Chhapra News : सदर अस्पताल में हर दिन चार शिफ्ट में सौ से अधिक मरीजों का किया जा रहा डायलिसिस

Updated at : 22 Feb 2025 6:34 PM (IST)
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Chhapra News : सदर अस्पताल में हर दिन चार शिफ्ट में सौ से अधिक मरीजों का किया जा रहा डायलिसिस

Chhapra News : सदर अस्पताल के डायलिसिस विभाग को मरीजों की सुविधा के मद्देनजर अपग्रेड किया जा रहा है. विभाग में अभी प्रतिदिन सौ से ज्यादा मरीजों का डायलिसिस किया जा रहा है.

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छपरा. सदर अस्पताल के डायलिसिस विभाग को मरीजों की सुविधा के मद्देनजर अपग्रेड किया जा रहा है. विभाग में अभी प्रतिदिन सौ से ज्यादा मरीजों का डायलिसिस किया जा रहा है. सबसे अधिक डायलिसिस में मरीजों के इलाज के लिए बिहार में सारण को पहला स्थान प्राप्त हुआ है. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के द्वारा इस भवन का उद्घाटन तीन वर्ष पूर्व किया गया था. उन्होंने उद्घाटन के समय अपने संबोधन में भी कहा था कि आने वाले समय में डायलिसिस की व्यवस्था और बेहतर की जायेगी. जो अब धरातल पर दिख रही है. उद्घाटन के दौरान इस विभाग में महज पांच बेड था. जो अब बढाकर 15 बेड का कर दिया गया है. जहां मरीज प्रतिदिन इलाज के लिए पहुंच रहे हैं और इस विभाग के व्यवस्थाओं से भी काफी प्रसन्न दिख रहे हैं. पहले डायलिसिस के लिए स्थानीय मरीजों को पटना जाना पड़ता था या शहर के कुछ गिने-चुने निजी अस्पतालों में एडमिट होना पड़ता था. लेकिन अब शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर सुविधा मिल रही है.

दवाओं से लेकर हर व्यवस्था अपडेट

डायलिसिस विभाग की व्यवस्थाओं पर अगर प्रकाश डाले तो यहां मरीजों को मिलने वाली सभी जरूरी सुविधा सरकार के तरफ से मुहैया करायी जाती हैं. दवा समेत साफ-सफाई की भी व्यवस्था काफी बेहतर है. मरीज को बाहरी दवा लाने से बिल्कुल ही मनाही की जाती है. सभी बेड पर नियमित तौर पर ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी मरीजों के एक-एक मिनट की रिपोर्ट राइटिंग पर्ची पर दर्ज करते हैं.

चार शिफ्ट में होता है डायलेसिस

डायलेसिस विभाग में मरीजों को चार शिफ्ट में इलाज की व्यवस्था है. सुबह छह से 10 बजे तक, फिर 10 बजे से दोपहर दो बजे तक, दोपहर दो से शाम छह बजे तक और शाम छह से रात के 10 बजे तक डायलिसिस की जाती है. दूर दराज से आने वाले मरीज अपने नंबर की पूछताछ के लिए मोबाइल से अपॉइंटमेंट लेते हैं और फिर अपने समय अनुसार विभाग में पहुंचकर डायलिसिस कराते हैं. वहीं कई बार गंभीर मरीज की स्थिति को देखते हुए आधे घंटे ज्यादा का भी समय लग जाता है.

क्या कहते हैं सेंटर मैनेजर

व्यवस्थाओं को और भी ज्यादा अपग्रेड किया जा रहा है. आने वाले समय में बेड की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी. दवा समेत कोई भी अन्य शुल्क नहीं लिया जाता है. कोशिश रहती है कि कोई भी दवा बाहर से ना मंगायी जाये.मुकुल कुमार सिंह

सेंटर मैनेजर

डायलिसिस विभाग

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