फरक्का जल संधि पर जदयू का केंद्र के खिलाफ मोर्चा: 12 जिलों में चलेगा अभियान, 2050 तक की जरूरतों को शामिल करने की मांग
शहर के परिषदन में फरक्का संधि पर प्रेस वार्ता करते जदयू जिलाध्यक्ष, विधायक व अन्य | Prabhat Khabar Network
जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने फरक्का जल समझौते के नवीनीकरण को लेकर बिहार के अधिकारों की रक्षा के लिए विरोध का बिगुल फूंका है. पार्टी ने 1996 की संधि को बिहार के हितों के खिलाफ बताते हुए 2050 तक की जल जरूरतों को प्राथमिकता देने की मांग की है.
Farakka Water Agreement: भारत और बांग्लादेश के बीच हुए फरक्का जल समझौते के नवीनीकरण को लेकर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने कड़ा एतराज जताते हुए बिहार के अधिकारों की रक्षा के लिए विरोध का बिगुल फूंक दिया है. रोहतास जिला जदयू द्वारा सासाराम में ‘फरक्का जल संधि पर नीतिगत संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. पार्टी ने स्पष्ट किया है कि 1996 की यह संधि बिहार के हितों के बिल्कुल खिलाफ रही है और नए समझौते में राज्य की 2050 तक की जल जरूरतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.
गंगा किनारे के 12 जिलों में चलेगा जनजागरण अभियान
जदयू जिलाध्यक्ष बिंदा चंद्रवंशी ने प्रेस वार्ता में बताया कि फरक्का बराज और जल संधि के प्रतिकूल प्रभावों से बिहार को होने वाले गंभीर नुकसान को लेकर जनता के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. यह अभियान गंगा तट पर स्थित 12 प्रमुख जिलों—बक्सर, भोजपुर, सारण, पटना, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, खगड़िया, भागलपुर और कटिहार में व्यापक संवाद के रूप में आयोजित होगा. इस पूरे अभियान का समापन कटिहार जिले में किया जाएगा.
राज्यसभा में भी उठा मुद्दा, नई संधि में बिहार को मिले प्राथमिकता
नोखा विधायक नागेंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने राज्यसभा में पूरी मजबूती के साथ इस विषय को उठाया है और मौजूदा शर्तों पर संधि के नवीनीकरण का विरोध दर्ज कराया है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि यदि कोई नया जल समझौता होता है, तो उसमें बिहार की आगामी 2050 तक की सिंचाई, पेयजल और पर्यावरणीय आवश्यकताओं का पूरा ख्याल रखा जाए.
शुष्क मौसम में घटता प्रवाह बना संकट की वजह
जदयू नेताओं ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि शुष्क मौसम में फरक्का के समीप गंगा का प्रवाह सिमटकर महज 400 क्यूमेक रह जाता है, जिससे बिहार के जल प्रबंधन, भूजल स्तर और प्राकृतिक संसाधनों पर विनाशकारी असर पड़ता है. पार्टी ने केंद्र सरकार से मांग की है कि संधि की समीक्षा करते समय बिहार के हिस्से का पानी सुनिश्चित किया जाए. कार्यक्रम में रिंकु सिंह, संजय पटेल, अलख निरंजन श्रीवास्तव, संजय सिंह, रेहाना खातून, तौसीफ आलम, असलम अंसारी सहित कई नेता मौजूद रहे.
आपके शहर में
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए