सासाराम में शिक्षकों ने एमएलसी के सामने खोला मोर्चा, स्कूलों की बदहाली पर उठाए सवाल

बैठक की तस्वीर
Sasaram News: सासाराम में आयोजित शिक्षक संवाद कार्यक्रम में शिक्षकों ने स्कूलों की बदहाल स्थिति, बिजली-पानी की समस्या, कमरों और फर्नीचर की कमी सहित कई मुद्दों को एमएलसी जीवन कुमार के सामने उठाया. शिक्षकों ने सेवा निरंतरता और मॉडल स्कूल चयन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए.
Sasaram News:(आरिफ खान) रोहतास जिले के सासाराम स्थित सर्किट हाउस में रविवार को शिक्षक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी जीवन कुमार के साथ जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे शिक्षकों ने स्कूलों की बदहाल स्थिति और सेवा संबंधी समस्याओं को लेकर खुलकर अपनी बात रखी. बैठक के दौरान शिक्षकों ने कहा कि सरकार लगातार विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने पर जोर दे रही है, लेकिन छात्रों की संख्या के अनुसार बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं. इससे पठन-पाठन व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है.
कहीं पानी नहीं, कहीं कमरों और बेंच की कमी
शिवसागर प्रखंड के उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय थनुआ सहित कई स्कूलों के शिक्षकों ने बताया कि विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का भारी अभाव है। कई स्कूलों में चापाकल तक नहीं है, जिससे गर्मी के मौसम में बच्चों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ता है. शिक्षकों ने कहा कि कई विद्यालयों में छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन पर्याप्त कमरे नहीं हैं. बच्चों के बैठने के लिए बेंच और फर्नीचर की भी भारी कमी बनी हुई है.
बिजली व्यवस्था बदहाल, नहीं चल रहे पंखे और कंप्यूटर
बैठक में शिक्षकों ने स्कूलों की बिजली व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि कई विद्यालयों में कंप्यूटर लैब तो बना दिए गए हैं, लेकिन बिजली नहीं रहने से कंप्यूटर उपयोग में नहीं आ पा रहे हैं. स्थिति यह है कि कई स्कूलों में पंखे तक नहीं चल रहे हैं, जिससे भीषण गर्मी में बच्चों और शिक्षकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
शिक्षकों ने सेवा संबंधी समस्याएं भी उठाईं
संवाद कार्यक्रम में शिक्षकों ने सेवा निरंतरता, गैजेटेड दर्जा और कार्य अवधि से जुड़ी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया. शिक्षकों ने सवाल किया कि जब बच्चों की छुट्टी सुबह 10:30 बजे हो जाती है तो शिक्षकों को दोपहर 12:30 बजे तक स्कूल में क्यों रोका जाता है. उन्होंने यह भी कहा कि जब शैक्षणिक कार्य स्थगित रहता है, तब भी शिक्षकों को पूरे समय विद्यालय में उपस्थित रहने के लिए कहा जाता है.
मॉडल स्कूल चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल
शिक्षकों ने मॉडल स्कूल चयन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि बिहार के अन्य जिलों की तुलना में रोहतास में अलग व्यवस्था अपनाई गई. जहां अन्य जिलों में अनुभव के लिए 20 अंक निर्धारित किए गए, वहीं रोहतास में केवल 10 अंक दिए गए.
गैजेटेड दर्जा देने की मांग
बैठक में शिक्षकों ने मांग की कि प्रधानाचार्य और स्कूल प्रमुखों को गैजेटेड ऑफिसर का दर्जा दिया जाए तथा सभी कैडर के शिक्षकों को सेवा निरंतरता का लाभ मिले.
एमएलसी ने दिया समाधान का आश्वासन
सभी समस्याएं सुनने के बाद एमएलसी जीवन कुमार ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों और स्कूलों की समस्याओं को संबंधित विभाग और सदन में प्रमुखता से उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा.
बैठक में रंजन कुमार प्रसाद, संजय कुमार, अमित राठौर, संतोष सिंह, जगन्नाथ सिंह, बबलू सिंह, राजू सिंह, अरविंद तिवारी, रुस्तम अंसारी, राजेंद्र गुप्ता, अखिलेश चंद्र गुप्ता, सत्यनारायण चौधरी, देवेंद्र कुमार, राकेश कुमार सिंह, अमरेश कुमार और राजेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे.
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