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Samastipur News:जलवायु अनुकूल परियोजना दुनिया को दिखायेगी नयी राह : डा पाठक

Updated at : 26 Dec 2025 6:58 PM (IST)
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Samastipur News:जलवायु अनुकूल परियोजना दुनिया को दिखायेगी नयी राह : डा पाठक

डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में तीन दिवसीय अनुसंधान परिषद की 20वीं बैठक शुरु हुई.

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Samastipur News:पूसा : डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में तीन दिवसीय अनुसंधान परिषद की 20वीं बैठक शुरु हुई. अध्यक्षता कुलपति डॉ पुण्यव्रत सुविमलेंदु पांडेय ने की. बाह्य विशेषज्ञ के रूप में नवसारी एवं जूनागढ़ विश्वविद्यालय गुजरात के पूर्व कुलपति डॉ एआर पाठक, कृषि विश्वविद्यालय कोटा राजस्थान के पूर्व कुलपति डॉ एके व्यास, कृषि विश्वविद्यालय जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व कुलपति डॉ जेपी शर्मा एवं एनआरसी लीची मुजफ्फरपुर के निदेशक डॉ विकास दास सम्मिलित हुए. पूर्व कुलपति डॉ पाठक ने कहा कि विश्वविद्यालय डॉ पांडेय के नेतृत्व में पूरे देश को नई राह दिखा रहा है. उन्होंने कहा कि नेचुरल फार्मिंग के क्षेत्र में कोर्स और अनुसंधान शुरू करने वाला यह पहला विश्वविद्यालय है. उन्होंने कहा कि अब सभी विश्वविद्यालयों में नेचुरल फार्मिंग पर कोर्स शुरू करने का निर्णय सरकार ने ले लिया है. डॉ पाठक ने कहा कि विश्वविद्यालय का जलवायु अनुकूल अनुसंधान परियोजना से राज्य के तेरह जिलों में पचहत्तर हजार से अधिक किसानों की आमदनी में बीस प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है. तीस प्रतिशत से अधिक पानी की बचत हुई है. किसानों ने पैंतीस प्रतिशत कम खाद का प्रयोग किया है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की यह परियोजना आने वाले समय में देश और दुनिया को नई राह दिखायेगा. पूर्व कुलपति डॉ जे पी शर्मा ने कहा कि भारत मे जोत का आकार घटकर एक हेक्टेयर से भी कम हो गया है. पानी की उपलब्धता पहले की तुलना में काफी तेजी से कम हो रही है और किसानों का खेती से मोहभंग हो रहा है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को इन तीनों पर ही काम करने की आवश्यकता है. पूर्व कुलपति डॉ व्यास ने कहा कि मनुष्य और प्रकृति का स्वास्थ्य कृषि से जुड़ा हुआ है. मिट्टी का स्वास्थ्य खराब होगा तो पौधों और फसलों का स्वास्थ्य खराब होगा. फिर मनुष्य का स्वास्थ्य खराब होगा. उन्होंने कहा कि पूरी प्रकृति एक दूसरे से जुड़े हुए हैं. कृषि वैज्ञानिकों को भी अपने अनुसंधान में यह ध्यान रखना चाहिए. ऐसी परियोजनाओं को विकसित करना चाहिए जो प्रकृति, मिट्टी, फसलों और मनुष्य को फायदा पहुंचा सके. एनआरसी लीची के निदेशक डॉ दास ने कहा कि भारत में अन्न की कमी नहीं है. अब हमें पोषण सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए.

133 अनुसंधान पर होगा मंथन

निदेशक अनुसंधान डॉ एके सिंह ने विश्वविद्यालय में चल रहे अनुसंधान परियोजनाओं के बारे में बताया. कहा कि इस बैठक में 133 नये अनुसंधान परियोजनाओं पर मंथन किया जायेगा. इसके साथ ही विश्वविद्यालय में चल रहे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं सहित अन्य परियोजनाओं की समीक्षा की जायेगी. अनुसंधान परिषद की बैठक 26 , 27 व 29 दिसंबर तक चलेगी. संचालन डा प्रियंका त्रिपाठी ने किया. धन्यवाद ज्ञापन सह निदेशक अनुसंधान डॉ एसके ठाकुर ने किया. निदेशक शिक्षा डा उमाकांत बेहरा, डीन पीजीसीए डा मयंक राय, डीन बेसिक साइंस डा अमरेश चंद्रा, डीन फिशरीज डॉ पीपी श्रीवास्तव, निदेशक कृषि व्यवसाय एवं ग्रामीण प्रबंधन डॉ रामदत्त, डॉ घनश्याम झा, डॉ महेश कुमार, डॉ शिवपूजन सिंह, डॉ कुमार राज्यवर्धन थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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KRISHAN MOHAN PATHAK

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By KRISHAN MOHAN PATHAK

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