समस्तीपुर स्टेशन का मेन गेट बना टेंपो स्टैंड, जाम में फंसकर छूट रही यात्रियों की ट्रेन
स्टेशन गेट पर लगा जाम
समस्तीपुर रेलवे स्टेशन का मुख्य प्रवेश द्वार और आसपास का इलाका बदहाल ट्रैफिक और अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है. मेन गेट के सामने ऑटो-ई-रिक्शा की कतारें और फुटपाथों पर ठेले-खोमचे के कब्जे से यात्रियों को भारी मुश्किल हो रही है. इस जाम के कारण न सिर्फ यात्रियों की ट्रेन छूटने का डर सता रहा है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को भी परेशानी हो रही है.
Samastipur News: समस्तीपुर रेलवे स्टेशन शहर का मुख्य द्वार माना जाता है, लेकिन इन दिनों स्टेशन का मुख्य प्रवेश द्वार और आसपास का इलाका बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था और अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है. मेन गेट के सामने ऑटो और ई-रिक्शा की कतारें लगी रहती हैं, जबकि स्टेशन रोड के फुटपाथों पर ठेले-खोमचे वालों का कब्जा है. इससे यात्रियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
मेन गेट के सामने बना अवैध टेंपो स्टैंड
स्टेशन से बाहर निकलते ही यात्रियों को ऑटो और ई-रिक्शा की बेतरतीब कतारों का सामना करना पड़ता है. स्थानीय लोगों के अनुसार वाहन चालक मेन गेट के ठीक सामने तक गाड़ियां खड़ी कर देते हैं, जिससे आने-जाने का रास्ता संकरा हो जाता है.
जिस सड़क से आसानी से कई वाहन गुजर सकते थे, वहां वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है.
स्टेशन रोड पर फुटपाथ से सड़क तक अतिक्रमण
समस्या सिर्फ मेन गेट तक सीमित नहीं है. पूरे स्टेशन रोड पर फुटपाथों पर पक्के और कच्चे ठेले-खोमचे लगे हुए हैं. बची हुई सड़क पर ऑटो, ई-रिक्शा और निजी वाहन आड़े-तिरछे खड़े रहते हैं.
इस कारण स्टेशन रोड पर सुबह से रात तक रुक-रुककर जाम लगता रहता है. राहगीरों को मजबूरी में मुख्य सड़क पर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है.
जाम में फंसकर ट्रेन छूटने का डर
ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है. जाम के कारण कई बार यात्रियों को समय पर स्टेशन पहुंचने में दिक्कत होती है. जल्दबाजी में लोगों को भारी सामान लेकर पैदल ही स्टेशन की ओर दौड़ लगानी पड़ती है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेशन पहुंचने के लिए अब यात्रियों को काफी पहले घर से निकलना पड़ता है, फिर भी मेन गेट के पास जाम मिलने से ट्रेन छूटने का डर बना रहता है.
एंबुलेंस और दमकल भी जाम में फंसने का खतरा
स्टेशन रोड की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था का असर आपातकालीन सेवाओं पर भी पड़ सकता है. स्थानीय लोगों के अनुसार एंबुलेंस और दमकल जैसी आवश्यक सेवाओं के वाहनों को भी भीड़भाड़ वाले इस मार्ग से गुजरने में परेशानी होती है.
फुटपाथ पर अतिक्रमण और सड़क पर खड़े वाहनों के कारण आपात स्थिति में रास्ता खाली कराने में भी समय लग सकता है.
क्या कहते हैं यात्री और स्थानीय लोग
स्टेशन रोड निवासी व्यवसायी बद्री गोयनका ने बताया कि स्टेशन पहुंचने के लिए उन्हें अक्सर आधा घंटा पहले निकलना पड़ता है. उनका कहना है कि मेन गेट के सामने ऑटो और ई-रिक्शा खड़े रहने से पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रहती है.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और नगर निगम की ढुलमुल कार्रवाई के कारण अवैध स्टैंड संचालकों और अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं. लोगों ने स्टेशन रोड को अतिक्रमण मुक्त कराने और मेन गेट के सामने वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग पर रोक लगाने की मांग की है.
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