राज्यसभा चुनाव: भाजपा के लिए भी आसान नहीं उम्मीदवारों का चयन, शाम पांच बजे होगी चुनाव समिति की बैठक
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 23 May 2022 3:24 PM
बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों पर चुनाव होने वाले हैं. 24 मई से नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी. बिहार विधानसभा में विधायकों की संख्या बल के हिसाब से भाजपा को 2, जदयू-1 और राजद को 2 सीटें मिलेगी. राजद, जदयू की तरह भाजपा के लिए भी इस बार उम्मीदवारों का चयन आसान नहीं है.
पटना. बिहार में राज्यसभा की पांच सीटों पर चुनाव होने वाले हैं. 24 मई से नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी. बिहार विधानसभा में विधायकों की संख्या बल के हिसाब से भाजपा को 2, जदयू-1 और राजद को 2 सीटें मिलेगी. राजद, जदयू की तरह भाजपा के लिए भी इस बार उम्मीदवारों का चयन आसान नहीं है.
सोमवार की शाम पांच बजे बिहार भाजपा चुनाव समिति की बैठक होने जा रही है. प्रदेश भाजपा कार्यालय में होने जा रही इस महत्वपर्ण बैठक के लिए बिहार भाजपा सह प्रभारी हरीश द्विवेदी पटना पहुंच गये हैं. वो बैठक में शामिल होंगे. आज शाम पांच बजे चुनाव समिति की बैठक के तुरंत बाद भाजपा कोर कमेटी की भी बैठक होनेवाली है. इस बैठक के बाद प्रदेश भाजपा इस संबंध में अपना प्रस्ताव केंद्रीय समिति को भेज देगी.
जानकारों का कहना है कि इस बार हर दल को उम्मीदवारों के चयन को लेकर माथापच्ची करनी पड़ रही है. राजद ने मीसा भारती को एक बार फिर राज्यसभा भेजने का मन बना लिया है, लेकिन दूसरी सीट को लेकर अब तक राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने कोई एलान नहीं किया है. जदयू को अपनी एक सीट पर फैसला करना है. वर्तमान सांसद और केंद्र में मंत्री आरसीपी सिंह को राज्यसभा भेजने को लेकर नीतीश कुमार अब तक कोई सकारात्मक बयान नहीं दिये हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि नीतीश कुमार किसी नये चेहरे को भी इस बार राज्यसभा भेज सकते हैं.
यही हाल सहयोगी भाजपा का भी है. भाजपा के लिए भी उम्मीदवार चयन आसान नहीं दिख रहा है. भाजपा के सूत्रों का भी मानना है कि जदयू की तरह भाजपा भी नये चेहरे को मौका दे सकती है. राज्यसभा चुनाव में किस नेता का किस्मत खुलेगा, इस पर कयास लगाये जा रहे हैं. इस बार भाजपा कोटे से गोपाल नारायण सिंह और सतीश चंद्र दूबे का कार्यकाल खत्म हो रहा है. अब भाजपा नेतृत्व फिर से पुराने पर दांव लगायेगी या मैदान में नया चेहरा उतारेगी इस पर सस्पेंस बरकरार है.
बताया जाता है कि गोपाल नारायण सिंह को इस बार मौका नहीं मिलने वाला है. 2020 में वाल्मीकि नगर लोकसभा सीट सहयोगी दल जदयू के खाते में जाने के बाद टिकट से वंचित हुए सीटिंग सांसद सतीश चंद्र दूबे को बदले में राज्यसभा भेजा गया था. इनके रास का कार्यकाल करीब 2.5 वर्षों का ही रहा. नेतृत्व इन्हें दूबारा राज्यसभा भेजेगी, इसकी पचास फीसदी संभावना ही दिख रही है. वैसे प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल इनके समर्थन में हैं. ऐसे में भाजपा नये चेहरों को मौका दे सकती है. अब देखना होगा कि आज शाम बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और चुनाव समिति की बैठक में किन-किन नामों की लिस्ट केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जाती है.
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