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मॉनसून की बारिश को लेकर मौसम विभाग की संभावनाओं का नहीं दिखा असर

Updated at : 17 Jun 2024 6:14 PM (IST)
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मॉनसून की बारिश को लेकर मौसम विभाग की संभावनाओं का नहीं दिखा असर

मॉनसून की बारिश को लेकर मौसम विभाग की संभावनाओं का नहीं दिखा असर

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तापमान में बढ़ोत्तरी से लोग रहे परेशान, किसानों के समक्ष खडी हो रही बडी समस्या अब तक खेतों में नहीं डाल सके हैं धान के बीज प्रतिनिधि, सहरसा मौसम का मिजाज इन दिनों लगातार चढ़ रहा है. अब जबकि मॉनसून की बारिश की जरूरत है. इस समय भी तेज गर्मी से लोग परेशान हो रहे हैं. किसान पानी की आस में आसमान की ओर टकटकी लगाये हैं. वहीं मॉनसून रूठी हुई है. मौसम विभाग द्वारा जारी संभावना दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है. सोमवार को मौसम विभाग ने 70 एमएम बारिश की संभावना व्यक्त की थी. लेकिन इसके विपरीत तापमान 40 डिग्री के आसपास नजर आया. लोग परेशानी में नजर आये. वहीं किसानों की स्थिति भी खराब होती जा रही है. जिले की मुख्य फसल धान की खेती आज भी मॉनसून के भरोसे ही हो रही है. इस समय किसानों के खेत में बिचडे़ रोपनी के लिए तैयार हो जाते थे. लेकिन अब तक किसान धान के बीज तक खेतों में डाल नहीं पाये हैं. जिससे उनके फसल पर असर होता दिख रहा है. जबकि मॉनसून की पहली बारिश जिले में 12 से 14 जून के बीच होती रही है. जिससे किसानों की खेती सुगमता से होती थी. इस बार मॉनसून के समय से प्रवेश नहीं होने से किसानों के हाथ पांव फूलने लगे हैं. वहीं तपती गर्मी से आम लोगों की परेशानी भी बढ़ गयी है. खासकर दैनिक मजदूरों पर तेज गर्मी का काफी असर पड रहा है. मॉनसून की बेरुखी से किसानों को दिक्कत शहरी लोग तो गर्मी से झुलस ही रहे हैं. साथ ही उन्हें एसी या कूलर से काफी हद तक राहत दे रहा है. लेकिन असल दिक्कत गांव के किसानों के लिए है. धान का बीज डालने का समय आ चुका है. वैसे तो रोहण नक्षत्र का लोगों ने इंतजार किया. लेकिन बरसात न होने की वजह से किसान रुक गये हैं. रोहण के बाद आठ दिन तक आठक में वैसे भी खेती नहीं होती है. लेकिन ये भी अब खत्म हो गया है. किसानों के लिए दिक्कत यह है कि खेत में पानी डालते ही सूख जा रहा है. ऐसे में आसमानी बारिश का आना बेहद जरूरी है. लेकिन मॉनसून इस वर्ष धोखा दे चुका है. अब मॉनसून आने की संभावना 20 जून को व्यक्त की जा रही है. लेकिन बढ़ती गर्मी को देख शायद यह दिन भी कहीं आगे ना बढ जाये. जबकि मॉनसून का बिहार में प्रवेश पूर्णियां जिले से होता रहा है. जहां से दूसरे या तीसरे दिन कोसी प्रमंडल में प्रवेश होता है. मॉनसून की बेरुखी से सबसे अधिक प्रभावित किसान हो रहे हैं. अगवानपुर कृषि विज्ञान केंद्र के तकनीकी पदाधिकारी जितेंद्र कुमार ने कहा कि मौसम विभाग के अनुसार मॉनसून का 20 जून को पूर्णिया के रास्ते बिहार में कदम रखेगा. इसके पहले 19 जून से ही मौसम बदलना शुरू हो जायेगा. जिसका पहला प्रभाव कोसी क्षेत्र के जिलों में दिखेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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