Chhapra News : पीएचडी प्रवेश परीक्षा में सिलेबस आधारित प्रश्नों को हल करने में सहज दिखे अभ्यर्थी

Updated at : 23 Mar 2025 10:08 PM (IST)
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Chhapra News : पीएचडी प्रवेश परीक्षा में सिलेबस आधारित प्रश्नों को हल करने में सहज दिखे अभ्यर्थी

Chhapra News : जयप्रकाश विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी प्रवेश परीक्षा 2023 का आयोजन रविवार को किया गया. इस परीक्षा के लिए शहर के राजेंद्र कॉलेज और जेपीयू मल्टीपरपस परीक्षा भवन को परीक्षा केंद्र बनाया गया था.

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छपरा. जयप्रकाश विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी प्रवेश परीक्षा 2023 का आयोजन रविवार को किया गया. इस परीक्षा के लिए शहर के राजेंद्र कॉलेज और जेपीयू मल्टीपरपस परीक्षा भवन को परीक्षा केंद्र बनाया गया था. परीक्षा नियंत्रक डॉ अशोक कुमार मिश्र ने परीक्षा की पहली पाली शुरू होने के आधे घंटे बाद मल्टीपरपस परीक्षा भवन का निरीक्षण किया, वहीं दूसरी पाली के दौरान राजेंद्र कॉलेज में भी निरीक्षण किया. परीक्षा के सभी केंद्रों पर कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण माहौल में परीक्षा संपन्न हुई. इस परीक्षा में जेपीयू सहित कुल 30 विश्वविद्यालयों के 1378 अभ्यर्थियों ने भाग लिया. पहली पाली में ऑब्जेक्टिव पेपर आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षण क्षमता और शोध आधारित प्रश्न थे. परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों के अनुसार, कुल दो सौ अंकों के दो पेपर आयोजित किए गये थे. पहले पेपर में सौ अंकों के ऑब्जेक्टिव प्रश्न थे, जिनमें शिक्षण क्षमता और शोध से संबंधित प्रश्न पूछे गये थे. कुछ प्रश्नों का उत्तर देने में अभ्यर्थियों को कठिनाई का सामना करना पड़ा. वहीं दूसरे पेपर में सौ अंकों के सब्जेक्टिव प्रश्न थे, जिनमें पीजी सिलेबस पर आधारित प्रश्न थे, जिनका उत्तर देने में अभ्यर्थी सहज दिखाई दिये. पहले पेपर में अर्थ, उद्देश्य, प्रकृति और अनुसंधान के दायरे, अनुसंधान की पूर्वापेक्षाएं, अनुसंधान के प्रकार, भाषा योग्यता, हाइस्कूल स्तर के प्रश्न, तार्किक तर्क, डेटा इंटरप्रिटेशन, कंप्यूटर और सूचना संचार प्रौद्योगिकी से संबंधित प्रश्न शामिल थे। वहीं दूसरे पेपर में जेपीयू के 17 पीजी विषयों से संबंधित प्रश्न थे.

861 सीटों पर शोध पाठ्यक्रम में होगा नामांकन

पीएचडी प्रवेश परीक्षा को उत्तीर्ण करने के लिए सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए 50 प्रतिशत क्वालीफाइंग मार्क्स निर्धारित किये गये हैं, जबकि आरक्षण श्रेणी के छात्रों के लिए न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है. इसके बाद जेपीयू के चार संकायों के 17 विभागों में कुल 861 सीटों पर शोध पाठ्यक्रम में नामांकन होगा. अभ्यर्थियों ने हिंदी में 139, दर्शनशास्त्र में 50, संस्कृत में 24, उर्दू में 60, अंग्रेजी में 27, अर्थशास्त्र में 36, भूगोल में 24, इतिहास में 55, होम साइंस में 17, राजनीति विज्ञान में 82, मनोविज्ञान में 59, बॉटनी में 26, केमेस्ट्री में 62, भौतिकी में 118, गणित में 26, जूलॉजी में 19 और कॉमर्स में 37 सीटों के लिए प्रवेश परीक्षा दी.

कई शिक्षक और अधिकारी भी पहुंचे परीक्षा देने

इस साल करीब 1700 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, हालांकि वेरिफिकेशन के बाद लगभग 1400 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होने के योग्य पाये गये. पैट परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में काफी उत्साह देखा गया. इस परीक्षा में कई शिक्षक और अधिकारी भी शामिल हुए थे. गोपालगंज से परीक्षा में शामिल होने आई सुभद्रा, सोनम सिंह, अदिति कुमारी ने बताया कि वे प्रोफेसर बनना चाहती हैं और इसी उद्देश्य के लिए उन्होंने पैट परीक्षा में भाग लिया. कई सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों ने भी इस पीएचडी प्रवेश परीक्षा में भाग लिया. अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि परीक्षा परिणाम अच्छे आएंगे और उन्हें शोध पाठ्यक्रम में नामांकन का अवसर मिलेगा.

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