स्कूल के आसपास अब नहीं चलेगी तेज रफ्तार! 100 मीटर के दायरे में 25 KM/H की सीमा, बिहार से मांगे गये सुझाव

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सुप्रीम कोर्ट

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स्कूलों के आसपास बच्चों की सुरक्षा को लेकर सड़क सुरक्षा के नियम कड़े किए जा रहे हैं. अब स्कूल जोन में 100 मीटर के दायरे में वाहनों की अधिकतम गति 25 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. बिहार के जिलों से इस व्यवस्था के क्रियान्वयन के लिए सुझाव मांगे गए हैं.

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समस्तीपुर: स्कूलों के आसपास बच्चों की सुरक्षा को लेकर सड़क सुरक्षा मानकों को सख्त करने की कवायद तेज हो गयी है. सुप्रीम कोर्ट की समिति से जुड़े तकनीकी नोट के अनुसार, अधिसूचित स्कूल जोन में स्कूल के आसपास 100 मीटर तक वाहनों की अधिकतम गति सीमा 25 किलोमीटर प्रति घंटा रखने का निर्देश दिया गया है. इसके उल्लंघन पर सामान्य से 10 गुना अधिक जुर्माने का प्रावधान बताया गया है. हालांकि, इस व्यवस्था के बिहार में प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राज्य स्तर पर जिला अधिकारियों से सुझाव मांगे गये हैं.

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5 से 14 साल के बच्चों की सुरक्षा पर जोर

समिति के अंतरिम सचिव आरके जैन की ओर से जारी तकनीकी नोट में बच्चों की सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जतायी गयी है. इसमें बताया गया है कि 5 से 14 आयुवर्ग के बच्चों के लिए सड़क हादसे मौत का एक प्रमुख कारण हैं.

तकनीकी नोट में बच्चों की उम्र के कारण खतरे को समझने और सामने से आ रहे वाहन की गति व दूरी का सही अनुमान लगाने में होने वाली कठिनाइयों का भी उल्लेख किया गया है.

30 KM/H से कम गति पर सुरक्षा की संभावना ज्यादा

तकनीकी नोट में वाहन की गति और सड़क हादसे में बच्चों की सुरक्षा के बीच संबंध का उल्लेख किया गया है. इसके अनुसार, 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से वाहन की टक्कर होने पर बच्चे के बचने की संभावना 20 फीसदी से कम रह जाती है, जबकि 30 किलोमीटर प्रति घंटा या उससे कम गति पर यह संभावना 80 फीसदी से अधिक बतायी गयी है.

इसी आधार पर स्कूल जोन में वाहनों की गति नियंत्रित करने और बच्चों के लिए सुरक्षित सड़क वातावरण तैयार करने पर जोर दिया गया है.

स्कूल जोन में कई सुरक्षा इंतजाम होंगे जरूरी

निर्देशों के तहत अधिसूचित स्कूल जोन के आसपास कई सुरक्षा मानकों को अनिवार्य करने की बात कही गयी है. इनमें स्पीड ब्रेकर, चमकीले ‘स्कूल जोन अहेड’ संकेतक, जेब्रा क्रॉसिंग, स्लो और स्कूल पेवमेंट मार्किंग तथा कम से कम दो मीटर चौड़े फुटपाथ का निर्माण शामिल है.

दिव्यांग बच्चों की सुविधा के लिए टैक्टाइल पेविंग और रैंप की व्यवस्था का भी प्रावधान बताया गया है. स्कूल के मुख्य गेट से कम से कम 20 मीटर की दूरी पर वाहन पिकअप और ड्रॉप वे बनाने की बात भी कही गयी है, ताकि स्कूल गेट के बाहर वाहनों की भीड़ कम हो और दुर्घटना का खतरा घटाया जा सके.

बिहार के जिलों से मांगे गये सुझाव

इस दिशा में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने समस्तीपुर समेत राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और समग्र शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों से स्कूल सुरक्षा क्षेत्रों को लेकर राय और महत्वपूर्ण सुझाव मांगे हैं.

जिला स्तर से प्राप्त सुझावों को संकलित कर राज्य सरकार का समेकित मंतव्य सुप्रीम कोर्ट की समिति को भेजा जायेगा. इसके बाद बच्चों के लिए सुरक्षित सड़क वातावरण तैयार करने से संबंधित व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जायेगी.

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