गरीबों की जेब से निकले दस करोड़
Updated at : 10 Jan 2018 4:26 AM (IST)
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बालू हुआ दोगुना महंगा, घर बनाने में बजट बिगड़ा सहरसा : शहर के कृष्णा नगर वार्ड नंबर 23 में रहने वाले संजय पोद्दार के घर का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है. बीते चार माह पहले सबका आवास योजना के तहत घर बनाने का काम शुरू किया. उस समय बालू्, गिट्टी, ईंट, सीमेंट व अन्य […]
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बालू हुआ दोगुना महंगा, घर बनाने में बजट बिगड़ा
सहरसा : शहर के कृष्णा नगर वार्ड नंबर 23 में रहने वाले संजय पोद्दार के घर का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है. बीते चार माह पहले सबका आवास योजना के तहत घर बनाने का काम शुरू किया. उस समय बालू्, गिट्टी, ईंट, सीमेंट व अन्य सामान का आकलन कर बजट बनाया तो जमा पूंजी से घर बन जाने की उम्मीद जगी. घर में विचार कर इन्होंने काम शुरू कर दिया. लेकिन इस बीच सामान की कीमत अचानक इस प्रकार बढ़ती चली गयी कि अब इनकी हालत खराब हो गयी है. डीबी रोड में एक कपड़े की दुकान में सेल्समैन है. दुकान के मालिक से कई बार अग्रिम भी ले चुके हैं. संजय पोद्दार बताते हैं कि तीन माह पहले जब उन्होंने घर बनाने का काम शुरू किया था तो उस समय बालू की कीमत 4500 रुपये प्रति ट्रैक्टर (90 सीएफटी) थी.
पर अब इसकी कीमत 9500 रुपये हो गयी है. इसी प्रकार अन्य सामान की कीमत में भी बढ़ोतरी हो गयी है. ऐसे में बजट का बिगड़ना स्वाभाविक है. लेकिन अब घर का निर्माण जिस जगह तक पहुंच गया है. उसे छोड़ा भी नहीं जा सकता है. घर का सामान बेतरतीब फेंका है. दूसरे के घर में किराया दे रहे हैं. घर का निर्माण काम पूरा करना इनकी मजबूरी हो गयी है. घर का निर्माण पूरा होने पर ही सरकार भी प्रोत्साहन राशि देगी. इसलिए घर बनाने में किसी तरह जुटे हैं. ज्ञात हो कि गृह निर्माण सामग्री में महंगाई की वजह से शहर से लेकर गांव तक हो रहे शौचालय निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं.
बालू बन गया दुश्मन: महंगाई ने लोगों के घर बनाने के सपने को पूरा करने में मुसीबत खड़ी कर दी है. सर पर छत नहीं, सामान खरीदने में बजट से अधिक राशि से लोग बेचैन हैं. एक दो कमरे का घर, शौचालय व बरामदा बनाने में इन दिनों पिछले साल की तुलना में दो लाख रुपये अधिक खर्च आ रहा है. प्राय: हर सामान की कीमत बढ़ गयी है. सबसे अधिक बेचैन तो लोगों को बालू व गिट्टी की कीमत ने कर रखा है. विगत आठ महीने से बालू खनन पर रोक क्या लगी, इसकी तो कीमत आसमान छूने लगी है. वहीं मजदूर, राजमिस्त्री से लेकर सेटरिंग तक की कीमत में बेतहाशा बढ़ोतरी हो गयी है.
मजदूरों ने भी बढ़ायी मजदूरी :
सामान की कीमत से परेशान लोगों को मजदूरों को भी अब अधिक मजदूरी देनी पड़ रही है. घर निर्माण कार्य में लगे मजदूरों की मेहनत और समय कम हो गया है पर मजदूरी में इन्होंने भी बढ़ोतरी कर दी है. पिछले छह माह पहले मजदूर एक दिन का 250 रुपये मजदूरी लेते थे. आज 300 से 350 रुपये ले रहे हैं. इसी प्रकार राजमिस्त्री पिछले साल तक 400 से 450 रुपये प्रति दिन लेते थे. पर अब इनकी मजदूरी बढ़ कर 500 से 600 रुपये हो गयी है.
मिट्टी से लेकर बालू तक हुए महंगे
घर बनाने में लोगों को मिट्टी से लेकर बालू, सीमेंट, लोहा, ईंट, लकड़ी सहित अन्य कई प्रकार के सामान जुटाने पड़ते हैं. लेकिन पिछले साल की तुलना में अब मिट्टी से लेकर लोहा और बालू तक की कीमत में हुई बढ़ोतरी ने लोगों के बजट को बिगाड़ दिया है. बाजार से मिली जानकारी के अनुसार पिछले साल तक बालू की कीमत प्रति ट्रैक्टर 3500 से 4000 रुपये थी. पर अब इसकी कीमत 9500 हजार से 10,000 रुपये हो गयी है. इसी प्रकार मिट्टी पिछले साल तक 300 रुपये 350 रुपये प्रति ट्रैक्टर था. आज उसकी कीमत 400 से 500 रुपये हो गयी है. इसी प्रकार विगत छह माह पहले गिट्टी 55 रुपये से 62 रुपये प्रति सीएफटी चल रहा था. पर आज इसकी कीमत 85 रुपये से 90 रुपये प्रति सीएफटी हो गया है.
शहर में बन रहे करीब एक हजार घर
प्रधानमंत्री सबका आवास योजना के तहत बीते वर्ष नगर परिषद द्वारा शहर में आवास के जरिये तेजी से विकास के कार्य किये जा रहे हैं. अब शहर में कुछेक जगहों पर ही कच्चे मकान नजर आते हैं. आये दिन कहीं ना कहीं नये घर बनाये जा रहे हैं. इस योजना के तहत नगर परिषद में फिलहाल एक हजार आवास बनाने की योजना शुरू हुई थी. जिसके तहत कुछ लोगों का काम पूरा हो गया है. इसके अलावा अधिकांश लोग ढलाई करने का इंतजार कर रहे हैं. इस अनुसार से शहर में ही सरकारी योजना के तहत घर बनाने में कीमत की बढ़ोतरी के कारण प्रत्येक लाभुक पर एक लाख रुपया का अतिरिक्त बोझ पड़ने से करीब दस करोड़ रुपये का बोझ लोगों के ऊपर पड़ रहा है.
वर्तमान में घर निर्माण सामग्री की कीमत
सामान पिछले साल की कीमत वर्तमान में कीमत
ईंट एक नंबर 6000 – 6500 7000 – 7500
ईंट मीठा पाक 4500 – 5000 5500 – 6000
ईंट दो नंबर 3000- 3500 3500 – 4000
ईंट पिकेट 4500 5000
सीमेंट 320 – 330 330 – 360
छड़ 4000- 4200 4800 – 5000
बालू 3500 – 4000 9000- 9500
गिट्टी 5500- 6200 8000 -8500
राजमिस्त्री 450 500 550 – 600
बढ़ई 350- 400 400 – 500
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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