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कोचस नगर पंचायत में लाखों की अपशिष्ट मशीन खा रही जंग, खुले में जल रहा कचरा

Updated at : 13 Feb 2026 8:39 PM (IST)
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कोचस नगर पंचायत में लाखों की अपशिष्ट मशीन खा रही जंग, खुले में जल रहा कचरा

SASARAM NEWS.नगर पंचायत कोचस में वित्तीय वर्ष 2019-20 में लाखों रुपये की लागत से कचरा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मशीन स्थापित की गयी थी, लेकिन अधिकारियों की अदूरदर्शिता के कारण वर्षों बाद भी इसका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है.

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सात साल बाद भी चालू नहीं हुआ ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण केंद्र

एनएच 319 किनारे कचरा जलाने से फैल रहा दुर्गंध व धुआं

कोचस

.नगर पंचायत कोचस में वित्तीय वर्ष 2019-20 में लाखों रुपये की लागत से कचरा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मशीन स्थापित की गयी थी, लेकिन अधिकारियों की अदूरदर्शिता के कारण वर्षों बाद भी इसका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है. मशीनें जंग लगने से बर्बाद होने की स्थिति में पहुंच गयी हैं. इसी परिसर में ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण व एमआरएफ केंद्र भी बनाया गया, जो अब तक पूरी तरह चालू नहीं हो सका है. मिली जानकारी के अनुसार, कोचस शहर से निकलने वाले कचरे का निस्तारण कर जैविक खाद बनाने के उद्देश्य से यह मशीन खरीदी गयी थी. इसे वार्ड दो और 11 में लगभग दो एकड़ भूमि पर स्थापित किया गया. शुरुआती दिनों में मशीन का उपयोग हुआ, लेकिन बाद में अधिकारियों की उदासीनता के कारण संचालन बंद हो गया. परिणामस्वरूप मशीनों के पार्ट्स में जंग लग गया और संचालन से जुड़ी व्यवस्थाएं भी धीरे-धीरे खत्म हो गयीं. वर्तमान में नगर प्रशासन शहर से एकत्रित ठोस व तरल कचरे को राष्ट्रीय राजमार्ग 319 स्थित लकड़ी मोड़ के समीप खुले में फेंककर जला रहा है. इससे दुर्गंध और धुएं की समस्या उत्पन्न हो रही है. एनएच 319 से गुजरने वाले यात्रियों और बहटूटियां जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. यहां मृत पशुओं को भी फेंका जाता है. प्रतिदिन कचरे में आग लगाने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है.

मशीन से जैविक खाद बनाने की थी योजना

नगर पंचायत की योजना थी कि शहर के कचरे को अलग-अलग कर जैविक खाद तैयार की जाये. इससे एक ओर शहरवासियों को प्रदूषण से राहत मिलती, तो दूसरी ओर किसानों को सस्ती जैविक खाद उपलब्ध होती. साथ ही मजदूरों को रोजगार देने की भी योजना थी. लेकिन नगर प्रशासन के ढुलमुल रवैये के कारण योजना साकार नहीं हो सकी और लाखों रुपये की मशीनें बेकार पड़ी हैं.

क्या कहते हैं नगरवासी

1.नगर प्रशासन के लापरवाही के कारण अब तक जैविक खाद प्रसंस्करण केंद्र चालू नहीं किया गया है. इससे नगर के कचरे का निस्तारण अन्यत्र किया जाता है.

-रविकांत सिंह

2.प्रशासनिक उदासीनता के कारण लाखों रुपये की लागत से निर्मित जैविक खाद प्रसंस्करण केंद्र वर्षों से बंद पड़ा है.नगरवासियों की हित में इसे शीघ्र चालू कराना चाहिए.

-हरिहर प्रसाद सिंह

3.जैविक खाद प्रसंस्करण केंद्र चालू नहीं होने से नगर पंचायत से उठाये गये कचरे का निस्तारण सड़क किनारे किया जाता है. इस पर नगर प्रशासन को संज्ञान लेना चाहिए.

-दिलीप केसरी

4.लाखों रुपये की लागत से बने एमआरएफ सह जैविक खाद प्रसंस्करण केंद्र बंद होने से मशीनें जंग की वजह से खराब हो रही है. इस पर नगर प्रशासन को संज्ञान लेना चाहिए.

-प्रमोद दूबे, सामाजिक कार्यकर्ता

क्या कहते हैं अधिकारी

नगर पंचायत में जैविक खाद बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. वार्ड दो की एमआरएफ मशीनें पिछले कुछ महीनों से खराब पड़ी है, इसे शीघ्र मरम्मत कराने का निर्देश संबंधित कर्मियों को दी गयी है.

ओमप्रकाश सिंह, नगर इओ, कोचस

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Vikash Kumar

लेखक के बारे में

By Vikash Kumar

Vikash Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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