मेमू पैसेंजर ट्रेन में आग का प्रारंभिक कारण सामने आया, कंप्रेसर टंकी से शुरू हुई थी आग

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फोटो - बोगी के अंदर जला पूरा हिस्सा | Prabhat Khabar Network

समस्तीपुर-सहरसा मेमू पैसेंजर ट्रेन में आग लगने की घटना का प्रारंभिक कारण कंप्रेसर टंकी को बताया जा रहा है. रेलवे की पांच एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं. विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही आने की उम्मीद है.

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Saharsa MEMU Fire: सहरसा. समस्तीपुर-सहरसा 63344 मेमू पैसेंजर ट्रेन में सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पर लगी आग की घटना की प्रारंभिक जांच में आग लगने की जगह की पहचान कर ली गयी है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार आग कोच के निचले हिस्से में लगी कंप्रेसर टंकी से शुरू हुई थी. हालांकि टंकी में आग किस वजह से लगी, इसका अंतिम कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है.

पांच एजेंसियां कर रही मामले की जांच

रेल अधिकारियों के अनुसार समस्तीपुर मंडल और रेलवे मुख्यालय स्तर की पांच एजेंसियों को जांच में लगाया गया है. प्रारंभिक रिपोर्ट में आग लगने वाले हिस्से की पहचान के बाद अब तकनीकी विशेषज्ञ जले हुए उपकरणों और अवशेषों की जांच कर रहे हैं.

जले हुए कोच से जुटाए जा रहे नमूने

घटना के बाद लखनऊ, बंगाल और झाझा से पहुंचे विद्युत एवं तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने संयुक्त रूप से जले हुए कोच का निरीक्षण किया और प्रारंभिक रिपोर्ट रेलवे मुख्यालय को भेजी. शनिवार को भी जांच टीम ने जले हुए कोच के विभिन्न हिस्सों को काटकर नमूने एकत्र किए. इन नमूनों की तकनीकी जांच के बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार की जायेगी.अधिकारियों के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में आग लगने के वास्तविक कारणों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है. हालांकि आधिकारिक कारण की पुष्टि अंतिम जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी.

जले हुए कोच को साइड लाइन में किया गया शिफ्ट

रेलवे प्रशासन ने आग की घटना के बाद जले हुए कोच को प्लेटफॉर्म संख्या दो से हटाकर लाइन संख्या तीन पर उत्तर दिशा की ओर साइड में खड़ा कर दिया है. इसके बाद प्लेटफॉर्म संख्या दो को खाली कर ट्रेनों के परिचालन के लिए बहाल कर दिया गया. फिलहाल स्टेशन पर रेल परिचालन सामान्य रूप से जारी है.

सोमवार को सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पर लगी थी आग

बीते सोमवार अहले सुबह समस्तीपुर से सहरसा आ रही 63344 मेमू पैसेंजर ट्रेन में सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पर अचानक आग लग गई थी. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और इंजन के साथ एक कोच भी इसकी चपेट में आ गया. संबंधित कोच पूरी तरह जल गया था. हालांकि समय रहते यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, जिससे घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई.

ब्रेक सिस्टम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है कंप्रेसर

रेलवे अधिकारियों के अनुसार मेमू ट्रेन के इंजन और कोच के निचले हिस्से में कंप्रेसर सिस्टम लगा होता है. इसका मुख्य काम हवा का दबाव तैयार करना है, जिससे ट्रेन की ब्रेक प्रणाली संचालित होती है. ब्रेकिंग व्यवस्था सहित कई तकनीकी प्रक्रियाएं इसी सिस्टम पर निर्भर रहती हैं.प्रारंभिक जांच में इसी कंप्रेसर टंकी से आग शुरू होने की बात सामने आई है. हालांकि टंकी में आग लगने के पीछे तकनीकी खराबी, किसी अन्य कारण या परिस्थितियों की पुष्टि अभी जांच का विषय है.

रेलवे बोर्ड की जांच पर नजर

Saharsa MEMU Fire: घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए रेलवे बोर्ड पूरे मामले की निगरानी कर रहा है. समस्तीपुर मंडल से जांच और तकनीकी परीक्षण से जुड़ी रिपोर्ट नियमित रूप से रेलवे बोर्ड को भेजी जा रही है.रेल अधिकारियों का कहना है कि सभी जांच एजेंसियां तकनीकी पहलुओं की गहन पड़ताल कर रही हैं. अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी.


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दीपांकर श्रीवास्तव

लेखक के बारे में

By दीपांकर श्रीवास्तव

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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