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बिहार में शिथिल हुआ नियम, अब ग्रेजुएट शिक्षक भी बनेंगे मिडिल स्कूलों के प्रधानाध्यापक, जानें नयी सेवा शर्तें

Updated at : 19 Oct 2023 4:30 PM (IST)
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बिहार में शिथिल हुआ नियम, अब ग्रेजुएट शिक्षक भी बनेंगे मिडिल स्कूलों के प्रधानाध्यापक, जानें नयी सेवा शर्तें

मध्य विद्यालयों में स्नातकोत्तर शिक्षक उपलब्ध नहीं होने पर स्नातक प्रशिक्षित वेतनमान वाले शिक्षक अब प्रधानाध्यापक बन सकेंगे. इसके लिए न्यूनतम चार साल तक कार्यरत स्नातक योग्यताधारी शिक्षक को मध्य विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के पद पर प्रोन्नति के योग्य माना जायेगा.

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पटना. राज्य के मध्य विद्यालयों में स्नातकोत्तर शिक्षक उपलब्ध नहीं होने पर स्नातक प्रशिक्षित वेतनमान वाले शिक्षक अब प्रधानाध्यापक बन सकेंगे. इसके लिए न्यूनतम चार साल तक कार्यरत स्नातक योग्यताधारी शिक्षक को मध्य विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के पद पर प्रोन्नति के योग्य माना जायेगा. प्राथमिक शिक्षा निदेशक मिथिलेश मिश्र ने इस आशय का आदेश जारी कर दिया है.

रिक्ति को प्रोन्नति से भरने के लिए नियमों को शिथिल किया गया

आदेश के मुताबिक प्रोन्नति की योग्यता में किया गया यह शिथिलीकरण केवल एक बार के लिए दिया जायेगा. प्रोन्नति के शेष प्रावधान यथावत रहेंगे. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने इस आदेश पर सहमति की मुहर भी लगा दी है. प्राथमिक निदेशक मिश्र के आदेश के मुताबिक राज्य के मध्य विद्यालयों में प्रधानाध्यापक के पद पर रिक्ति को प्रोन्नति से भरने के लिए नियमों को शिथिल किया गया है.

स्नातक प्रशिक्षित वेतनमान जरुरी

नियमावली 2018 के नियम के तहत मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापक के पदों पर प्रोन्नति के लिए योग्यता और कालावधि में शिथिलीकरण करने का प्रावधान है. प्रावधान के अनुसार मध्य विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों के पद पर स्नातक प्रशिक्षित वेतनमान में न्यूनतम अवधि जो भी निर्धारित हो और स्नातकोत्तर योग्यता वाले शिक्षक को वरीयता के आधार पर प्रोन्नति देने पर विचार किया जायेगा. प्रोन्नति के लिए अपेक्षित संख्या में शिक्षक उपलब्ध नहीं रहने पर योग्यता एवं कालावधि शिथिलीकरण की कार्यवाही की जा सकेगी.

तीस हजार से अधिक हैं मध्य विद्यालय

राज्य के मध्य विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों के पद रिक्ति को प्रोन्नति से भरने के लिए शिक्षा विभाग बिहार राजकीयकृत प्रारंभिक विद्यालय शिक्षक नियमावली 2018 को शिथिल करने जा रहा है. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक तीस हजार से अधिक मध्य विद्यालय हैं. इसमें करीब पंद्रह हजार स्कूलों में प्रधान अध्यापक प्रभारी हैं या उनके पद रिक्त हैं. फिलहाल प्राथमिक निदेशालय के आदेश के बाद प्रोन्नति की यह कवायद जिला स्तर पर की जायेगी.

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केवल एक बार के लिए है योग्यता में शिथिलीकरण

आदेश के मुताबिक, योग्यता में यह शिथिलीकरण केवल एक बार (वन टाइम) के लिए देय होगा. प्रोन्नति के लिए बिहार राजकीयकृत प्रारंभिक विद्यालय शिक्षक (स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं प्रोन्नति) नियमावली, 2018 के शेष प्रावि‍धान यथावत रहेंगे. आदेश में कहा गया है कि बिहार राजकीयकृत प्रारंभिक विद्यालय शिक्षक (स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं प्रोन्नति) नियमावली, 2018 के नियम के तहत मध्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के पदों पर प्रोन्नति हेतु योग्यता एवं कालावधि में शिथिलीकरण की कार्रवाई नियमानुसार करने का प्रावधान किया गया है.

निर्धारित योग्यता को शिथिल करने का आदेश

प्रावि‍धान के अनुसार, मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक के पदों पर स्नातक प्रशिक्षित वेतनमान में न्यूनतम अवधि यथा निर्धारित हो एवं स्नात्तकोत्तर योग्यता वाले शिक्षक को वरीयता के आधार पर उपलब्ध रिक्ति के अनुरूप प्रोन्नति देने पर विचार किया जाएगा. इसके मद्देनजर मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक के पद पर प्रोन्नति के लिए निर्धारित योग्यता को शिथिल करने का आदेश दिया गया.

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