रोहतास में पशु चिकित्सालय की बदहाली, जर्जर भवन में हो रहा इलाज; मरम्मत का इंतजार

Published by : Ragini Sharma Updated At : 24 May 2026 10:49 AM

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जर्जर पशु चिकित्सालय की तस्वीर

Rohtas News; रोहतास के शिवसागर प्रखंड मुख्यालय स्थित पशु चिकित्सालय जर्जर हालत में पहुंच चुका है. टूटी दीवारें, गंदगी और अतिक्रमण के बीच अस्पताल किसी खंडहर जैसा नजर आ रहा है. सीमित संसाधनों के बीच कर्मी किसी तरह पशुओं का इलाज कर रहे हैं.

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Rohtas News:(सुजीत कुमार) रोहतास जिले के शिवसागर प्रखंड मुख्यालय स्थित पशु चिकित्सालय की हालत बदहाल व्यवस्था की पोल खोल रही है. प्रखंड कार्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित यह अस्पताल अब किसी खंडहर से कम नहीं दिखता. भवन की दीवारें जगह-जगह से टूट चुकी हैं, प्लास्टर उखड़ गया है और ईंटें बाहर निकल आई हैं. अस्पताल परिसर में प्रवेश करते ही जर्जर व्यवस्था की तस्वीर साफ दिखाई देती है.

चारदीवारी ध्वस्त, परिसर असुरक्षित

अस्पताल की चारदीवारी पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. कई हिस्सों में दीवारें टूटकर बिखर गई हैं, जिससे पूरा परिसर असुरक्षित हो गया है. इसके कारण बाहरी लोगों का अनियंत्रित प्रवेश लगातार बना रहता है..परिसर में पशुओं का गोबर, गंदगी और अव्यवस्था फैली हुई है, जिससे पशुपालकों को भी काफी परेशानी हो रही है.

नए भवन के बावजूद पुरानी समस्या जस की तस

हाल के दिनों में परिसर में एक नया भवन जरूर बनाया गया है, लेकिन पुराने भवन और टूटी चारदीवारी की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है. स्थानीय लोगों का कहना है कि नए भवन के बाद उम्मीद थी कि पूरा परिसर विकसित होगा, लेकिन जमीनी स्थिति जस की तस बनी हुई है.

सीमित संसाधनों में चल रहा इलाज

इसी बदहाल व्यवस्था के बीच पशुओं का इलाज जारी है। अस्पताल में केवल एक पशु चिकित्सा पदाधिकारी, एक ऑपरेटर और दो परिचारी के सहारे कार्य चल रहा है. इसके बावजूद प्रतिदिन बड़ी संख्या में पशुपालक अपने मवेशियों को लेकर इलाज के लिए पहुंचते हैं.

अतिक्रमण और सुरक्षा की समस्या गंभीर

चारदीवारी टूटने के कारण अतिक्रमण और असामाजिक गतिविधियों का खतरा भी बढ़ गया है. अस्पताल की एंबुलेंस के लिए भी सुरक्षित स्थान नहीं है, जिससे वाहन खुले में खड़ा करना पड़ता है और उसके क्षतिग्रस्त होने का खतरा बना रहता है.

39 प्रकार की दवाएं उपलब्ध

अस्पताल में वर्तमान में बुखार, निमोनिया, डायरिया, थनैला, बांझपन और लंगड़ापन जैसी बीमारियों के इलाज के लिए करीब 39 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं. इसके बावजूद जर्जर भवन और अव्यवस्था के बीच कार्य करना कर्मचारियों के लिए चुनौती बना हुआ है.

विभाग को दी गई जानकारी

भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अभिषेक आनंद ने बताया कि भवन की जर्जर स्थिति और अतिक्रमण की जानकारी विभाग एवं अंचल प्रशासन को दी जा चुकी है. उन्होंने कहा कि यदि मरम्मत और चारदीवारी का निर्माण हो जाए तो अस्पताल की व्यवस्था में सुधार संभव है.

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