाने के दौरान भी उन्हें जब बेटियों की याद आती है, तो चिंता में डूब जाते हैं. शहर में एक नदी था, उसे भी लोगों ने नाला व गंदा पानी की निकासी का साधन बना कर रख दिया है. सूर्य मंदिर में हर वर्ष अन्य जिलों से लोग मन्नत पूरी होने पर छठ पूजा करने आते हैं. हर व्यक्ति को नदी की दुर्दशा पर दु:ख होता है. वही उत्तर बिहार में सीतामढ़ी व रक्सौल में दो ही सूर्य मंदिर है.बचपन में ही आया विचार सूर्य मंदिर का निर्माण कराने का मत में विचार कब और कैसे आया के सवाल पर महंत श्री दास ने बताया कि बचपन में एक दिन जब वे गोली खेल रहे थे, तो गोली एक गड‍्ढे में जा गिरा. गोली निकालने के दौरान गोली तो नहीं मिला, एक सिक्का मिला, जिस पर सूर्य देवता का चित्र था. उसी दिन उनके मन में विचार आया कि एक दिन वे सूर्य मंदिर की स्थापना जरूर करायेंगे.

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