शेखपुरा में साइबर ठगी के 15 लाख के विवाद में दोस्त के 5 साल के बेटे की हत्या, नवादा की पहाड़ी गुफा से शव बरामद
Published by : Aditya Kumar Ravi Updated At : 16 May 2026 9:37 PM
5 वर्षीय मासूम दीपांशु कश्यप
Sheikhpura News: शेखपुरा के कसार थाना क्षेत्र के बरसा गांव से 9 दिनों से लापता 5 वर्षीय दीपांशु का शव नवादा की सुमा पहाड़ी की गुफा से बरामद हुआ है. एसपी बलीराम चौधरी ने खुलासा किया कि साइबर ठगी के ₹15 लाख के बंटवारे के विवाद में पिता के ही सात पार्टनर साथियों ने मिलकर बच्चे का अपहरण और हत्या की थी. पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों समेत चार को गिरफ्तार कर लिया है.
Sheikhpura News(रंजीत कुमार): शेखपुरा जिले के कसार थाना क्षेत्र अंतर्गत बरसा गांव से 9 दिन पहले लापता हुए 5 वर्षीय मासूम दीपांशु कश्यप की बेरहमी से हत्या कर दी गई है. पुलिस ने शनिवार को नवादा जिले के कौवाकोल थाना अंतर्गत सुमा पहाड़ी की एक गुफा से बालक का क्षत-विक्षत शव बरामद किया. इस सनसनीखेज हत्याकांड से पर्दा उठाते हुए शेखपुरा एसपी बलीराम चौधरी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया.
साइबर ठगी के पैसों के विवाद में रची गई खूनी साजिश
एसपी बलीराम चौधरी ने बताया कि यह पूरी वारदात साइबर अपराध से जुड़ी काली कमाई के बंटवारे के विवाद का नतीजा है. मृतक दीपांशु के पिता कन्हैया पंडित और इस हत्याकांड में शामिल सभी सात आरोपी नवादा के वारसलीगंज में एक साथ संगठित होकर साइबर ठगी के धंधे को अंजाम देते थे. इसी दौरान साइबर ठगी से उड़ाए गए करीब 15 लाख रुपये कन्हैया पंडित के बैंक खाते में आए थे. गिरोह के बाकी सदस्य उस रकम को आपस में बांटने का लगातार दबाव बना रहे थे, लेकिन कन्हैया पंडित पैसे देने में आनाकानी कर रहा था. इसी खुन्नस में आरोपियों ने कन्हैया को सबक सिखाने के लिए एक खूनी साजिश रची.
7 मई को किया था अपहरण, गला घोंटकर दी दर्दनाक मौत
तय साजिश के तहत आरोपियों ने 7 मई को बरसा गांव से कन्हैया के 5 वर्षीय पुत्र दीपांशु का रहस्यमय तरीके से अपहरण कर लिया. अपहरण करने के बाद अपराधियों ने मासूम की गला दबाकर हत्या कर दी और साक्ष्य छुपाने के इरादे से उसके शव को नवादा की सुमा पहाड़ी के गुफा में गहरे नीचे फेंक दिया. वारदात वाली जगह से मृतक के कपड़े भी बरामद किए गए हैं.
एसआईटी (SIT) की जांच में खुला राज, 4 आरोपी गिरफ्तार
बच्चे के लापता होने के बाद पिता कन्हैया पंडित ने कसार थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) राकेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया.
वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने गिरोह के सदस्यों को दबोचा. पुलिस हिरासत में आए अजीत मांझी और संदीप मांझी ने कड़ी पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया और उन्हीं की निशानदेही पर पुलिस ने पहाड़ी की गुफा से मासूम का शव बरामद किया. पुलिस ने अब तक इस मामले में अजीत मांझी और संदीप मांझी समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. साथ ही घटना में शामिल तीन अन्य नामजद आरोपी– सुदाम मांझी, प्रदीप मांझी और संतोष मांझी फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है.
FSL की टीम कर रही है जांच
एसपी ने बताया कि शव काफी क्षत-विक्षत अवस्था में मिला है, इसलिए मौके पर स्थानीय फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र करवाए गए हैं. हालांकि, परिजनों ने कपड़ों और अन्य पहचान के आधार पर शव की शिनाख्त दीपांशु के रूप में कर ली है. पुलिस फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और इस पूरे साइबर सिंडिकेट को ध्वस्त करने का दावा कर रही है.
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