... वह रखता था दूसरों पर नजर

Published at :18 Oct 2015 6:47 PM (IST)
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... वह रखता था दूसरों पर नजर

… वह रखता था दूसरों पर नजर बड़ी सावधानी से कालाबाजारी की माल को खपा रहा था राजेश गोदाम के अंदर से ही सीसीटीवी के जरिये हर गतिविधि पर रखता था नजरप्रतिनिधि, सहरसा सदर जिला प्रशासन कालाबाजारी पर कार्रवाई कर भले ही अपनी पीठ थपथपा ले. लेकिन राजेश साह के गोदाम में लगे सीसीटीवी कैमरे […]

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… वह रखता था दूसरों पर नजर बड़ी सावधानी से कालाबाजारी की माल को खपा रहा था राजेश गोदाम के अंदर से ही सीसीटीवी के जरिये हर गतिविधि पर रखता था नजरप्रतिनिधि, सहरसा सदर जिला प्रशासन कालाबाजारी पर कार्रवाई कर भले ही अपनी पीठ थपथपा ले. लेकिन राजेश साह के गोदाम में लगे सीसीटीवी कैमरे इस बात की गवाही देते है कि यह कारोबारी स्वयं अपने काले कारनामें को बचाने के लिए पुलिस व प्रशासन पर नजर रखता था. तभी पुरी फौज लेकर गयी जिला प्रशासन के हाथ संलिप्त राजेश साह व उसके सहयोगी नहीं आ सके. गरीबों को सस्ते दामों पर अनाज पहुंचाने के लिए सरकार चाहे जितनी भी व्यवस्था कर ले लेकिन गरीबों के निवाले पर कालाबाजारी कुंडली मार कर बैठे हुए हैं. गोदाम में लगा था सीसीटीवीशनिवार की रात राजेश साह के जिस गोदाम से सरकारी खाद्यान्न का 344 बोरा चावल बरामद किया गया वहां लोगों की नजर से बचने के लिए वह बाहरी गतिविधि पर नजर बनाये रखने के लिए कालाबाजारी द्वारा सीसीटीवी कैमरा लगाया गया था. कंट्रोल रुम में हाईटेक व्यवस्था कर रखी गयी थी. गोदाम के बाहर मुख्य सड़क के लोगों पर नजर रखने के लिए कैंपस के अंदर एक कैमरा के अलावे तीन अन्य कैमरा हर तरफ से आमलोगों की गतिविधि पर नजर बनाये रखने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था. जिससे गोदाम के अंदर बने एक कमरे में बड़े एलसीडी पर सीसीटीवी फुटेज से सभी जानकारी अंदर बैठे ही मिल रही थी. शनिवार की रात जब सदर एसडीओ व एसडीपीओ उक्त गोदाम पर छापामारी के लिए गोदाम के मुख्य द्वार पर पहुंचे शायद बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज से पता लगते ही मकान मालिक राजेश साह व ट्रक से खाद्यान्न को अनलोड कर रहे मजदूर व ट्रक चालक जब तक मुख्य द्वार को खोल अधिकारी अंदर प्रवेश करते सभी फरार हो चुके थे. रिपैकिंग का भी सामान हुआ बरामद छापामारी के दौरान पुलिस को उक्त गोदाम से बोरा को सिलाई करने वाली मशीन के साथ-साथ गोदाम के ऊपर एक कमरे से सैकड़ों खाली बोरा भी बरामद किया गया. जिससे प्रतीत होता है कि गोदाम संचालक कालाबाजारी के धंधे में पूरी तरह से संलिप्त होकर सरकारी खाद्यान्नों को बाजार में खपाने का काम करता है. हालांकि बरामद खाद्यान्न को एफसीआई का माल बताया गया. बोरे पर राजस्थान व चंडीगढ़ के मीलिंग का रैपर लगा पाया गया है. बोरा पर स्पष्ट रूप से भारतीय खाद्य निगम लिखा पाया गया है. जिससे स्वत: समझ में आता है कि उक्त खाद्यान्न पीडीएस के लिए ही एफसीआइ से भेजा गया था. जिसे कालाबाजारी के लिए उक्त गोदाम लाया गया था. ट्रक चालक कर सकता है उद्भेदन ट्रक नंबर बीआर-20-जी-4259 की जिस गाड़ी से कालाबाजारी का खाद्यान्न गोदाम में अनलोड करते पकड़ा गया. उस ट्रक के चालक की पकड़ के बाद ही पुलिस को यह पता लग सकता है कि उक्त खाद्यान्न कहां से कालाबाजारी के लिए उक्त गोदाम में लाया गया था. गोदाम संचालक राजेश साह के साथ ट्रक मालिक व चालक पर भी मामला दर्ज कर कार्रवाई की जायेगी. कालाबाजार का खिलाड़ी है राजेशछह महीना पूर्व भी सहरसा बस्ती स्थित एक पेट्रोल पंप पर लगी ट्रक से करीब 400 क्विंटल सरकारी खाद्यान्न को कालाबाजारी में खपाने के आरोप में पकड़ा गया था. उस समय भी राजेश साह की संलिप्तता कालाबाजारी के रूप में उजागर होने पर उस पर मामला दर्ज किया गया था. लेकिन राजेश की पहुंच प्रशासन की जांच पर भारी पड़ जाती है. लेकिन सही समय पर इन कालाबाजारियों के विरुद्ध प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण राजेश जैसे लोग इस धंधे में बेरोकटोक सरकारी खाद्यान्न की खरीद बिक्री कर कालाबाजारी में संलिप्त थे. वर्ष 2012 में तत्कालीन डीएम देवराज देव के समय हजारों क्विंटल पीडीएस का खाद्यान्न तिवारी टोला स्थित कई गोदामों से पकड़ने में सफलता मिली थी. डीएम के निर्देश पर कई कालाबाजारियों पर मामला भी दर्ज हुआ था. लेकिन कोई दंड नहीं मिलने की वजह से कालाबाजारी सफेदपोश बन शहर में अपना काला धंधा कर रहा है. फोटो- चावल 12- जब्त सरकारी अनाज की जांच करते डीएम विनोद सिंह गुंजियाल.फोटो- चावल 13- पुलिस ने चावल लदे ट्रक को किया जब्त.फोटो- चावल 14- राजेश साह के गोदाम में लगा सीसीटीवी मॉनिटर. फोटो- चावल 15- रिपैकिंग के लिए प्रयुक्त किया जाने वाला मशीन.

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