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सैकड़ों वर्ष पूर्व स्थापित कपेश्वरनाथ शिव मंदिर प्रांगण में कार्तिक पूर्णिमा पर लगता है मेला

Updated at : 09 Dec 2025 5:35 PM (IST)
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सैकड़ों वर्ष पूर्व स्थापित कपेश्वरनाथ शिव मंदिर प्रांगण में कार्तिक पूर्णिमा पर लगता है मेला

कपेश्वरनाथ शिव मंदिर प्रांगण में कार्तिक पूर्णिमा पर लगता है मेला

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कार्तिक पूर्णिमा मेला में हीं बिहार सरकार द्वारा आयोजित किया जाता है कार्तिक पूर्णिमा महोत्सव सौरबाजार. बिहार सरकार के कला सांस्कृतिक विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय कार्तिक पूर्णिमा महोत्सव प्रखंड के कांप पश्चिमी पंचायत स्थित कल्पेश्वर नाथ शिव मंदिर प्रांगण में मंगलवार 9 दिसंबर को संपन्न हो गया.महोत्सव में देश के विभिन्न जगहों से आये नामचीन कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से लोगों का दिल जीत लिया. भोजपुरी, मैथिली, हिंदी, मगही लोक गीतों का दर्शकों ने भरपूर आनंद उठाया. यहां के लोगों का मानना है कि आजादी से पहले सैकड़ों वर्ष पूर्व राजतंत्र के समय इस क्षेत्र के महाराजा हरि वल्लभ महाराज के पूर्वजों द्वारा कांप बाजार में निर्माण कराया गया ऐतिहासिक यह शिव मंदिर कल्पेश्वर नाथ महादेव के नाम से प्रसिद्ध है. मंदिर के अन्दर शिवलिंग के अतिरिक्त दर्जनों देवी-देवताओं की प्रतिमा स्थापित है. यह मंदिर सौरबाजार प्रखंड समेत आसपास के क्षेत्र के लोगों के लिए आस्था का केंद्र माना जाता है. सावन की प्रत्येक सोमवारी और भादव मास के प्रत्येक रविवार को यहां शिवलिंग पर जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जमा होती है सुल्तानगंज और मुंगेर गंगा घाट से जल भरकर कांवर यात्रा कर भी श्रद्धालु यहां शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं. यहां के लोगों का मानना है कि सच्चे मन से मांगी गयी मनोकामना भक्तों को उनके कर्मों के अनुसार कल्पेश्वर नाथ महादेव अवश्य पूरी करते हैं. दिनों-दिन लोगों का आस्था और विश्वास इस मंदिर के प्रति बढ़ता जा रहा है. लगभग पांच एकड़ भूमि में फैले इस मंदिर प्रांगण में सैकड़ों वर्ष पूर्व से ही कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर सात दिवसीय मेला का आयोजन ग्रामीणों के सहयोग से होता चला आ रहा है जहां वर्ष 2023 में मेला की स्थिति और भव्यता को देखते हुए जिला प्रशासन की स्वीकृति मिलने पर दो दिवसीय कार्तिक पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन शुरू किया गया. तब से यह तिसरा महोत्सव इस बार आयोजित किया गया है. इस बार कार्तिक पूर्णिमा मेला के समय बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर आदर्श आचार संहिता रहने के कारण जिला प्रशासन द्वारा इसे 8 और 9 दिसंबर को महोत्सव आयोजित करने का निर्णय लिया गया. सौरबाजार प्रखंड क्षेत्र में आयोजित होने वाला यह एकमात्र महोत्सव रहने के कारण दर्शकों की अच्छी खासी भीड़ रहती है और लोगों में सांस्कृतिक कार्यक्रम के प्रति रुचि जागृत होती है. लगभग पांच एकड़ भूमि में फैले कल्पेश नाथ शिवमंदिर प्रांगण में भगवान कार्तिक मंदिर, राम-जानकी ठाकुरबाड़ी, एक कला मंच ,स्टेट बैंक की शाखा, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पुलिस कैंप और एक बड़ा तालाब रहने के कारण यहां दिनभर लोगों की आवाजाही होती रहती है. चिंता की बात यह है कि बिहार सरकार की जमीन में बने इन सभी इमारतों के अतिरिक्त तालाब के चारों ओर खाली पड़े जमीन को स्थानीय लोगों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है. जिसे खाली करवाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण कई बार वरीय अधिकारियों से मोखिक और लिखित मांग कर चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो पाई है. यदि इन जगहों को अतिरक्रमण मुक्त कराकर तालाब का सौन्दयीकरण और पौधरोपण करा दिया जाय तो इसकी सुंदरता में और भी चार चांद लग सकता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Dipankar Shriwastaw

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