डेंगू टीका के परीक्षण के लिए चयन किये जायेंगे स्वैच्छिक कार्यकर्ता

डेंगू टीका के परीक्षण
पूर्णिया. देश के विभिन्न इलाकों में खास एडिस मच्छर द्वारा फैलाये जाने वाले रोग डेंगू को रोकने के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद् द्वारा तैयार वैक्सिन का क्लिनिकल टेस्ट जारी है. इसी के अंतर्गत राज्य में भी डेंगू वैक्सिन के क्लिनिकल ट्रायल चल रहे हैं. इसी क्रम में प्राप्त निर्देश के आलोक में स्वास्थ्य विभाग जिले के ऐसे स्वैच्छिक कार्यकर्ता वोलेंटियर्स को इस ट्रायल के लिए प्रेरित करेगा जो इस परीक्षण में स्वेच्छापूर्वक शामिल होने के लिए तैयार होंगे. मिली जानकारी के अनुसार भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद् द्वारा तैयार डेंगू टेट्रावेलेंट वैक्सिन डेंगी ऑल के परीक्षण के लिए 544 लोगों का चयन किया जाना है. इसी कड़ी में डेंगू रोग के खिलाफ तैयार किये गए प्रतिरक्षण वैक्सीन के परीक्षण में पूर्णिया जिले के वोलेंटियर भी भाग लेंगे. इसके लिए मेडिकल कॉलेज एवम सरकारी अस्पतालों को स्वैच्छिक कार्यकर्ताओं के चयन का निर्देश दिया गया है. सभी चयनितों को प्रोत्साहित करते हुए टीकाकरण में शामिल किया जाएगा.
लक्षणहीन संक्रमण होते हैं बेहद खतरनाक
साल दर साल बढती डेंगू की समस्या बेहद चिंता का विषय है. इस बीमारी से सर्वाधिक प्रभावित 30 देशों में भारत का नाम भी शामिल है. भारत में लक्षणहीन संक्रमण के मामले ज्यादा हैं. जिन्हें चिकित्सकों की नजर में बेहद खतरनाक माना गया है क्योंकि ऐसे लक्षणहीन संक्रमित लोगों द्वारा भी एडीज मच्छर, संक्रमण फैला सकते हैं. इस गंभीर रोग से बचाव के लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद आईसीएमआर द्वारा तैयार डेंगू वैक्सीन के लिए परीक्षण का कार्य चल रहा है.
हाल ही में एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत बिहार से की गयी है
बताते चलें कि महिलाओं में बढ़ते सर्वाइकल कैंसर के खतरों से निबटने के लिए पूरे बिहार में 9 से 14 वर्ष की बच्चियों का एचपीवी टीकाकरण किया जा रहा है ताकि उन्हें भविष्य में इस जानलेवा रोग से बचाया जा सके. इसी के तहत राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम चलाकर बच्चियों को टीके लगाये गये और इसका सर्टिफिकेट भी दिया गया. विदित हो कि बिहार देश का पहला राज्य है जहां बच्चियों को राज्य सरकार की ओर से मुफ्त एचपीवी (ह्यूमन पेपिलोमा वायरस) का टीका दिया जा रहा है. इसी क्रम में बिहार में 9 से 14 वर्ष की एक करोड़ बच्चियों को टीकाकृत किए जाने का लक्ष्य है और उस अभियान की शुरुआत हो चुकी है. वहीं अब बहुत ही जल्द डेंगू रोग के खिलाफ भी टीकाकरण अभियान शुरू किये जाने के रास्ते खुल रहे हैं.
बोले सिविल सर्जन
डेंगू रोग की समस्या एक गंभीर मामला है लगभग प्रतिवर्ष इससे बड़ी संख्या में लोग प्रभावित होते हैं. विभागीय पत्र के आलोक में डेंगू टेट्रावेलेंट वैक्सिन के परीक्षण के लिए लोगों का चयन कर उन्हें इसका महत्व समझाते हुए टीका के लिए प्रोत्साहित किया जाना है. इसके बाद प्राप्त निर्देशों के आलोक में कार्य किये जायेंगे.
डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया, सिविल सर्जनडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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By Prabhat Khabar News Desk
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