सीवान के नगरा में डोर-टू-डोर टीबी स्क्रीनिंग अभियान तेज, 27 हजार लोगों की जांच का लक्ष्य

Author Md Ayub|Edited by Vivek Ranjan
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फोटो कैप्शन.टीबी स्क्रीनिंग करते स्वास्थ्यकर्मी. | Prabhat Khabar Network

.टीबी स्क्रीनिंग करते स्वास्थ्यकर्मी. | Prabhat Khabar Network

सारण के नगरा प्रखंड में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत डोर-टू-डोर टीबी स्क्रीनिंग अभियान गति पकड़ रहा है. अब तक 20 हजार लोगों की जांच हो चुकी है और 53 टीबी मरीजों की पहचान की गई है, जिनका इलाज जारी है.

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सारण: राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (टीबी मुक्त भारत अभियान) के तहत नगरा प्रखंड में डोर-टू-डोर टीबी स्क्रीनिंग अभियान तेज गति से चलाया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर पहुंचकर संभावित मरीजों की पहचान कर रही है, ताकि समय पर जांच कर टीबी रोगियों का उपचार शुरू किया जा सके.

27 हजार लोगों की स्क्रीनिंग का मिला लक्ष्य

सीएचसी नगरा के एसटीएस विकास श्रीवास्तव ने बताया कि जिला स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर नगरा प्रखंड में करीब 27 हजार लोगों की टीबी स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके तहत अब तक लगभग 20 हजार लोगों की जांच पूरी की जा चुकी है, जबकि शेष लोगों की स्क्रीनिंग डोर-टू-डोर अभियान और विशेष शिविरों के माध्यम से तेजी से जारी है.

सात माह में 53 टीबी मरीजों की हुई पहचान

विकास श्रीवास्तव ने बताया कि जनवरी से जुलाई 2026 के बीच प्रखंड में 53 टीबी मरीज चिन्हित किए गए हैं. सभी मरीजों का नियमित इलाज किया जा रहा है. उन्हें समय पर दवा उपलब्ध कराने के साथ चिकित्सकीय परामर्श और पौष्टिक आहार अपनाने के लिए भी लगातार जागरूक किया जा रहा है.

लापरवाही पर होगी विभागीय कार्रवाई : प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. द्वेषचंद्र ने बताया कि अभियान से जुड़े सभी स्वास्थ्यकर्मियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि टीबी स्क्रीनिंग या मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यदि किसी स्वास्थ्यकर्मी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी.

लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं जांच

डॉ. द्वेषचंद्र ने लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, वजन कम होना, बुखार या बलगम में खून आने जैसी शिकायत हो तो वह बिना देर किए नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं. उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में टीबी की जांच और उपचार पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है.

टीबी से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की अपील

  • दो सप्ताह से अधिक खांसी होने पर तुरंत जांच कराएं।
  • टीबी की दवा बीच में न छोड़ें, पूरा कोर्स करें।
  • मरीज पौष्टिक आहार लें और नियमित चिकित्सकीय सलाह का पालन करें।
  • टीबी की जांच और इलाज सरकारी अस्पतालों में पूरी तरह मुफ्त है।

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