बिहार : अधूरा रह गया मुन्नी के उड़नपरी बनने का सपना....जानें कैसे

By Prabhat Khabar Digital Desk
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प्रकाश कुमार
समस्तीपुर : देश में उड़नपरी के नाम से विख्यात पीटी ऊषा से भविष्य बनाने की प्रेरणा हासिल करनेवाली उच्च विद्यालय धर्मपुर की 10वीं की छात्रा मुन्नी कुमारी का राष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का अरमान अधूरा रह गया. विगत वर्ष अगस्त में कला, संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा बिहार राज्य अंतर जिला विद्यालय एथलेटिक्स प्रतियोगिता-17 का आयोजन किया गया था
इस प्रतियोगिता में मुन्नी ने अंडर 17 बालिका वर्ग में 3000 मीटर दौड़ के फाइनल में पहला स्थान हासिल किया और स्वर्ण पदक भी जीता. इस मुकाबले ने उसे राज्य स्तर पर पहचान दिला दी. राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन दिखाने के लिए जब मुन्नी को चयन से संबंधित जानकारी मिली तो समस्तीपुर प्रखंड के चकनूर स्थित आवास पर जश्न का माहौल था.
मुन्नी भी कड़े मुकाबले की तैयारी में जुट गयी, लेकिन विगत नवंबर में राष्ट्रीय स्तर पर होनेवाली प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए संबंधित विभाग द्वारा कोई सूचना न तो जिला खेल पदाधिकारी को दी गयी और न ही मुन्नी को. इसी दौरान फुटबॉल के खेल में भी परचम लहरानेवाली मुन्नी का स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित 63वीं नेशनल स्कूल गेम्स प्रतियोगिता के लिए चयन किया गया.
इसके लिए जब वह ओडिशा गयी तब उसे पता चला कि राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए टीम के रवाना हो चुकी है. मुन्नी ने अपने परिवार को इसकी जानकारी दी. इसकी शिकायत डीएम से लेकर बिहार राज्य खेल प्राधिकरण तक की गयी, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ भी नहीं मिल सका.
डीएम से लेकर बिहार राज्य खेल प्राधिकरण तक मुन्नी ने की शिकायत
चयन के बाद भी राष्ट्रीय टीम में शामिल नहीं
प्राधिकरण स्तर से चयन में बरती गयी कोताही ! : जिला खेल पदाधिकारी कार्यालय के सूत्रों की मानें तो प्राधिकरण स्तर से चयन में कोताही बरती गयी है. चयन के बाद कोचिंग का नियम है, लेकिन समय अभाव में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए टीम को रवाना कर दिया गया.
विभाग को मुन्नी के चयन से संबंधित जानकारी नहीं दी गयी है. उसके द्वारा दर्ज करायी गयी शिकायत की जांच कर कार्रवाई की जायेगी.
किशोर कुमार,जिला खेल पदाधिकारी,समस्तीपुर
प्रमाणपत्र भी नहीं दिया गया मुन्नी को
मुन्नी के पिता रामनाथ भारती ने बताया कि आये दिन सरकार के द्वारा खेल प्रतियोगिता में बेटियों को प्रोत्साहित करने की बात कहती है, लेकिन यहां तो मेरी बेटी के सपने को चकनाचूर करने में विभाग लगी है.
अब तक न ही जिला स्तरीय प्रतियोगिता से संबंधित प्रमाण पत्र मिला और न ही राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्राप्त होने वाली उपलिब्धयों से संबंधित प्रमाण पत्र दिया गया. बताते चलें कि मुन्नी ने वर्ष 2017 में जिला स्तरीय दौड़ प्रतियोगिता के 400,800,1500 मीटर फर्राटा दौड़ के फाइनल में पहला स्थान हासिल किया था.
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