इमरजेंसी में जेब ढीली कर रहे छपरा जंक्शन के यात्री, जानिए प्लेटफॉर्म से लेकर सर्कुलेटिंग एरिया तक का हाल
छपरा जंक्शन की तस्वीर
Chhapra Junction: छपरा जंक्शन, एक ए-ग्रेड स्टेशन होने के बावजूद, यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित कर रहा है. सर्कुलेटिंग एरिया से लेकर प्लेटफॉर्म तक, यूरिनल जैसी आवश्यक सुविधा के लिए भी यात्रियों को 10 से 30 रुपये तक का भुगतान करना पड़ रहा है. हजारों यात्रियों के दैनिक आवागमन के बावजूद, सुविधाओं की कमी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है.
Chhapra Junction: पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल का छपरा जंक्शन ए ग्रेड स्टेशन की श्रेणी में आता है, लेकिन यहां कई जरूरी यात्री सुविधाओं का अभाव अब भी बना हुआ है. स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया से लेकर प्लेटफॉर्म संख्या एक से नौ तक यात्रियों के लिए निशुल्क यूरिनल की समुचित व्यवस्था नहीं होने की शिकायत सामने आ रही है. ऐसे में इमरजेंसी की स्थिति में यात्रियों को यूरिनल के इस्तेमाल के लिए 10 से 30 रुपये तक शुल्क देना पड़ रहा है.
आपके शहर में
यात्रियों का कहना है कि प्रतिदिन हजारों लोगों के आवागमन वाले स्टेशन पर बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त होनी चाहिए. वहीं, वातानुकूलित यात्री विश्राम गृह और वेटिंग हॉल को लेकर भी यात्रियों ने सवाल उठाये हैं.
प्रतिदिन 10 हजार से 30 हजार यात्रियों का आवागमन
छपरा जंक्शन पर सामान्य दिनों में प्रतिदिन करीब 10 से 15 हजार यात्रियों का आवागमन होने की बात बतायी गयी है. पर्व और त्योहार के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़कर करीब 30 हजार तक पहुंच जाती है. इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों के आवागमन के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की कमी यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन रही है.
यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर उपलब्ध कई सुविधाओं के लिए शुल्क देना पड़ता है. खासकर यूरिनल जैसी जरूरी सुविधा के लिए भी शुल्क लिये जाने से यात्रियों में नाराजगी है.
यूरिनल के लिए 10 से 30 रुपये तक देने की शिकायत
यात्रियों के अनुसार सर्कुलेटिंग एरिया में निशुल्क यूरिनल की समुचित व्यवस्था नहीं है. प्लेटफॉर्म पर भी सभी जगह सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण यात्रियों को परेशानी होती है.
दैनिक यात्री शैल देवी ने कहा कि छपरा जंक्शन के सर्कुलेटिंग एरिया में कहीं भी यूरिनल रूम की समुचित व्यवस्था नहीं है. इमरजेंसी की स्थिति में 10 से 30 रुपये खर्च कर इसका उपयोग करना पड़ता है. उन्होंने सर्कुलेटिंग एरिया में कम से कम 10 यूनिट का यूरिनल बनाने की मांग की.
सात और आठ नंबर प्लेटफॉर्म के यात्रियों को अधिक परेशानी
दैनिक यात्री सत्येंद्र कुमार पंडित ने कहा कि जब यात्री सात या आठ नंबर प्लेटफॉर्म पर रहता है और उसे यूरिनल की जरूरत पड़ती है तो वहां उचित व्यवस्था नहीं मिलती. ऐसे में यात्रियों को प्लेटफॉर्म नंबर एक या होम प्लेटफॉर्म की ओर जाना पड़ता है.
उन्होंने कहा कि बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए ऐसी स्थिति में परेशानी और बढ़ जाती है.
कहीं ताला तो कहीं गंदगी की शिकायत
भगवान बाजार, छपरा निवासी शिवकुमार जायसवाल ने कहा कि ए ग्रेड स्टेशन होने के बावजूद कई जगहों पर सी ग्रेड स्टेशन जैसी सुविधाएं भी नहीं हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि एक-दो प्लेटफॉर्म पर यूरिनल की व्यवस्था है, लेकिन कहीं उसमें ताला लगा रहता है तो कहीं साफ-सफाई की स्थिति ठीक नहीं रहती.
उन्होंने रेलवे प्रशासन से नियमित सफाई और सभी प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त यूरिनल की व्यवस्था करने की मांग की.
अधिकारियों के निरीक्षण के बावजूद समस्या बरकरार
दहियावां, छपरा निवासी आरती देवी ने कहा कि छपरा जंक्शन पर वाराणसी मंडल के अधिकारियों का लगातार आवागमन होता रहता है, लेकिन यात्री सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया. यात्रियों की ओर से कई बार मांग उठायी गयी है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है.
एसी वेटिंग हॉल को लेकर भी यात्रियों ने उठाये सवाल
छपरा जंक्शन पर वातानुकूलित यात्री विश्राम गृह और वेटिंग हॉल की सुविधा को लेकर भी यात्रियों में चर्चा है. यात्रियों का कहना है कि एसी कोच में सफर करने वाले यात्रियों के लिए स्टेशन पर बेहतर वातानुकूलित प्रतीक्षालय की सुविधा होनी चाहिए.
स्टेशन से रेलवे को हर महीने करोड़ों रुपये का राजस्व मिलने के बावजूद यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है. ऐसे में यात्रियों ने रेलवे से यात्री सुविधाओं में सुधार की मांग की है.
आंकड़ों में छपरा जंक्शन
- प्रतिदिन करीब 10 हजार से 30 हजार यात्रियों का आवागमन.
- हर महीने करीब 3.13 से 6 लाख यात्रियों के सफर करने का दावा.
- पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के अंतर्गत NSG-2 श्रेणी का स्टेशन.
- स्टेशन से प्रतिमाह औसतन 4 करोड़ रुपये से अधिक की आय होने की जानकारी.
सर्कुलेटिंग एरिया में यूरिनल बनाने पर होगा निर्णय
छपरा जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक राजन कुमार ने बताया कि सर्कुलेटिंग एरिया में यूरिनल रूम के निर्माण को लेकर डीसीआई के साथ बैठक कर निर्णय लिया जाएगा. उन्होंने बताया कि अन्य प्लेटफॉर्म पर दो-दो यूरिनल की व्यवस्था है. यदि वहां गंदगी की शिकायत है तो सफाई करायी जाएगी. इसके लिए मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक को पत्र लिखा जाएगा.
उन्होंने बताया कि होम प्लेटफॉर्म पर वातानुकूलित वेटिंग रूम बनकर तैयार हो चुका है. वहीं, प्लेटफॉर्म नंबर एक पर एसी वेटिंग रूम को लेकर अभी निर्णय नहीं हुआ है
यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद
छपरा जंक्शन पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है. ऐसे में यूरिनल, साफ-सफाई और प्रतीक्षालय जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर यात्रियों की मांग लंबे समय से सामने आती रही है. रेलवे प्रशासन की ओर से सर्कुलेटिंग एरिया में यूरिनल निर्माण और सफाई व्यवस्था में सुधार की बात कही गयी है. अब यात्रियों को इन सुविधाओं के धरातल पर बेहतर होने का इंतजार है.
इसे भी पढ़ें:भोजपुर के नए SP अवधेश दीक्षित क्यों हैं चर्चा में? जानिए IPS काम्या मिश्रा से उनकी खास प्रेम कहानी
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
