ePaper

90 फीसदी घरों में पानी नहीं पहुंचा : सांसद

Updated at : 20 Mar 2025 5:55 PM (IST)
विज्ञापन
90 फीसदी घरों में पानी नहीं पहुंचा : सांसद

जल नल योजना की जांच की मांग

विज्ञापन

लोस में पप्पू यादव ने की जेपीसी से जल नल योजना की जांच की मांग पूर्णिया. पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने लोकसभा में देश की नदियों के प्रदूषण, बाढ़ प्रबंधन और जल संकट जैसे गंभीर मुद्दों को उठाया. उन्होंने कहा कि नदियों को भगवान मानने की बजाय उन्हें स्वच्छ और जीवनदायी बनाने पर ध्यान देना चाहिए. पप्पू यादव ने कहा, जिस देश ने नदियों को सिर्फ नदी समझा, उन्हें भगवान नहीं माना, वहां नदियां अच्छी रहीं और उन्होंने दुनिया को जीवन दिया लेकिन जिस देश ने नदियों को भगवान मान लिया, वहां नदियां मैली हो गईं. यमुना, गंगा, कोसी, महानंदा, गंडक, बूढ़ी गंडक, सप्तकोशी, मेची, सोन जैसी नदियां आज स्नान करने लायक नहीं हैं. उन्होंने कहा, हमारे देश में 90% बीमारियां पानी के कारण हो रही हैं. आर्सेनिक और आयरन युक्त पानी लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है. हम पांच सौ साल पुरानी कब्र को खोदते हैं, लेकिन स्वच्छ पानी और स्वच्छता पर काम नहीं करते. सांसद ने बाढ़ प्रबंधन की खामियों पर भी चिंता जताते हुए कहा कि बाढ़ प्राकृतिक प्रकोप नहीं, बल्कि मानव निर्मित आपदा है. कोसी नदी वाले क्षेत्र से आने वाले व्यक्ति के रूप में मैं जानता हूं कि यहां 13 नदियां हैं, लेकिन उनका प्रबंधन ठीक नहीं है. फरक्का बैराज और भीम नगर बैराज की स्थिति चिंताजनक है. नेपाल द्वारा छोड़ा गया पानी कोसी और सीमांचल के लोगों के लिए खतरा बन गया है. उन्होंने कहा, 80% नदियों और नहरों का पक्कीकरण नहीं हुआ है. बड़ी नहरों को छोटी नहरों से जोड़ने की कोई व्यवस्था नहीं है. यदि हाई डैम नहीं बनाए गए तो भीम नगर बैराज कभी भी टूट सकता है, जिससे भारी तबाही होगी.पप्पू यादव ने जल नल योजना की खामियों को भी उजागर किया. उन्होंने कहा, नल जल योजना के तहत पूर्णिया, कोसी और मधेपुरा के 90% गरीब घरों में पानी नहीं पहुंचा है. मैं इसकी लिस्ट दे रहा हूं, कृपया इसकी जांच कराएं.जेपीसी के माध्यम से जल नल योजना की जांच होनी चाहिए और ठेकेदारों द्वारा किए गए काम की इनक्वायरी कराई जानी चाहिए. सांसद ने महानंदा बेसिन परियोजना और कोसी मेची लिंक परियोजना की समस्याओं पर भी चर्चा की.उन्होंने कहा, महानंदा बेसिन परियोजना गलत तरीके से लागू की गई है. यदि बड़ा बांध बन गया तो महिनहारी, बारसोई, बायसी, अमौर और रौटा के दस लाख किसान बर्बाद हो जाएंगे. कोसी मेची लिंक परियोजना में सिल्टिंग निकालने और पक्कीकरण करने की जरूरत है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
ARUN KUMAR

लेखक के बारे में

By ARUN KUMAR

ARUN KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन