कोसी नदी का कटाव बना बड़ा खतरा, गोविंदपुर में सैकड़ों परिवारों पर संकट, हर दिन नदी में समा रही उपजाऊ जमीन

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कोसी के कटाव से गोविंदपुर पर सैकड़ों परिवारों के घरों पर मंडराया खतरा

फोटो- सहरसा - गोविंदपुर वार्ड संख्या 5 में कोसी नदी के कटाव से प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करते ग्रामीण. | Prabhat Khabar Network

Saharsa News: कोसी नदी का बढ़ता कटाव सहरसा के गोविंदपुर गांव के लिए गंभीर संकट बन गया है. सैकड़ों परिवार अपने घरों को खोने की कगार पर हैं, क्योंकि उपजाऊ जमीन हर दिन नदी में समा रही है. ग्रामीणों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू करने की मांग की है, क्योंकि मानसून में स्थिति और बिगड़ सकती है.

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Saharsa News: कोसी नदी एक बार फिर अपने रौद्र रूप की आहट देने लगी है. सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड स्थित डरहार पंचायत के गोविंदपुर गांव में कटाव लगातार तेज हो रहा है. हालात ऐसे हैं कि अब सैकड़ों परिवारों के घरों पर खतरा मंडराने लगा है. ग्रामीणों का कहना है कि हर दिन उपजाऊ कृषि भूमि नदी में समाती जा रही है और कटाव अब आबादी के बेहद करीब पहुंच चुका है. यदि समय रहते बचाव कार्य शुरू नहीं हुआ तो बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर छोड़ने की नौबत आ सकती है.

हर दिन नदी में समा रही खेती की जमीन

कोसी पूर्वी तटबंध के अंदर बसे गोविंदपुर वार्ड संख्या पांच में पिछले कुछ दिनों से कटाव की रफ्तार लगातार बढ़ी है. ग्रामीणों के अनुसार प्रतिदिन बड़ी मात्रा में उपजाऊ कृषि भूमि नदी में समा रही है.

खेती की जमीन खत्म होने से किसानों के सामने आजीविका का संकट भी गहराने लगा है. जिन खेतों में कभी फसलें लहलहाती थीं, वहां अब कोसी की तेज धारा दिखाई दे रही है.

अब घरों तक पहुंचा कटाव का खतरा

ग्रामीणों का कहना है कि कटाव अब सिर्फ खेतों तक सीमित नहीं रहा. नदी धीरे-धीरे आबादी की ओर बढ़ रही है और कई घरों के पास तक पहुंच चुकी है.

संभावित खतरे को देखते हुए कई परिवार अपने जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं. गांव में भय और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है.

संपर्क मार्ग भी हो रहे प्रभावित

कटाव का असर केवल कृषि भूमि पर नहीं पड़ रहा, बल्कि गांव के संपर्क मार्ग भी इसकी चपेट में आने लगे हैं. इससे लोगों की आवाजाही और दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है.

ग्रामीणों का कहना है कि यदि कटाव इसी गति से जारी रहा तो आने वाले दिनों में गांव का संपर्क भी बाधित हो सकता है.

कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कटाव की जानकारी दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.

ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते प्रशासन सक्रिय होता तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती. अब कटाव तेजी से आबादी की ओर बढ़ रहा है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है.

कटाव निरोधी कार्य शुरू करने की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग से तत्काल प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कराने और कटाव रोकने के लिए आपात कदम उठाने की मांग की है.

लोगों का कहना है कि बोल्डर पिचिंग, बांस पाइलिंग और अन्य सुरक्षात्मक उपाय तत्काल शुरू किए जाएं, ताकि नदी के कटाव को रोका जा सके और गांव को सुरक्षित रखा जा सके.

ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से भी इस समस्या को प्राथमिकता के आधार पर उठाने और प्रभावित परिवारों को राहत एवं सुरक्षा दिलाने की मांग की है.

Saharsa News: मानसून में बढ़ सकती है चुनौती

मानसून के दौरान कोसी नदी का जलस्तर और बहाव बढ़ने की आशंका रहती है. ऐसे में यदि समय पर कटाव निरोधी कार्य नहीं कराया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है.

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ही गोविंदपुर के सैकड़ों परिवारों के घर और उनकी आजीविका को बचा सकती है.

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राजेश डेंजिल

लेखक के बारे में

By राजेश डेंजिल

पत्रकारिता में 14 वर्षों का अनुभव. पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्ष 2012 से लगातार कार्य कार्यरत हैं. वर्तमान में सहरसा जिले के पतरघट प्रखंड से समाचार संकलन का कार्य कर रहे हैं. मेरी रूचि राजनीति व समाज सेवा में है.

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