गली-मोहल्लाें में बिखरा है कूड़ा, हम कब बनेंगे स्मार्ट

Published at :24 Jan 2017 4:27 AM (IST)
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गली-मोहल्लाें में बिखरा है कूड़ा, हम कब बनेंगे स्मार्ट

सफाई के प्रति जागरूक नहीं हो रहे शहर के लोग सहरसा : शहर में सफाई की स्थिति बदहाल है. चौक-चौराहे से लेकर गली-मोहल्ला तक कूड़े-कचरे से पटा है. इनमें सार्वजनिक स्थलों की हालत और भी दयनीय है. बस स्टैंड, समाहरणालय रोड और रेलवे स्टेशनों की कौन कहे, अस्पताल तक बदहाल है. मुख्य पथ में जगह-जगह […]

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सफाई के प्रति जागरूक नहीं हो रहे शहर के लोग

सहरसा : शहर में सफाई की स्थिति बदहाल है. चौक-चौराहे से लेकर गली-मोहल्ला तक कूड़े-कचरे से पटा है. इनमें सार्वजनिक स्थलों की हालत और भी दयनीय है. बस स्टैंड, समाहरणालय रोड और रेलवे स्टेशनों की कौन कहे, अस्पताल तक बदहाल है. मुख्य पथ में जगह-जगह कूड़े का अंबार है. जबकि शहर की सफाई पर प्रतिमाह लाखों रुपये खर्च हो रहे हैं. प्रभात पड़ताल के दौरान शहर में सफाई की बदहाली सामने आयी. बटराहा स्थित सभी वार्ड गंदगी व कूड़े से बदहाल दिखे. बस स्टैंड परिसर में कूड़ा फैला पड़ा है. निचली सतह वाले अधिकतर भाग जल-जमाव की चपेट में हैं. समाहरणालय रोड की स्थिति भी संतोष जनक नहीं दिखी. रोड में जगह-जगह कूड़े का अंबार, तो नाला कागज के टुकड़ों से भरा पड़ा है. ए ग्रेड रेलवे स्टेशन की हालत की हालत भी कुछ ऐसी ही नजर आयी. स्टेशन परिसर में रखा कूड़ादान भरा था एवं आसपास गंदगी फैली थी. सदर अस्पताल का मुख्य प्रवेश द्वार पर नाले का गंदा पानी जमा है.
सफाई का प्रयास रहा विफल : शहर की साफ-सफाई में नप प्रशासन ने कोई कसर नहीं छोड़ी है. आवश्यकता के अनुसार संसाधनों से लैस करने के साथ शहर को स्वच्छ बनाने के लिए समय-समय पर नये प्रयोग होते रहे हैं. चाहे बात कर्मियों की कमी को पूरा करने की हो, या मशीनरी बढ़ाने की. समय-समय पर सफाई की मॉनीटरिंग के साथ सिस्टम में भी बदलाव किया गया. लोगों को स्वच्छता एप की सुविधा भी दी गयी. उद्देश्य रहा कि हर हाल में शहर को स्वच्छ बनाया जाये, लेकिन शहरवासियों के असहयोगात्मक रवैये से अब तक नप प्रशासन को पूरी सफलता नहीं मिली है.
डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण योजना को स्वीकृति : नप प्रशासन शहर में डोर टू डोर कूड़ा संग्रहण की व्यवथा की तैयारी में है. इससे कूड़ा संग्रहण एवं कचरा निस्तारण दोनों समस्यों का निदान होगा. डोट टू डोर कूड़ा संग्रहण की जिम्मेवारी एजेंसी को सौंपी जायेगी. प्लान के मुताबिक एजेंसी को संसाधन जुटाने के लिए शर्त पर नप प्रशासन किस्त में राशि मुहैया करायेगी. एजेंसी को कूड़ा संग्रहण के साथ निस्तारण की व्यवस्था करनी होगी. कूड़ों को रिसाइकिल कर उपयोग में लाया जायेगा. एजेंसी के चयन के लिए निविदा की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. बताया जाता है कि कुछ दिनों में डोर टू डोर कचरा उठाव की व्यवस्था शुरू हो जायेगी.
पॉलीथिन का प्रयोग बंद करने की अपील: पर्यावरण की सुरक्षा के साथ शहर की साफ-सफाई के ख्याल से नप प्रशासन ने शहरवासियों से पॉलीथिन प्रयोग पर रोक लगाने की अपील की है. इसको लेकर समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाया गया है. पर्यावरण प्रदूषण की समस्या के पीछे धड़ल्ले से पॉलीथिन प्रयोग की बात सामने आने के बाद नप प्रशासन ने इस दिशा में पहल शुरू की. वहीं पॉलीथिन नाले में फेंके जाने से नाला जाम होता है. इससे निजात को लेकर शहर में पॉलीथिन प्रयोग बंद करने की अपील कई बार कार्यशाला व बोर्ड की बैठक में की गयी है. स्थानीय व्यवसायियों के साथ समन्वय स्थापित कर नप प्रशासन लोगों को पॉलिथिन का उपयोग बंद करने को जागरूक भी कर रहा है.
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