युवाओं को रोजगार देने की योजनाओं में बैंक बने रोड़ा? समस्तीपुर में सैकड़ों आवेदन लंबित और खारिज
प्रतीकात्मक AI तस्वीर
समस्तीपुर में बैंकों की वजह से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन और सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन जैसी स्वरोजगार योजनाएं प्रभावित हो रही हैं. हजारों आवेदन लंबित या खारिज कर दिए गए हैं, जिससे युवाओं को ऋण मिलने में भारी देरी हो रही है. यह स्थिति युवाओं के स्वरोजगार के सपनों को धूमिल कर रही है.
समस्तीपुर: जिले में बैंकों के स्तर पर आवेदनों के लंबित रहने और खारिज किये जाने से स्वरोजगार की योजनाओं की प्रगति प्रभावित हो रही है. लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति और राशि वितरण के लिए बैंक स्तर पर प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करना पड़ रहा है. प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के आंकड़े इसकी तस्वीर सामने रखते हैं.
PMEGP में 125 आवेदन अब भी बैंक स्तर पर लंबित
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 67 युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था. इसके लिए बैंकों को कुल 583 आवेदन भेजे गये. इनमें 125 आवेदन अब भी बैंक स्तर पर लंबित हैं.
कुल 104 आवेदनों को स्वीकृति मिली, जो निर्धारित लक्ष्य का 155 प्रतिशत है. इनमें 60 मामलों में ऋण की पूरी राशि वितरित कर दी गयी, जो स्वीकृत मामलों का 58 प्रतिशत है.
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के तहत 300 लाभार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. अब तक बैंकों को 60 आवेदन भेजे जाने की जानकारी दी गयी है. उपलब्ध आंकड़ों में 90 आवेदन खारिज या वापस किये जाने का भी उल्लेख है. चालू वित्तीय वर्ष में लक्ष्य के मुकाबले प्रगति फिलहाल धीमी बतायी गयी है.
सूक्ष्म खाद्य उद्योग योजना में 1342 आवेदन हुए खारिज
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को बढ़ावा दिया जा रहा है. योजना में लाभार्थियों की ओर से रुचि दिखायी गयी है, लेकिन बड़ी संख्या में आवेदनों के खारिज होने से बैंक स्तर की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं.
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 457 लाभार्थियों का लक्ष्य था. इसके विरुद्ध कुल 2,070 आवेदन जनरेट हुए. इनमें 365 आवेदनों को मंजूरी मिली, जो लक्ष्य का 80 प्रतिशत है. वहीं 261 आवेदकों को ऋण राशि वितरित की गयी, जो स्वीकृत आवेदनों का 71 प्रतिशत है.
इसी अवधि में 363 आवेदन बैंक स्तर पर लंबित रहे, जबकि 1,342 आवेदनों को बैंकों ने अस्वीकृत कर दिया.
चालू वित्तीय वर्ष में 422 आवेदन लंबित
वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी इस योजना के तहत 457 लाभार्थियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. अब तक 730 आवेदन जनरेट हुए हैं. इनमें 422 आवेदन बैंकों में लंबित हैं और 259 आवेदन रद्द किये जा चुके हैं.
अब तक केवल 50 आवेदनों को स्वीकृति मिली है, जो लक्ष्य का 11 प्रतिशत है. इनमें से सिर्फ 20 मामलों में ऋण राशि का वितरण किया गया है.
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना में 437 युवाओं का चयन
राज्य सरकार की मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 437 युवाओं का चयन किया गया था. सभी 437 लाभार्थियों को प्रथम किस्त की राशि जारी कर दी गयी है. इनमें 247 लाभार्थियों को दूसरी किस्त भी प्राप्त हो चुकी है, जबकि 85 लाभार्थियों को तीसरी और अंतिम किस्त का भुगतान किया जा चुका है.
वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 288 लाभार्थियों का चयन हुआ है. इनमें 100 लाभार्थियों का प्रशिक्षण विभाग की ओर से सफलतापूर्वक पूरा कराया जा चुका है. शेष 188 लाभार्थी फिलहाल प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं.
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