केके पाठक की मेहनत नए साल के दिन नहीं लाई रंग! शिक्षक तो स्कूल आएं, लेकिन बच्चों ने अपनाया ये तरीका

Updated at : 01 Jan 2024 5:37 PM (IST)
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केके पाठक की मेहनत नए साल के दिन नहीं लाई रंग! शिक्षक तो स्कूल आएं, लेकिन बच्चों ने अपनाया ये तरीका

शिक्षा विभाग के अपर सचिव केके पाठक के आदेश का पालन होते हुए सभी विद्यालय खुले. विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति महज मामूली रही जबकि मध्याह्न भोजन योजना का कार्य भी अधिकांश विद्यालयों में बंद रहा.

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बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक राज्य की शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर करने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं. जिसकी वजह से अब पर्व-त्योहार पर भी शिक्षक समय से स्कूलों में उपस्थित हो रहे हैं. सोमवार को भी नववर्ष के दिन एसीएस के के पाठक के निर्देश पर स्कूल खोले गये. शिक्षक अपने समय से स्कूल पहुंच गए. लेकिन जिन छात्र-छात्राओं के लिए यह व्यवस्था बनाई जा रही है, वो बच्चे ही स्कूल से गायब रहें.

पहली जनवरी को स्कूल से बच्चे रहे नदारद

दरअसल, हम बात कर रहे हैं राजगीर के सरकारी स्कूलों की. जहां नववर्ष के पहले दिन एक जनवरी को बच्चों की उपस्थिति बहुत कमजोर रही अथवा नगण्य रही. बच्चे पहली जनवरी के भीड़भाड़ और पिकनिक के कारण स्कूल में बहुत कम पहुंचे. एक कारण कनकनी भरी ठंड और शीतलहर भी इसका एक कारण हो सकती है. प्लस टू स्कूलों में दूर दराज से आने वाले बच्चे वाहन चालकों के हड़ताल पर रहने के कारण भी नहीं पहुंच सके है.

क्या बोलीं प्राचार्य

आरडीएच प्लस टू स्कूल, राजगीर की प्रभारी प्रधानाध्यापिका इन्दू सिन्हा बताती हैं कि निर्धारित समय पर स्कूल खुल गया है. शिक्षक भी स्कूल में मौजूद हैं. लेकिन पढने वाले बच्चों की संख्या नगण्य है. सूत्रों के अनुसार बच्चों की उपस्थिति नहीं रहने के कारण शिक्षक भी धूप और मोबाइल का आनंद लेकर समय व्यतीत करते रहे. अन्य स्कूलों का हाल भी करीब ऐसे ही रहा है.

पटना, बिहारशरीफ, नवादा और गया आदि जगहों से राजगीर पहुंचने वाले शिक्षकों को बहुत परेशानी हुई है. बसों के वाहन चालकों के हड़ताल पर चले जाने के कारण वैसे शिक्षकों को बहुत फजीहत हुई. जानकार बताते हैं कि दूसरे शहरों से प्राइवेट बसों से स्कूल आने वाले शिक्षक स्कूल नहीं पहुंच सके हैं.

क्या है शिक्षा विभाग का आदेश

दरअसल, माध्यमिक शिक्षा निदेशक कन्हैया प्रसाद श्रीवास्तव की तरफ से राज्य के सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों व जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (स्थापना) को शनिवार को एक निर्देश दिया गया. जिसमें व्यत्यय गया कि राज्य भर में नये साल के पहले दिन एक जनवरी को सभी सरकारी स्कूल खुले रहेंगे. उस दिन से सभी माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक नयी व्यवस्था के तहत शिक्षकों की दैनिक उपस्थिति एवं कक्षाओं से संबंधित पंजी संधारित कर उसका उपयोग शुरू करेंगे.

शनिवार को जारी निर्देश के साथ शिक्षक दैनिक उपस्थिति एवं कक्षाओं से संबंधित पंजी संधारित करने वाली पंजी के फॉर्मेट भी भेजे गये हैं. फॉर्मेट के अनुरूप ही माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों की दैनिक उपस्थिति एवं कक्षाओं से संबंधित पंजी छपवायी जायेगी.

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पंजी में विद्यालय में पदस्थापित हर शिक्षक के नाम के सामने उनके तरफ से ली जाने वाली पहली से लेकर 8वीं तक की कक्षा संचालन की 9.30 से 3.30 बजे तक की अवधि का घंटीवार उल्लेख होगा. 9वीं से 12वीं तक की विशेष कक्षा तथा थ्री से 8वीं तक की मिशन दक्ष की ली जाने वाली कक्षाओं का भी उल्लेख होगा. इस बात का भी उल्लेख होगा कि कुल मिला कर हर शिक्षक द्वारा कितनी कक्षाएं ली गयीं. उसके बाद हर शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक के हस्ताक्षर के कॉलम होंगे. शिक्षा विभाग इस गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराएंगे.

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