बिजली संकट और जेई से विवाद पर भड़के ग्रामीण, केनगर प्रखंड परिसर में बेमियादी भूख हड़ताल शुरू

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11 हजार वोल्ट तार गिरने से बिजली ठप होने पर जेई के नोकझोंक करने पर बेमियादी भूख हड़ताल पर बैठे लोग

फोटो | Prabhat Khabar Network

पूर्णिया के केनगर में बिजली विभाग के जेई की बदसलूकी और बिजली संकट के विरोध में ग्रामीण अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे। जानिए पूरा मामला।

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केनगर (पूर्णिया). सहारा पंचायत के लोहजार गांव में गुरुवार को 11 हजार वोल्ट का हाईवोल्टेज तार एक बांस पर गिर गया, जिससे पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति ठप हो गई. स्थानीय लोगों के अनुसार, इस घटना से बड़ा हादसा भी हो सकता था. ग्रामीणों का कहना है कि लोहजार निवासी मोहम्मद हयात ने बिजली बहाली और सुरक्षा को लेकर कनीय अभियंता भारत मलिक को फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से सूचना दी. इसी दौरान दोनों के बीच नोकझोंक हो गई.

ग्रामीणों ने लगाए अभद्र व्यवहार के आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि कनीय अभियंता ने फोन पर अपशब्दों का प्रयोग किया और शिकायतकर्ता पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज कराने की धमकी दी. इन आरोपों के विरोध में शुक्रवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण केनगर प्रखंड परिसर में दरी बिछाकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए.

बिजली संकट से किसानों की बढ़ी परेशानी

ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी और उमस के बीच क्षेत्र में लगातार बिजली संकट बना हुआ है. झुन्नी इस्तंबरार पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि इरशाद पुनवीं, मोहम्मद रफीक, दिनेश शर्मा सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि 24 घंटे बिजली आपूर्ति के दावों के बावजूद खेतों तक पर्याप्त बिजली नहीं पहुंच रही है.

उनका कहना है कि धान की रोपनी और पटवन के समय बिजली नहीं मिलने से फसलें सूख रही हैं. डीजल की बढ़ती कीमतों और मजदूरों की कमी के बीच किसानों को महंगे पंपिंग सेट चलाने पड़ रहे हैं, जिससे खेती की लागत बढ़ गई है.

ग्रामीणों ने रखीं तीन प्रमुख मांगें

भूख हड़ताल पर बैठे ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी, अंचल मुख्य अभियंता, कार्यपालक अभियंता और विद्युत विभाग के एसडीओ को आवेदन देकर क्षेत्र में 24 घंटे नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा आरोपित कनीय अभियंता के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है. ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा.

जेई बोले- मेरे बोलने का तरीका गलत समझा गया

कनीय अभियंता भारत मलिक ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया. उन्होंने कहा कि वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और उनकी भाषा तथा बोलने का लहजा स्थानीय लोगों से अलग है. संभव है कि उनके बोलने के तरीके को गलत समझ लिया गया हो. उन्होंने कहा कि उन्होंने हाल ही में यहां योगदान दिया है और धीरे-धीरे स्थानीय माहौल के अनुरूप स्वयं को ढाल लेंगे. उन्होंने गाली-गलौज के आरोपों से इनकार किया.

एसई ने दिए जांच के आदेश

बिजली विभाग के अंचल अधीक्षण अभियंता वासुकी शंकर ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आ गया है. कनीय अभियंता और ग्रामीणों के बीच हुए पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कराई जा रही है. जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी.

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