पूर्णिया के इस मंदिर में मत्था टेककर ही सफर पर निकलते हैं यात्री

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बस स्टैंड परिसर स्थित हनुमान मंदिर

बस स्टैंड परिसर स्थित हनुमान मंदिर

पूर्णिया के अंतर्राज्यीय बस स्टैंड परिसर में स्थित हनुमान मंदिर 42 वर्षों से यात्रियों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. यहां हर दिन हजारों श्रद्धालु सुरक्षित यात्रा की कामना लेकर दर्शन करने आते हैं. मंगलवार और शनिवार को विशेष आयोजन होते हैं.

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पूर्णिया से अखिलेश चन्द्रा की रिपोर्ट.

पूर्णिया शहर के अंतर्राज्यीय बस स्टैंड परिसर स्थित हनुमान मंदिर यात्रियों की गहरी आस्था का केंद्र बन चुका है. यहां से सफर पर निकलने वाले अधिकांश यात्री बस में बैठने से पहले मंदिर पहुंचकर भगवान हनुमान के दर्शन करते हैं और सुरक्षित यात्रा की कामना करते हुए मत्था टेकते हैं. वर्षों से चली आ रही यह परंपरा आज भी श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है.

मंदिर आकार में भले ही बहुत बड़ा नहीं है, लेकिन यहां स्थापित भगवान हनुमान की भव्य प्रतिमा श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है. बस स्टैंड पर आने वाले यात्री, बसकर्मी और स्थानीय लोग नियमित रूप से यहां पूजा-अर्चना करते हैं.

मंगलवार और शनिवार को उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़

हनुमान मंदिर में प्रतिदिन श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन मंगलवार और शनिवार को विशेष भीड़ देखने को मिलती है.

  1. मंगलवार: विशेष पूजा-अर्चना के साथ सुंदरकांड का पाठ किया जाता है.
  2. शनिवार: खिचड़ी का महाभोग लगाया जाता है, जिसमें बसकर्मी, यात्री और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में प्रसाद ग्रहण करते हैं.

मंदिर समिति के अनुसार, आने वाला शनिवार विशेष होगा, क्योंकि इस दिन मंदिर में 333वां शनिवार महाभोग आयोजित किया जाएगा.

विशेष पर्वों पर होते हैं धार्मिक आयोजन

मंदिर में वर्षभर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.

  1. प्रतिदिन सुबह और शाम नियमित आरती होती है.
  2. प्रत्येक रविवार की शाम भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है.
  3. गंगा दशहरा पर रामायण पाठ का आयोजन होता है.
  4. रामनवमी के अवसर पर बाहर से आने वाली मंडलियों द्वारा भव्य अष्टयाम का आयोजन किया जाता है.

मंदिर के सेवक संजीव सिंह और दिलीप पाठक इन धार्मिक आयोजनों की व्यवस्था संभालते हैं. इन कार्यक्रमों में बसकर्मियों के साथ-साथ आसपास के दुकानदार भी सहयोग करते हैं.

42 वर्षों से आस्था का प्रतीक बना हुआ है मंदिर

स्थानीय जानकारों के अनुसार बस स्टैंड स्थित हनुमान मंदिर का इतिहास करीब 42 वर्ष पुराना है. बताया जाता है कि वर्ष 1984 के आसपास अंतर्राज्यीय बस स्टैंड का निर्माण हुआ था और उसी समय इस मंदिर की भी स्थापना हुई. स्थानीय लोगों के मुताबिक, शुरुआती दौर में मंदिर के विस्तार को लेकर विरोध भी हुआ था, लेकिन तत्कालीन जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद मंदिर का विकास संभव हो सका. आज यह मंदिर पूर्णिया के प्रमुख धार्मिक स्थलों में अपनी अलग पहचान बना चुका है.

प्रमुख बातें

  1. पूर्णिया अंतर्राज्यीय बस स्टैंड परिसर में स्थित है प्रसिद्ध हनुमान मंदिर.
  2. यात्री बस में बैठने से पहले सुरक्षित यात्रा की कामना के साथ दर्शन करते हैं.
  3. मंगलवार को सुंदरकांड और शनिवार को खिचड़ी महाभोग का आयोजन होता है.
  4. आने वाला शनिवार मंदिर का 333वां महाभोग होगा.
  5. मंदिर का इतिहास करीब 42 वर्ष पुराना बताया जाता है.
  6. रामनवमी, गंगा दशहरा और रविवार को भी विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं.


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Shruti Kumari

लेखक के बारे में

By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। अपने समाचार पोर्टल पर कार्य करते हुए उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में अनुभव हासिल किया। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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