मांझी. नगर पंचायत मांझी में कचरा निस्तारण के लिए दो साल में भी जमीन की तलाश नहीं सकी. इस तरह नियम विरुद्ध शहर के कचरा को नगर पंचायत के तालाब के अलावा बस्ती के आसपास के सड़को के किनारे गिरा दिया जा रहा है. वहीं पर उसके निस्तारण के लिए आग भी लगा दी जा रही है. इससे राह चलने वाले लोगों को कचरा की दुर्गंध और आग लगने से निकलने वाली धुएं से परेशानी महसूस हो रही है. सड़क के किनारे ही कचरा गिरा कर उसमें आग लगाए जाने से जब धुंआ निकलता है तो आवासीय क्षेत्र का वातावरण भी प्रदूषित होता है. इस तरह लोग कई तरह की बीमारियों के भी चपेट में आ सकते हैं. फिर भी नगर पंचायत का कचरा निस्तारण के लिए जमीन की तलाश नहीं कर पा रहा है. जबकि नगर पंचायत क्षेत्र व आसपास के ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर सरकारी भूमि उपलब्ध है. जहां पर कचरा निस्तारण का कार्य किया जा सकता है. लेकिन इसे नजर अंदाज कर गैर जिम्मेदराना ढंग से सड़क के किनारे सफाई की गयी कचरा को फेंका जा रहा है.
सड़क व गांव के पोखरे में कचरा गिराने से लोगों को परेशानी
नगर पंचायत से प्रतिदिन निकलने वाले कचरा को नगर पंचायत के मोहल्लों के अलावा सड़क किनारे कचरा डालने से सड़क से गुजरने वाले लोगो को लोगों को भी परेशानी होती है. अब सड़क के किनारे कचरा गिराने को लेकर लोग आपत्ति भी जता रहे हैं. इसके बाद कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा कचरा निस्तारण के लिए जगह की तलाश की जा रही है. अब उनके द्वारा अंचलाधिकारी से क जमीन की तलाश करने के लिए अनुरोध करने की तैयारी की जा रहा है. ताकि कचरा निस्तारण के लिए कोई जगह निश्चित हो सके.नगर पंचायत के इओ ने क्या कहा
कचरा निस्तारण के लिए जमीन की तलाश नहीं हो सकी है. इस वजह से फिलहाल सड़क के किनारे कचरा गिराया जाता है. जमीन की तलाश करने के लिए सीओ को पत्र लिखा गया हैं. इसके बाद चिन्हित जगह पर ही कचरा निस्तारण किया जायेगा.रक्षा लोहियाकार्यपालक पदाधिकारीनगर पंचायत, मांझी
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