शास्त्रीय संगीत समारोह में बिखरी कला की छटा

Author Alok kumar
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शास्त्रीय संगीत समारोह में बिखरी कला की छटा

हरिहर क्षेत्र सोनपुर स्थित लोक सेवा आश्रम परिसर स्थित कला मंच पर शास्त्रीय संगीत सम्मेलन के दौरान स्वर-लहरियां जमकर बरसी

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सोनपुर. हरिहर क्षेत्र सोनपुर स्थित लोक सेवा आश्रम परिसर स्थित कला मंच पर शास्त्रीय संगीत सम्मेलन के दौरान स्वर-लहरियां जमकर बरसी. सुर-लय-ताल से सजी इस संगीत संध्या में कलाकारो ने अपने अपने स्वर-लय और कला से खूब वाह-वाही लूटी. अवसर था लोक सेवा आश्रम की ओर से आयोजित 85वां शस्त्रीय संगीत सम्मेलन व बाबा राम लखन दास जी की 56वीं पुण्य तिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा का. सबसे पहले सभी ने बाबा रामलखन दास व बाबा रामदास के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया. इसके बाद कार्यक्रम का शुभारंभ पूरे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर संत विष्णुदास उदासीन उर्फ मौनी बाबा ने किया. इस अवसर पर लोक सेवा आश्रम से जुड़े लाला बाबा, नित्यानंद सिंह, हरिमोहन यादव, विश्वनाथ सिंह, नरेशु सिंह, राजेश कुमार सिंह, सुनील कुमार यादव, मनीष कुमार, लाल बाबू पटेल, दामोदर कुमार, सुबोध कुमार सिंह, अधिवक्ता जय मूर्त शर्मा, सतन शर्मा, धर्मनाथ महतो, अधिवक्ता संघ सोनपुर के महासचिव अभय कुमार सिंह, सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे. कार्यक्रम की शुरूआत आदित्या श्रीवास्तव एवं साथी द्वारा प्रस्तुत गणेश वन्दना एवं गंगा अवतारण नृत्य से हुई, नृत्य नाटिका में गंगा की भूमिका में आदित्या, शिव एवं भागीरथ की भूमिका में अमित कुमार के साथ नाटिका को कथा के द्वारा प्रस्तुत करने में खुशी कुमारी गुप्ता, मिनाक्षी पांडेय, स्नेहा पांडेय, श्रेया पांडेय, विनीता कुमारी व सलोनी कुमारी ने नृत्य की भाव भंगिमाओं एवं मुद्राओं से दर्शकों को भाव विभोर कर दिया. वहीं नाटिका में काल्पनिक पात्र कालिमा ने दर्शकों को खासा प्रभावित किया. कालिमा के पात्र ने गंगा की अविरल धारा के साथ प्रवाहित हो रहे प्रदूषण की छवि को प्रदर्शित कर इसके नकारात्मक पक्ष को दर्शकों के समक्ष रखा. जिसके बाद सौपर्ण चक्रवर्ती एवं सुदीप चटर्जी द्वारा वायलिन वादन प्रदर्शित कर उपस्थित दर्शको व श्रोताओं को सराबोर किया. कलाकारो का सशक्त कला-कौशल ने सभी को प्रभावित किया और तालियों की गड़गड़ाहट से लोक सेवा आश्रम परिसर गूंज उठा. प्रस्तुत करते हुए संगीत स्वर-लहरियों को आगे बढ़ाया.इसके बाद सेवानिवृत्त जिला जज दिनेश शर्मा के नेतृत्व में स्वर-लय-संवाद का आयोजन हुआ. पंडित कार्तिक माजी के गायन, पंडित बप्पादित्य उपाध्याय, आर्यन शंकर के तबला और पंडित मिलन कुमार के मोहन वीणा, पंडित देवकुमार दे का बासुरी ने एक अलग ही अंदाज में महौल खुशनुमा बनाया. उद्घोषक डा.अशोक कुमार सिंह गौतम, आचार्य चन्द्र किशोर पराशर ने भी अपनी आवाज से श्रोताओ को प्रभावित किया.

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