रोहतास के शिवसागर में फ्लाईओवर बना झरना, पहली बारिश ने एनएच-19 के निर्माण की खोली पोल, जलजमाव से उठे सवाल

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NH-19 बना तालाब

Sasaram NH-19 Drainage Issue : रोहतास के शिवसागर में पहली ही बारिश में एनएच-19 फ्लाईओवर पर जलजमाव ने ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोल दी. पानी झरने की तरह नीचे गिरता रहा और सर्विस लेन तालाब बन गई. लोगों ने निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए एनएचएआई से जल्द सुधार और तकनीकी जांच की मांग की है.

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Sasaram NH-19 Drainage Issue : रोहतास जिले के शिवसागर में बुधवार शाम हुई तेज बारिश ने एनएच-19 फ्लाईओवर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी. बारिश शुरू होने के कुछ ही देर बाद फ्लाईओवर के ऊपर पानी जमा हो गया और निकासी का रास्ता नहीं मिलने पर पानी किनारों से तेज धार बनाकर नीचे गिरने लगा. कुछ समय के लिए पुल के नीचे झरने जैसा नजारा देखने को मिला. वहीं फ्लाईओवर के दोनों तरफ बनी सर्विस लेन भी पानी से भर गई, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ.

सर्विस लेन बनी तालाब, पानी में गुजरते रहे वाहन

बारिश के दौरान सर्विस लेन पर जलजमाव की स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि सड़क तालाब जैसी नजर आने लगी. छोटे और बड़े वाहन पानी के बीच से गुजरने को मजबूर दिखे. कई जगहों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई, जिससे कुछ देर के लिए जाम जैसी स्थिति भी बनी रही.

स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश ज्यादा देर तक नहीं हुई थी, इसके बावजूद फ्लाईओवर पर पानी जमा हो गया. उनका कहना है कि अगर थोड़ी सी बारिश में यह हाल है, तो लगातार मानसून के दौरान हालात और बिगड़ सकते हैं.

Sasaram News : ड्रेनेज सिस्टम पर उठे बड़े सवाल

लोगों का कहना है कि पानी की उचित निकासी नहीं होने के कारण वह लंबे समय तक फ्लाईओवर पर जमा रहा और फिर एक साथ नीचे गिरता रहा. इससे साफ होता है कि ड्रेनेज सिस्टम कहीं न कहीं फेल हो रहा है. स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि तकनीकी जांच कराकर जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए. उनका यह भी कहना है कि इतनी बड़ी परियोजना में बारिश के पानी की निकासी का पुख्ता इंतजाम होना चाहिए था. पहली ही तेज बारिश में ऐसी स्थिति सामने आना निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा करता है.

Drainage Issue : करोड़ों की लागत से बना फ्लाईओवर, फिर भी परेशानी

जानकारी के अनुसार करीब चार वर्षों के लंबे निर्माण कार्य के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई की देखरेख में इस फ्लाईओवर का निर्माण कराया गया था. इस परियोजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे. इसका मुख्य उद्देश्य बाजार क्षेत्र में लगने वाले जाम से राहत दिलाना और एनएच-19 पर सुचारू यातायात सुनिश्चित करना था.

लेकिन पहली ही तेज बारिश में सामने आई तस्वीरों ने इस पूरी परियोजना की गुणवत्ता और योजना पर सवाल खड़े कर दिए हैं. लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी लागत के बावजूद बुनियादी सुविधाओं का अभाव चिंताजनक है.

Rohtas News : व्यस्त हाईवे पर खतरा बन सकता है जलजमाव

एनएच-19 पूर्वी भारत के सबसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्गों में गिना जाता है. यहां रोजाना हजारों की संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं. ऐसे में फ्लाईओवर और सर्विस लेन पर जलजमाव भविष्य में सड़क की मजबूती और यातायात सुरक्षा दोनों के लिए खतरा बन सकता है.

स्थानीय लोगों ने एनएचएआई से मांग की है कि पूरे फ्लाईओवर और सर्विस लेन की तकनीकी जांच कराकर जल्द से जल्द सुधार किया जाए, ताकि मानसून के दौरान इस तरह की समस्या दोबारा न हो.

एनएचएआई अधिकारी से संपर्क नहीं हो सका

इस मामले में एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रंजीत कुमार वर्मा से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनके मोबाइल पर कई बार कॉल करने के बावजूद बात नहीं हो सकी. ऐसे में इस पूरे मामले पर उनका पक्ष सामने नहीं आ पाया है.

पहली ही बारिश में फ्लाईओवर की पोल खुलने से लोगों में नाराजगी है. अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि संबंधित विभाग कब तक इस समस्या का स्थायी समाधान करता है और आने वाले मानसून से पहले व्यवस्था को दुरुस्त किया जाता है.

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