छपरा में प्रेशर हॉर्न और मॉडिफाइड साइलेंसर से बढ़ी परेशानी, लोग बोले- सिर्फ हेलमेट चेकिंग से नहीं चलेगा काम

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सारण जिले में प्रेशर हॉर्न और मॉडिफाइड साइलेंसर लगे वाहनों का शोर लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है. खासकर स्कूल, अस्पताल और शांत क्षेत्रों के आसपास तेज आवाज से जनजीवन अस्त-व्यस्त है. लोगों की शिकायतों पर परिवहन विभाग ने कार्रवाई का भरोसा दिया है.

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सारण जिला मुख्यालय में प्रेशर हॉर्न और मॉडिफाइड साइलेंसर लगे वाहनों से लोग परेशान हैं. छपरा शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों के अलावा स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, क्लीनिक और अन्य संस्थानों के आसपास तेज आवाज वाले हॉर्न बजाने की शिकायतें सामने आ रही हैं. लोगों का कहना है कि जिला परिवहन विभाग की ओर से हेलमेट चेकिंग पर तो लगातार जोर दिया जाता है, लेकिन प्रेशर हॉर्न, मॉडिफाइड साइलेंसर और तेज गति से बाइक चलाने वालों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है.

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कई लोगों ने आरोप लगाया कि शहर में युवा मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं. रात के समय इनसे होने वाला तेज शोर लोगों की परेशानी और बढ़ा देता है. वहीं, विभाग का कहना है कि अभियान लगातार चलाया जा रहा है और जल्द ही वाहनों में लगे हॉर्न व साइलेंसर की भी विशेष जांच की जायेगी.

हॉर्न और साइलेंसर में बदलाव करना नियमों के खिलाफ

मानक के अनुरूप वाहन में लगे हॉर्न या साइलेंसर में बदलाव करना नियमों के खिलाफ है. इसके बावजूद कई बाइक चालक अपनी गाड़ी को अलग लुक और तेज आवाज देने के लिए साइलेंसर में बदलाव कराते हैं. इसी तरह वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने का भी चलन बढ़ा है.

शहर में 12 से 25 वर्ष तक के युवाओं के बीच ऐसे मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल अधिक होने की बात स्थानीय लोगों ने कही. तेज गति और लहरिया कट तरीके से बाइक चलाने के साथ तेज हॉर्न का इस्तेमाल दुर्घटना का खतरा भी बढ़ाता है.

अस्पताल और स्कूल के आसपास ज्यादा परेशानी

प्रेशर हॉर्न का सबसे अधिक असर शांत क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है. अस्पताल, शिक्षण संस्थान, न्यायालय, समाहरणालय और पूजा स्थलों के आसपास तेज आवाज लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है. लोगों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर वाहनों की जांच और कार्रवाई नियमित रूप से होनी चाहिए.

10 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान

मोटर वाहन नियमों के तहत प्रतिबंधित या मानक के विपरीत हॉर्न के इस्तेमाल पर कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान है. नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन चालक के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जा सकती है. लगातार नियम तोड़ने की स्थिति में लाइसेंस संबंधी कार्रवाई भी हो सकती है.

तेज हॉर्न का इस्तेमाल सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक माना जाता है. अचानक तेज आवाज सुनकर सामने या आसपास चल रहा चालक घबरा सकता है, जिससे दुर्घटना की स्थिति बन सकती है.

इन इलाकों में ज्यादा परेशान कर रहे बाइकर्स

स्थानीय लोगों के अनुसार दरोगा राय चौक से थाना चौक, बरहमपुर से दरोगा राय चौक, बूटी मोड़-दौलतगंज से गुदरी रोड, कटहरी बाग से साहिबगंज चौक, छोटा बरहमपुर से निचला रोड और शहर के कई नये बने मोहल्लों की सड़कों पर तेज रफ्तार बाइकर्स और मॉडिफाइड साइलेंसर वाले वाहन अधिक परेशानी पैदा कर रहे हैं.

लगातार शोर से स्वास्थ्य पर भी असर

विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक तेज आवाज के संपर्क में रहने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है. लगातार शोर से सुनने की क्षमता प्रभावित होने, मानसिक तनाव और बेचैनी बढ़ने तथा रात में नींद प्रभावित होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. लंबे समय तक ध्वनि प्रदूषण के संपर्क में रहने से हृदय और रक्तचाप संबंधी समस्याओं का जोखिम भी बढ़ सकता है. बच्चों में अत्यधिक शोर पढ़ाई और एकाग्रता को प्रभावित कर सकता है.

क्या बोले शहर के लोग

"सबसे ज्यादा परेशानी मॉडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न से हो रही है. कई बार ऐसा लगता है कि तेज आवाज से हार्ट अटैक हो जायेगा." — प्रीति राज, मौना चौक

"प्रेशर हॉर्न की वजह से कई बार मेरी हार्टबीट बढ़ गयी है. लहरिया कट की वजह से दुर्घटना होते-होते बची हूं." — सरिता देवी, मौना नीम

"सरकार को प्रेशर हॉर्न, लहरिया कट और मॉडिफाइड साइलेंसर वालों पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए." — अनीता सिन्हा, साहिबगंज

"छपरा शहर में ऐसे लोगों पर प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है. एक-एक बाइक की जांच होनी चाहिए." — निखिल कुमार, नगर पालिका चौक

"यही स्थिति रही तो शहर और जिले के कई लोग ध्वनि प्रदूषण की वजह से बीमार पड़ सकते हैं. दुर्घटनाएं भी बढ़ेंगी." — मनोज कुमार, गुदरी बाजार

"कल ही मैं एक लहरिया कट बाइकर की चपेट में आने से बचा हूं. हॉर्न इतना तेज बजा रहे हैं कि झटका लग रहा है." — साहिल अंसारी, सलापतगंज

अधिकारी बोले- रोज चल रहा है अभियान

जिला परिवहन पदाधिकारी, सारण लतीफुर्र रहमान ने कहा कि लगातार अभियान चलाया जा रहा है. जल्द ही एक-एक बाइक के हॉर्न और साइलेंसर की जांच के लिए भी अभियान शुरू किया जायेगा. लहरिया कट तरीके से बाइक चलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जायेगी.

नोट: फोटो नंबर  19 सीएचपी 3 है कैप्सन होगा-सरिता देवी | Prabhat Khabar Network
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नोट: फोटो नंबर  19 सीएचपी 4 है कैप्सन होगा-अनीता सिंहा | Prabhat Khabar Network
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नोट: फोटो नंबर  19 सीएचपी 5 है कैप्सन होगा-निखिल | Prabhat Khabar Network
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नोट: फोटो नंबर  19 सीएचपी 6 है कैप्सन होगा-मनोज कुमार | Prabhat Khabar Network
नोट: फोटो नंबर 19 सीएचपी 6 है कैप्सन होगा-मनोज कुमार | Prabhat Khabar Network
 नोट: फोटो नंबर  19 सीएचपी 6 है कैप्सन होगा-मनोज कुमार | Prabhat Khabar Network
 नोट: फोटो नंबर 19 सीएचपी 6 है कैप्सन होगा-मनोज कुमार | Prabhat Khabar Network

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