हादसे रोकने के लिए अब ड्रोन से नजर रखेगा रेलवे
Updated at : 12 Jan 2018 6:13 AM (IST)
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नये साल में बदल रहा है रेलवे यात्रियों के साथ अच्छा बर्ताव करेंगे रेलकर्मी प्रोजेक्ट सक्षम के तहत जागरूक होंगे रेलकर्मी सहरसा : नये साल में भारतीय रेलवे भी सुधार की दिशा में कदम बढ़ा रही है. केंद्र सरकार ने रेलवे की तमाम गतिविधियों खासकर रेल परियोजनाओं, रेलवे ट्रैक की मरम्मत और अन्य कार्यों पर […]
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नये साल में बदल रहा है रेलवे
यात्रियों के साथ अच्छा बर्ताव करेंगे रेलकर्मी
प्रोजेक्ट सक्षम के तहत जागरूक होंगे रेलकर्मी
सहरसा : नये साल में भारतीय रेलवे भी सुधार की दिशा में कदम बढ़ा रही है. केंद्र सरकार ने रेलवे की तमाम गतिविधियों खासकर रेल परियोजनाओं, रेलवे ट्रैक की मरम्मत और अन्य कार्यों पर ड्रोन कैमरे से निगरानी करने का निर्णय लिया है. इस बाबत ड्रोन कैमरे से सहरसा-फारबिसगंज अमान परिवर्तन कार्य की निगरानी शुरू कर दी गयी है. रेलवे बोर्ड द्वारा समस्तीपुर रेल मंडल को ड्रोन कैमरे भी उपलब्ध करा दिया गया है. ड्रोन कैमरा के जरिये रेलवे की तमाम गतिविधियों, जिनमें चल रही परियोजनाओं, पटरियों की मरम्मत और रेलवे ढांचे पर, ड्रोन कैमरों के रूप में तीसरी आंख से निगरानी करने का मकसद रेलवे तकनीक के प्रयोग से ट्रेनों के संचालन को और सुरक्षित और बेहतर बनाना है. इस प्रयोग से रेलवे ट्रेन हादसों पर भी काबू पा सकती है.
राहत कार्यों में मिलेगी मदद: रेलवे के अनुसार ड्रोन कैमरों के जरिये रेल हादसों के बाद राहत और बचाव अभियानों की निगरानी करने में मदद की जा सकेगी. वहीं रेलवे के महत्वपूर्ण कार्यों, पटरियों की स्थिति और निरीक्षण कार्यों पर इन कैमरों के जरिये नॉन इंटरलॉकिंग कार्यों के मूल्यांकन की तैयारियों, मेलों के दौरान भीड़ के प्रबंधन, स्टेशनों का हवाई सर्वेक्षण और किसी गड़बड़ी को तुरंत चिह्नित करने में मदद मिलेगी.
सही समय पर मिलेगी सूचना: रेलवे का मानना है कि रेलवे के ढांचे, सुरक्षा और पटरियों की मरम्मत से जुड़ी किसी भी सूचना को रियल टाइम यानी वास्तविक समय प्राप्त करने में यह कैमरे बेहद महत्वपूर्ण साबित होंगे. ज्ञात हो कि रेलवे में सबसे पहले पश्चिमी मध्य रेलवे से ड्रोन तैनाती की शुरुआत की गयी थी.
यात्रियों से नहीं होगी कहासुनी: आये दिन रेलवे के टिकट बुकिंग काउंटरों, पूछताछ केंद्रों और ट्रेनों में रेल उपभोक्ताओं व रेलकर्मियों के बीच कहासुनी और झड़प होती रहती है. छोटी सी बात पर भी रेलकर्मी और यात्री आपस में भिड़ जाते हैं. कई बार मामला पुलिस तक पहुंच जाता है. इस शिकायत को रेलवे बोर्ड ने गंभीरता से लिया है. इस योजना से रेलवे के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ेगा. डीआरएम आरके जैन के अनुसार इस योजना को फ्रंटलाइन के प्रत्येक रेलकर्मी तक पहुंचायी जायेगी. इस योजना से रेलवे की कार्य प्रणाली में भी सुधार आयेगा.
प्रोजेक्ट सक्षम की हो गयी शुरुआत
रेल कर्मचारी (विशेषकर फ्रंट लाइन के जैसे-बुकिंग क्लर्क, टीटीइ, टीटीआइ व रेलवे सुरक्षा बल आदि) यात्रियों के साथ शालीन व्यवहार करेंगे. सिर्फ अच्छा व्यवहार ही नहीं करेंगे आवश्यकता पड़ने पर यात्री का सहयोग भी करेंगे. रेलवे बोर्ड की महत्वाकांक्षी योजना ‘प्रोजेक्ट सक्षम’ के तहत फ्रंटलाइन के प्रत्येक रेल कर्मचारियों को इसके लिए प्रशिक्षित किया जायेगा. प्रोजेक्ट सक्षम योजना भारतीय रेलवे में एक साथ लागू हो गयी है. पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल मुख्यालय में तो इसकी शुरुआत भी हो चुकी है. सहरसा जंक्शन पर भी कार्यशाला आयोजित कर कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जायेगा. इसके लिए सहायक वाणिज्य प्रबंधक को जिम्मेदारी सौंपी गयी है. कार्यशाला में बताया जायेगा कि वे यात्रियों के साथ कैसा व्यवहार करें. उनके कार्य कौशल को और बेहतर बनाने के लिए काउंसेलिंग भी करेंगे.
प्रशिक्षित होंगे कर्मी
ड्रोन के जरिये रेलवे विकास कार्य व अन्य गतिविधि पर नजर रखेगी. इस बाबत रेलवे बोर्ड द्वारा निर्देश दिया गया है. इसके अलावा प्रोजेक्ट सक्षम के जरिये रेलकर्मियों को पब्लिक से बेहतर समन्वय बनाने के लिए प्रशिक्षित किया जायेगा.
राजेश कुमार, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी,पूर्व मध्य रेलवे
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