सासाराम ग्रामीण.
जिले में को मकर संक्रांति का त्योहार बुधवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. इस अवसर पर लोगों ने स्नान-दान किया. वहीं, विभिन्न जगहों पर मेले का आयोजन हुआ. मंगलवार की सुबह लोगों ने नदी-तालाब-सरोवर व अन्य जल स्रोतों में स्नान कर मंदिरों में पूजा-अर्चना की. दही-चूड़ा, तिलकुट व तिल खाकर लोगों ने मेले की तरफ रुख किया. मकर संक्रांति को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में मेले को लेकर खूब चहल-पहल रही, मेले के आयोजन से वहां भी शहर जैसा नजारा रहा. बच्चों ने गुल्लक, मिट्टी के खिलौने, सीटी, बाजा व अन्य सामान की खरीदारी की. शहर के बेदा डग, मोकर पुल, अमरा तालाब, गंसाडीह, सिकरिया, दरिगांव व सिंगुही सहित अन्य गांवों में मेला आयोजित किया गया. मेले को लेकर एक सप्ताह पहले से तैयारी शुरू हो गयी थी. इसमें बच्चों से लेकर वृद्धों तक ने मेले का लुत्फ उठाया. वहीं, किसान मेले में 12 किलो के मूली और चार फीट की लौकी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा.आदर्श कुशवाहा सब्जी बाजार में लगा विराट किसान मेला
मकर संक्रांति वैसे, तो कई खासियत के लिए मशहूर है. बच्चों से लेकर बूढ़े तक इस पर्व में पूरा उत्साह दिखाते हैं. लेकिन, शहर में एक स्थान ऐसा है, जहां प्रति वर्ष मकर संक्रांति के दिन किसान मेला लगता है. इसमें विभिन्न प्रकार की सब्जियों, फूल व फलों की विशाल प्रदर्शनी लगती है. बुधवार को इस अवसर पर करपुरवा भारतीगंज के पास आदर्श कुशवाहा सब्जी बाजार (छकोनवा) में करीब 155 प्रकार की सब्जियों और फलों की प्रदर्शनी लगायी गयी.
सांसद व पूर्व मंत्री ने संबंधी कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करने का दिया बलइन सब्जियों में विभिन्न किस्म की विशेषता वाली और साइज में बड़ी-बड़ी सब्जियां शामिल रहीं. मेले का उद्घाटन सांसद मनोज कुमार, पूर्व मंत्री सह बिहारशरीफ विधायक सुनील कुमार, मेयर काजल कुमारी, उप मेयर सत्यवंति देवी, जेल अधीक्षक सुजीत कुमार राय ने किया. सांसद व पूर्व मंत्री ने किसानों को जोड़ने और उनकी उपज को बेहतर करने व समझाने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया.वहीं, प्रदर्शनी को ध्यान से देखा. उन्होंने किसानों को समय देने और वास्तविक उपज पर सही मूल्य मिलने की चर्चा करते हुए बाजार को और विकसित करने की बात कहीं. वहीं, कोषाध्यक्ष कमलेश कुमार महतो ने बताया कि मेले में करीब तीन प्रकार के फल व सब्जियों को सजाया गया था. जिसमें 12 किलो की मूली, कोहड़े सहित कई फल फूल शामिल थे. अध्यक्ष अजय कुमार सिंह, उपाध्यक्ष चंदन कुशवाहा, कोषाध्यक्ष कमलेश कुमार, विनय कुमार सिंह, श्रीभगवान सिंह, धर्मेंद्र कुमार, सत्यनारायण स्वामी, जगरोपन सिंह, राजनाथ सिंह, राम अवतार मौर्य सहित कई लोग शामिल थे.50 से 150 रुपये तक बिकी लाठियां
मेले में पहाड़िया लाठी व पकौड़ी की खूब बिक्री हुई. लोगों ने पहाड़िया लाठी को शौक से खरीदा. कहा कि यह केवल मेले में ही उपलब्ध हो पाती है. पहाड़िया लाठी की कीमत 50 रुपये से 150 रुपये रखी गयी थी. बच्चों ने झूला व चरखे का जमकर मजा लिया. वहीं मदारी, बाइस्कोप सहित अन्य मनोरंजन को देखने को लेकर बच्चों में काफी उत्साह रहा.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

