ePaper

शिक्षा देने के साथ शिक्षक होते सभ्य समाज के रचयिता

Updated at : 12 Aug 2025 5:06 PM (IST)
विज्ञापन
शिक्षा देने के साथ शिक्षक होते सभ्य समाज के रचयिता

शिक्षक अपने छात्रों को केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि एक सभ्य समाज के रचयिता भी होते है.

विज्ञापन

परसथुआं. शिक्षक अपने छात्रों को केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि एक सभ्य समाज के रचयिता भी होते है. ये बातें मंगलवार को केदार नाथ उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजित विदाई सह सम्मान समारोह के दौरान प्रधानाध्यापिका विभा यादव ने कहीं. उन्होंने कहा कि शिक्षकों को विद्यालय की गतिविधियों के साथ पूरे तन-मन से शिक्षण कार्य करना चाहिए. शिक्षक को आदर्शवादी होना चाहिए, क्योंकि उनके पढ़ाए हुए छात्र अपने पसंदीदा शिक्षकों को आदर्श मान कर उनका अनुसरण करते है. समारोह का संचालन शिक्षक लव कुमार ने किया. इससे पूर्व स्कूल परिवार की ओर से स्थानांतरित और नवागत शिक्षकों को डायरी पेन के साथ अंगवस्त्र व पुष्पगुच्छ भेंट कर उन्हें सम्मानित किया गया. स्थानांतरित शिक्षकों में प्रेमशंकर तिवारी, आजाद सिंह और प्रकाश मिश्रा और नवागत शिक्षकों में लव कुमार, प्रमोद कुमार सिंह, अजीत सिंह यादव, प्रीति कुमारी, प्रियंका कुमारी शामिल थे. मौके पर प्रमोद सिंह, मुकेश राय, चितरंजन उपाध्याय, मनोज उपाध्याय, अभिषेक कुमार, रितिका राज, निर्मला कुमारी, परमशीला कुमारी और इन्द्रकला पाल सहित अन्य कई उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ANURAG SHARAN

लेखक के बारे में

By ANURAG SHARAN

ANURAG SHARAN is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन