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लॉर्ड बुद्धा मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने किया अनशन

Updated at : 15 Oct 2024 6:32 PM (IST)
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लॉर्ड बुद्धा मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने किया अनशन

लॉर्ड बुद्धा मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने किया अनशन

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आईएमए राष्ट्रीय संगठन व बिहार शाखा के निर्देश पर किया अनशन सहरसा . आरजी कार मेडिकल कॉलेज व अस्पताल कोलकाता के जूनियर चिकित्सक पिछले दिनों महिला चिकित्सक के साथ हुए बलात्कार व हत्या के मामले में अब तक न्याय नहीं मिलने एवं अस्पताल के डॉक्टरों की सुरक्षा में सुधार नहीं होने के कारण पिछले 10 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं. जिसमें कई चिकित्सकों के हालत अत्यधिक खराब हो चुकी है. आईएमए जूनियर डॉक्टर नेटवर्क एवं आईएमए मेडिकल स्टूडेंट नेटवर्क ने उनके आंदोलन के प्रति एकजुटता दिखाते हुए मंगलवार की सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक पूरे देश के मेडिकल कॉलेज में अनशन करने का निर्णय लिया. बताया गया कि आईएमए मुख्यालय एवं आईएमए बिहार शाखा उनके इस फैसले का पूर्ण समर्थन करती है एवं उनके साथ देने के लिए संकल्पित है. आईएमए के राष्ट्रीय संगठन एवं बिहार शाखा के निर्देशानुसार आईएमए कोशी डिविजन के नेतृत्व में मंगलवार को लॉर्ड बुद्धा मेडिकल कॉलेज एवं श्री नारायण मेडिकल इंस्टिट्यूट एवं कॉलेज के जूनियर डॉक्टर नेटवर्क एवं मेडिकल स्टूडेंट नेटवर्क के इस धरना प्रदर्शन में उनका साथ देने के लिए सभी चिकित्सकों ने शामिल होकर उनका साथ दिया. आईएमए के पूर्व अध्यक्ष, पैट्रन एवं आईएमए कोसी डिवीजन सचिव डॉ जितेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन कोलकाता के सभी मांगों को नहीं मान लिया जाता है तो आगे राष्ट्रीय स्तर पर सख्त आंदोलन का भी निर्णय लिया जा सकता है. कार्यक्रम में मुख्य रूप से आइएमए सहरसा अध्यक्ष डॉक्टर के के झा, डॉ विजय शंकर, डॉ अजय सिंह, डॉ मनोज प्रभाकर, डॉ कोमल गुप्ता, डॉ दिव्या, डॉ वीनस, डॉ रवि, डॉ अमित, डॉ नरेश झा, डॉ गिरिजा, डॉ रविंद्र सिंह किंटू, डॉ दिलीप कुमार विभाग अध्यक्ष जनरल सर्जरी एलबीकेएमसीएच एवं अन्य चिकित्सक मौजूद थे. ………………………………………………………………………………………. केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय का मनाया गया 54वां स्थापना दिवस सहरसा . स्थानीय ईस्ट एन वेस्ट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नयी दिल्ली के 54वें स्थापना दिवस पर महाविद्यालय के सीएसयू विभाग में स्थापना दिवस आयोजित किया गया. इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन डॉ रजनीश रंजन ने अपने प्रेषित संदेश में हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करते बधाई दी. उन्होंने कहा कि 15 अक्तूबर 1970 को भारत सरकार द्वारा स्वायत्त शासी संगठन के रूप में संस्कृत विश्वविद्यालय को मान्यता दी गयी थी. स्थापना काल से प्रगति के पथ पर चलते हुए 30 अप्रैल 2020 में भारत के संसद के अधिनियम के तहत इसे केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की मान्यता दी गयी. उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा के उन्नयन के लिए यह देश का नोडल निकाय है एवं राष्ट्र का एकमात्र डबल ए प्लस संस्कृत विश्वविद्यालय है. इस विश्वविद्यालय के अंग में ईस्ट एन वेस्ट का शामिल होना अपने आप में गौरव की बात है. ईस्ट एन वेस्ट के सीएसयू समन्वयक सुज्जवल कुमार चौधरी ने भी हार्दिक प्रसन्नता जताते केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर हर्ष जताया. महाविद्यालय के प्राध्यापक सह जनसंपर्क पदाधिकारी अभय मनोज के संचालन में आयोजित कार्यक्रम को प्राचार्य डॉ नागेंद्र कुमार झा, नोडल अंशु कुमार गुप्ता, प्राध्यापक प्रमुख प्रियंका पांडेय सहित महाविद्यालय के सीएसयू के प्राध्यापकों ने भी संबोधित किया.

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