शिवहर में किसान-वैज्ञानिक मिलन कार्यक्रम: 100 किसानों को मिली आधुनिक खेती की ट्रेनिंग, यंत्रों पर 80% तक सब्सिडी
कार्यक्रम में शामिल विभिन्न प्रखंडों के प्रगतिशील किसान
शिवहर में आयोजित किसान-वैज्ञानिक मिलन कार्यक्रम में 100 प्रगतिशील किसानों को उन्नत खेती की तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई. वैज्ञानिकों ने किसानों की समस्याओं का समाधान किया और कृषि यंत्रों पर 80% तक सब्सिडी के बारे में बताया गया.
शिवहर: जिले के किसानों को आधुनिक तकनीक से लैस करने और कृषि विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से शनिवार को संयुक्त कृषि भवन में परियोजना निदेशक आत्मा के तत्वावधान में एक दिवसीय 'किसान-वैज्ञानिक मिलन कार्यक्रम' का सफल आयोजन किया गया. इस कार्यशाला में जिले के सभी पांचों प्रखंडों—शिवहर सदर, डुमरी कटसरी, पिपराही, पुरनहिया एवं तरियानी से आए कुल 100 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया. वहीं दूसरी ओर, समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिलाधिकारी प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन हुआ, जहां आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में निर्देश जारी किए गए.
कृषि वैज्ञानिकों ने दिए उन्नत खेती के गुर, मौके पर हुआ समस्याओं का निदान
किसान-वैज्ञानिक संवाद के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के वैज्ञानिकों ने किसानों को जलवायु अनुकूल खेती, प्रमाणित व उन्नत बीजों के चयन, समेकित कीट प्रबंधन और मृदा स्वास्थ्य कार्ड (सॉइल हेल्थ कार्ड) की अनुशंसा के अनुसार संतुलित उर्वरक उपयोग की विस्तृत तकनीकी जानकारी दी. परिचर्चा सत्र के दौरान विभिन्न प्रखंडों से आए किसानों ने फसलों में लगने वाले कीट, रोग और जल प्रबंधन से जुड़ी समस्याएं रखीं, जिसका वैज्ञानिकों ने मौके पर ही व्यवहारिक और वैज्ञानिक समाधान प्रस्तुत किया.
कृषि यंत्रों पर 50 से 80 फीसदी तक अनुदान: उप निदेशक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी (डीएओ) प्रीति कुमारी ने विभागीय योजनाओं का ब्योरा दिया. उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, बीज अनुदान योजना, जैविक खेती प्रोत्साहन और कृषि यंत्रीकरण योजना के लाभ गिनाए. वहीं उप निदेशक (कृषि अभियंत्रण) नितेश कुमार नवीन ने यांत्रिकीकरण पर जोर देते हुए बताया कि किसान हैप्पी सीडर, जीरो टिलेज, थ्रेसर और पावर टिलर जैसे आधुनिक कृषि उपकरणों पर 50 से 80 प्रतिशत तक सरकारी अनुदान प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने किसानों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया समझाई.
मिट्टी जांच और नकली खाद-बीज की पहचान पर जोर
सहायक निदेशक (रसायन) दीपक कुमार ने मिट्टी की जांच के महत्व पर प्रकाश डालते हुए खेतों में रासायनिक खादों के असंतुलित प्रयोग से बचने की सलाह दी. उन्होंने किसानों को बाजार में मिलने वाली नकली खाद और मिलावटी बीजों की पहचान करने के आसान व व्यावहारिक तरीके साझा किए. उप परियोजना निदेशक (आत्मा) ने किसानों को पारंपरिक खेती छोड़ व्यावसायिक खेती अपनाने और कृषक उत्पादक संगठन (FPO) से जुड़ने के फायदे बताए. साथ ही आत्मा योजना के तहत संचालित होने वाले प्रशिक्षण, परिभ्रमण, किसान गोष्ठी और किसान पुरस्कार योजना की रूपरेखा प्रस्तुत की.
डीएम के जनता दरबार में पहुंचे 7 मामले, त्वरित निष्पादन के आदेश
इधर, समाहरणालय परिसर स्थित डीएम प्रकोष्ठ में आयोजित साप्ताहिक जनता दरबार में जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने आम जनता से सीधा संवाद किया. इस दौरान जिले के विभिन्न ग्रामीण और कस्बाई इलाकों से पहुंचे कुल 07 फरियादियों ने अपनी-अपनी व्यक्तिगत व सार्वजनिक समस्याएं डीएम के समक्ष रखीं. राजस्व, भूमि विवाद और विकास योजनाओं से जुड़े इन सभी मामलों को डीएम ने बारी-बारी से गंभीरतापूर्वक सुना. उन्होंने संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को सभी आवेदनों को अग्रसारित करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि तय समय-सीमा के भीतर नियमानुसार जांच कर इनका त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करें.
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