प्रखंड कार्यालय परिसर में कोरेक्स की बोतलों का ढेर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल सलखुआ . प्रखंड कार्यालय में स्थित सलखुआ थाना से महज कुछ ही दूरी पर प्रखंड कार्यालय परिसर में नशीली दवाओं का खुलेआम सेवन और कारोबार प्रशासनिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है. परिसर के सामने पुराने जीविका भवन से सटी दीवार के पास कोरेक्स की सैकड़ों खाली बोतलों का मिलना इस बात का संकेत है कि यहां लंबे समय से नशाखोरी का अड्डा संचालित हो रहा है. स्थानीय लोगों के अनुसार शाम ढ़लते ही प्रखंड कार्यालय परिसर असामाजिक तत्वों और नशे में धुत युवकों का जमावड़ा बन जाता है. नशे की हालत में गाली-गलौज, हंगामा और उत्पात की घटनाएं आम हो गयी हैं. इसके बावजूद पुलिस की नियमित गश्ती या प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही, जिससे उसकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं. आरोप है कि यह नशीला नेटवर्क केवल कार्यालय परिसर तक सिमित नहीं है. बाजार क्षेत्र और चाय की गुमटी पर भी प्रतिबंधित कोरेक्स की खुलेआम बिक्री की जा रही है. जहां इसकी वास्तविक कीमत 100 से 120 रुपये है, वहीं नशे के लिए 300 से 350 रुपये तक वसूले जा रहे हैं. दिनदहाड़े चल रहे इस अवैध धंधे पर अब तक कार्रवाई नहीं होना हैरान करने वाला है. मामले की गंभीरता को देखते हुए अंचलाधिकारी पुष्पांजलि कुमारी ने सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक परिसर के आसपास किसी भी तरह की नशीली गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जायेगी. सलखुआ थाना पुलिस को तत्काल स्थल की जांच कर नशा करने वालों के साथ-साथ कोरेक्स की सप्लाई से जुड़े लोगों की पहचान कर कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिये गये हैं. स्थानीय लोगों में इसको लेकर रोष है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता. अब यह देखना अहम होगा कि पुलिस प्रशासनिक निर्देशों पर कितनी गंभीरता से अमल करती है.
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