छपरा में गंडक का जलस्तर 12 सेमी घटा, गंगा अब भी खतरे के निशान से 54 सेमी ऊपर

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गंड नदी

नेपाल में भारी बारिश के बाद सारण जिले में गंडक नदी के जलस्तर में आई कमी से राहत मिली है. हालांकि, गंगा नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिसपर प्रशासन की पैनी नजर है. संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे निगरानी और पेट्रोलिंग जारी है.

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Chhapra Flood News: नेपाल में हुई भारी बारिश और बाढ़ के बाद सारण जिले में गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी को लेकर बनी चिंता शनिवार को कुछ कम हुई. शुक्रवार की सुबह गंडक नदी के जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गयी थी, लेकिन शनिवार को इसमें 12 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गयी. इससे प्रशासन के साथ-साथ नदी किनारे रहने वाले लोगों ने भी राहत की सांस ली है.

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सारण बाढ़ प्रमंडल के अधिकारियों के अनुसार, गंडक नदी के जलस्तर में फिलहाल लगातार कमी दर्ज की जा रही है. शुक्रवार को जलस्तर बढ़ने के बाद आशंका जतायी जा रही थी कि आने वाले समय में नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है. हालांकि, शनिवार को जलस्तर में कमी आने से तत्काल स्थिति सामान्य बनी हुई है.

गंगा अब भी खतरे के निशान से 54 सेमी ऊपर

गंडक समेत जिले की अन्य प्रमुख नदियों के जलस्तर में कमी दर्ज होने के बावजूद गंगा नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. गांधी घाट पर गंगा का खतरे का निशान 48.60 मीटर है, जबकि शनिवार को जलस्तर 49.14 मीटर दर्ज किया गया. इस तरह गंगा अभी भी खतरे के निशान से करीब 54 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है.

शुक्रवार के मुकाबले शनिवार को गांधी घाट पर गंगा के जलस्तर में 14 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गयी है. इसके बावजूद प्रशासन की ओर से बाढ़ के खतरे को देखते हुए निगरानी और तैयारियों में किसी तरह की कमी नहीं की जा रही है.

24 घंटे नदी तट पर पेट्रोलिंग

संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है. नदी तट और संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी रखने के साथ पेट्रोलिंग की जा रही है. गंडक हाजीपुर और गंडक रेवा के जलस्तर पर प्रशासनिक पदाधिकारियों की विशेष नजर है.

जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव लगातार बाढ़ की स्थिति को लेकर अधिकारियों से फीडबैक ले रहे हैं. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षात्मक कार्यों को पूरी तरह दुरुस्त रखने और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है.

बारिश के बीच प्रशासन की तैयारी जारी

सारण जिले में शुक्रवार की रात झमाझम बारिश हुई, जबकि शनिवार की दोपहर भी बूंदाबांदी शुरू हो गयी. भारत और पड़ोसी देशों के पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही बारिश के साथ ही बिहार के सारण समेत अन्य जिलों में बारिश होने के कारण नदियों के जलस्तर में संभावित बदलाव को लेकर प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है.

अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल सभी प्रमुख नदियों में जलस्तर घट रहा है, लेकिन बारिश के मौसम को देखते हुए निगरानी और तैयारियों को जारी रखना जरूरी है.

घाघरा में भी दर्ज की गयी कमी

बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता की ओर से 29 अगस्त को जारी रिपोर्ट के अनुसार, घाघरा नदी छपरा में खतरे का निशान 53.68 मीटर है. शनिवार की सुबह यहां जलस्तर 51.36 मीटर दर्ज किया गया. शुक्रवार के मुकाबले इसमें 27 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गयी.

इसी तरह सिसवन में घाघरा नदी का खतरे का निशान 57.04 मीटर है और शनिवार को जलस्तर 55.85 मीटर दर्ज किया गया. यहां भी शुक्रवार की तुलना में 31 सेंटीमीटर की कमी आयी है.

गंडक हाजीपुर और रेवा में भी राहत

गंडक हाजीपुर का खतरे का निशान 50.32 मीटर है, जबकि शनिवार को जलस्तर 49.15 मीटर दर्ज किया गया. शुक्रवार के मुकाबले यहां 23 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गयी.

वहीं, गंडक रेवा का खतरे का निशान 54.41 मीटर है और शनिवार को जलस्तर 53.32 मीटर रहा. नेपाल की घटना के करीब 36 घंटे बाद यहां जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गयी थी, लेकिन इसके बाद 48 घंटे में 12 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गयी.

29 अगस्त को नदियों का जलस्तर

नदीखतरे का निशानवर्तमान जलस्तरबढ़ोतरी/कमी
गंगा, गांधी घाट48.60 मीटर49.14 मीटर14 सेमी कमी
गंडक, हाजीपुर50.32 मीटर49.15 मीटर23 सेमी कमी
गंडक, रेवा54.41 मीटर53.32 मीटर12 सेमी कमी
सरयू/घाघरा, सिसवन57.04 मीटर55.85 मीटर31 सेमी कमी
घाघरा, छपरा53.68 मीटर51.36 मीटर27 सेमी कमी

क्या बोले अधिकारी

बाढ़ प्रमंडल, सारण के कार्यपालक अभियंता संतोष कुमार प्रभाकर ने बताया कि नेपाल की घटना के बाद गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि होने की संभावना थी. शुक्रवार को 15 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज हुई थी, लेकिन शनिवार को जलस्तर में 12 सेंटीमीटर की कमी आयी है. फिलहाल सभी जगह स्थिति सामान्य है और जलस्तर में लगातार कमी आने की उम्मीद है.

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