बाल अधिकार एवं महिला संरक्षण कानूनों पर पुलिस बल को दी संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की सीख

कार्यक्रम को संबोधित करते एसपी शैलेन्द्र सिंह एवं अन्य | Prabhat Khabar Network
शिवहर में अभियान नया सवेरा 3.0 के तहत पुलिस बल को बाल अधिकार, पॉक्सो एक्ट और महिला सुरक्षा कानूनों पर संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का प्रशिक्षण दिया गया।
शिवहर: गुरुवार को पुलिस लाइन शिवहर में अभियान नया सवेरा 3.0 के तहत बिहार पुलिस बल के जवानों तथा पदाधिकारियों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.जिसकी अध्यक्षता एसपी शैलेन्द्र सिंह ने की तथा उक्त कार्यक्रम बाल अधिकार, बाल संरक्षण एवं महिला सुरक्षा से संबंधित कानूनों पर आधारित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का संचालन 'सवेरा स्वयंसेवी संगठन' के तत्वावधान में किया गया.कार्यक्रम में एसपी शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि समाज के दो सबसे संवेदनशील वर्गों महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है.उन्होंने उपस्थित सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों को कड़े निर्देश दिए कि वे बच्चों और महिलाओं से जुड़े मामलों में पूरी संवेदनशीलता बरतें और त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें.एसपी ने कहा कि पुलिस का व्यवहार ऐसा होना चाहिए.जिससे पीड़ित को सुरक्षित महसूस हो और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा हो.कहा कि अभियान नया सवेरा 3.0 का मुख्य उद्देश्य भी समाज में सुरक्षा और विश्वास का एक नया माहौल तैयार करना है.वही कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सवेरा स्वयंसेवी संगठन के सचिव मोहन कुमार ने पुलिस बल को बाल अधिकारों, किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम जेजे एक्ट और पॉक्सो एक्ट कानून की बारीकियों से अवगत कराया.उन्होंने बाल मित्र पुलिसिंग की आवश्यकता पर जोर देते हुए बताया कि कैसे बच्चों से जुड़े मामलों का निपटारा एक सुरक्षित और असहजता- मुक्त माहौल में किया जाना चाहिए.साथ ही कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक रानी कुमारी ने महिलाओं से संबंधित कानूनी अधिकारों और सुरक्षात्मक उपायों पर विस्तृत चर्चा की.उन्होंने संकट में फंसी महिलाओं की सहायता के लिए वन स्टॉप सेंटर द्वारा दी जाने वाली चिकित्सीय, कानूनी और आश्रय संबंधी सुविधाओं के बारे में जानकारी दी और पुलिस से इस दिशा में बेहतर समन्वय बनाकर काम करने की अपील की.कार्यक्रम में सवेरा स्वयंसेवी संगठन के विधिक सलाहकार नंदनी कुमारी द्वारा पॉक्सो एक्ट के तहत पुलिस की जवाबदेही के बारे में बताई कि बच्चों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों को रोकने और उन्हें न्याय दिलाने के उद्देश्य से बनाए गए पॉक्सो एक्ट के तहत पुलिस की भूमिका और उसकी जवाबदेही को लेकर कानूनी विशेषज्ञों ने कड़ा रुख अपनाया है.पॉक्सो मामलों में पुलिस की थोड़ी सी भी लापरवाही या देरी न सिर्फ पीड़ित बच्चे के अधिकारों का हनन है,बल्कि खुद पुलिस अधिकारियों के लिए भी बड़ी कानूनी मुसीबत बन सकती है.विभिन्न पहलुओं को समझाते हुए पुलिस की मुख्य जवाबदेही और लापरवाही बरतने पर होने वाली कानूनी कार्रवाई पर विस्तार से प्रकाश डाला गया.कार्यक्रम में अधिकार मित्र अंकित कुमार एवं रामकृष्ण विकास द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के बारे में विशेष जानकारी दिया गया तथा इस कार्यक्रम से मिली सीख को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया.मौके पर जिले के कई वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी, विभिन्न थानों के थाना प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल के जवान उपस्थित थे.
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