निजी क्लिनिक व जांच घरों की जांच शुरू
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :22 Oct 2017 6:17 AM (IST)
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छह माह से सशस्त्र बल के इंतजार में नहीं हो रही थी जांच मेजरगंज : प्रखंड मुख्यालय बाजार के निजी क्लिनिक व जांच घरों की जांच की प्रक्रिया एक बार फिर शुरू हो गयी है. पीएचसी प्रभारी द्वारा छह माह से अधिक समय से सशस्त्र बल के अभाव में जांच लंबित रहने का रोना रोया […]
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छह माह से सशस्त्र बल के इंतजार में नहीं हो रही थी जांच
मेजरगंज : प्रखंड मुख्यालय बाजार के निजी क्लिनिक व जांच घरों की जांच की प्रक्रिया एक बार फिर शुरू हो गयी है.
पीएचसी प्रभारी द्वारा छह माह से अधिक समय से सशस्त्र बल के अभाव में जांच लंबित रहने का रोना रोया जा रहा था, वहीं अब बगैर सशस्त्र बल के ही निजी क्लिनिकों की जांच की प्रक्रिया शुरू होने से सवाल उठने लगे है. इलाके में चर्चाओं का बाजार गरम है. लोगों के अनुसार जांच शुरू होगी, इसकी आड़ में अवैध वसूली होगी और तीन दिन में फिर फरजी क्लिनिकों का बाजार गरम हो जाएगा. बताते चले की एक साल पटना हाइकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को फरजी क्लिनिकों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया था. इसके आलोक में सीएस द्वारा सभी पीएचसी प्रभारियों को जांच का आदेश दिया गया था. नेपाल से सटा मेजरगंज का इलाका फरजी चिकित्सकों के लिए कमाई का बड़ा बाजार माना जाता है.
लिहाजा यहां भी कार्रवाई का आदेश दिया गया था. लेकिन मेजरगंज के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ केके झा हर तीन माह पर केवल निजी चिकित्सकों को नोटिस भेजते रहे. लेकिन फरजी चिकित्सक व जांच घर संचालकों ने उनकी नोटिस पर कोई अमल नहीं किया. अब पीएचसी प्रभारी डॉ झा ने एक बार फिर फरजी क्लिनिक व जांच घरों की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस बाबत पूछे जाने पर डॉ झा ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश पर भौतिक सत्यापन किया जा रहा है. जांच के बाद हाइकोर्ट को रिपोर्ट भेजा जायेगा.
मालूम हो कि पिछले वर्ष दिसंबर माह में राज्य स्वास्थ्य सचिव व सिविल सर्जन के निर्देश पर प्रभारी चिकित्सक डॉ झा ने प्रखंड के 44 निजी चिकित्सकों व नर्सिंग होम संचालकों को नोटिस भेज अपना चिकित्सकीय प्रमाण पत्र जमा करने का निर्देश दिया था. परंतु निर्देश का पालन नहीं होता देख बार बार नोटिस भेजा गया. जिसमें 44 में मात्र 14 चिकित्सकों ने ही अपना प्रमाण पत्र जमा कराये. जिसे डॉ झा ने अपूर्ण व अवैध बताया था. उन्होंने कार्रवाई और छापेमारी के लिए एसडीओ सदर को पत्र लिख पुलिस बल की मांग की थी.
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