सारण में नई चीनी मिल की तैयारी तेज, तरैया के रामकोला में 73.78 एकड़ भूमि चिह्नित

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तरैया के रामकोला में नई चीनी मिल खुलने की खबर सुनकर किसानों में खुशी की लहर @ गन्ना उद्योग विभाग ने तरैया अंचल के रामकोला की भूमि को प्राथमिकता देते हुए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू करने का दिया निर्देश

सारण जिले में नई चीनी मिल की स्थापना को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है. तरैया अंचल के रामकोला में 73.78 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है, जो नई चीनी मिल के लिए उपयुक्त पाई गई है. यह पहल राज्य सरकार की 'समृद्ध उद्योग–सशक्त बिहार' योजना के तहत की जा रही है.

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Saran News: सारण जिले में नई चीनी मिल की स्थापना को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं. गन्ना उद्योग विभाग ने मढ़ौरा के बजाय तरैया अंचल के रामकोला में नई चीनी मिल स्थापित करने की दिशा में पहल करते हुए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है. विभाग की ओर से 16 जुलाई 2026 को जारी पत्र में तरैया की भूमि को नई चीनी मिल की स्थापना के लिए उपयुक्त बताया गया है.

विभागीय पत्र के अनुसार तरैया अंचल के रामकोला फार्म में लगभग 73.78 एकड़ भूमि नई चीनी मिल की स्थापना के लिए उपयुक्त पाई गई है. इसके साथ ही राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रावधानों के तहत भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव शीघ्र भेजने का निर्देश दिया गया है. विभाग ने परियोजना के लिए आसपास की 26 एकड़ अतिरिक्त भूमि भी चिह्नित करने को कहा है.

'समृद्ध उद्योग–सशक्त बिहार' योजना के तहत होगी पहल

नई चीनी मिल की स्थापना राज्य सरकार की 'समृद्ध उद्योग–सशक्त बिहार' योजना के तहत प्रस्तावित है. योजना का उद्देश्य बंद पड़ी चीनी मिलों का पुनर्जीवन, नए उद्योगों की स्थापना, रोजगार के अवसर सृजित करना और औद्योगिक विकास को गति देना है.

मढ़ौरा चीनी मिल को लेकर भी जारी है मांग

वर्ष 1994 से बंद पड़ी ऐतिहासिक मढ़ौरा चीनी मिल के पुनरुद्धार की मांग लंबे समय से उठती रही है. ऐसे में रामकोला में नई चीनी मिल की स्थापना की दिशा में पहल शुरू होने के बाद क्षेत्र में नई चर्चा शुरू हो गई है. तरैया और आसपास के किसानों में इस खबर से उत्साह का माहौल है. अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की रिपोर्ट और राज्य सरकार के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं.

चीनी मिल से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर : जनप्रतिनिधि

तरैया प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि धनवीर कुमार सिंह 'विक्कू' ने कहा कि नई चीनी मिल शुरू होने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और किसान नगदी फसल के रूप में गन्ने की खेती की ओर आकर्षित होंगे.

माधोपुर के मुखिया एवं जदयू नेता सुशील सिंह ने कहा कि दियारा क्षेत्र के किसानों को हर वर्ष बाढ़ और सुखाड़ के कारण फसलों के नुकसान का सामना करना पड़ता है. यदि चीनी मिल शुरू होती है तो किसान बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती करेंगे, जिससे उन्हें बेहतर आय मिलेगी और प्राकृतिक आपदाओं का असर भी अपेक्षाकृत कम होगा.

उन्होंने कहा कि क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधि और किसान भी नई चीनी मिल की संभावना से उत्साहित हैं और जल्द परियोजना पर अंतिम स्वीकृति मिलने की उम्मीद कर रहे हैं.

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मनोज कुमार

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