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नीतीश के दौरे से फिर जगी पूर्णियावासियों की आशाएं

Updated at : 25 Jan 2025 6:28 PM (IST)
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Purnia University

मखाना अनुसंधान केंद्र खोले जाने की भी है उम्मीदें

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खादी मॉल और मखाना अनुसंधान केंद्र खोले जाने की भी है उम्मीदें

पूर्णिया. प्रगति यात्रा के तहत बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पूर्णिया दौरे की खबर से जनहित से जुड़ी पुरानी मांगों को लेकर पूर्णिया में एक बार फिर उम्मीदों के दीये जलने लगे हैं. उल्लेख्य है कि पिछले कुछ सालों से पूर्णिया में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कई बड़े तोहफे दिए. पूर्णिया की जमीं से उठायी जाने वाली अधिकांश मांगों को मुकाम मिला और यही वजह है कि पूर्णिया पर सरकार की मेहरबान निगाहों से यहां के लोगों की आशाओं को संबल मिला है. यह विश्वास भी बढा है कि मुख्य मंत्री नीतीश कुमार पूर्णिया की चिरलंबित मांगों को भी क्रमवार रूप से पूरा करेंगे. पूर्णियावासी अपने मन में यह आशा संजोए हुए हैं कि नये साल में मुख्य मंत्री नीतीश कुमार पूर्णिया को नया तोहफा जरुर देंगे. यही कारण है कि पूर्णियावासियों की निगाहें बेसब्री से अपने सीएम पर टिकी हैं. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आगामी 27 जनवरी को प्रगति यात्रा के तहत पूर्णिया पहुंच रहे हैं.यहां वे न केवल अब तक हुए विकास कार्यों का जायजा लेंगे बल्कि उनकी समीक्षा भी करेंगे. अहम यह है कि जब-जब मुख्यमंत्री पूर्णिया आए हैं तब-तब कुछ नया दे गये हैं. इससे पहले आए थे और सहज रुप से एयरपोर्ट का उलझा हुआ पेंच सुलझा गये थे जिससे इस साल जून-जुलाई तक हवाई सेवा शुरू होने की गुंजाइश बन गई. लोगों को लग रहा है कि इस बार पुरानी लंबित मांगों को कोई नया मुकाम मिल सकता है. पूर्णिया में विश्वविद्यालय, कृषि कालेज, मेडिकल और इंजीनियरिंग कालेज समेत कई बड़ी उपलब्धियां इसी दौरे के दौरान हासिल हुईं. क्रमवार रुप से पूर्णिया की कई पुरानी मांगें तो पूरी हो गई हैं पर अभी भी कई ऐसी मांगे लंबित पड़ी हैं जो सही मायने में पूर्णिया की जरूरत हैं.

दरअसल, विकास कार्यों के साथ जल जीवन हरियाली योजना पर मुख्यमंत्री का ज्यादा फोकस रहता है. इस लिहाज से यह कयास लगाया जा रहा है कि शहर से गुजरने वाली एकलौती नदी यानी सौरा नदी का काया कल्प हो सकता है. पुरानी मांगों में से एक अहम मांग है सौरा नदी रिवरफ्रंट इनोवेटिव प्रोजेक्ट और इसको लेकर सबको उम्मीद है कि इस प्रोजेक्ट के साथ सौरा नदी के तट को मैरिन ड्राइव के रुप में विकसित करने की कोई नई योजना शुरूहो सकती है. इसके अलावा पूर्णिया में हाई कोर्ट बैंच, केन्द्रीय विश्वविद्यालय एवं मखाना राष्ट्रीय अनुसंधान केन्द्र की मांगों पर भी मुख्यमंत्री संज्ञान ले सकते हैं. लोगों को लग रहा है कि अधर में फंसे खादी माल प्रोजेक्ट भी मुख्यमंत्री फोकस कर सकते हैं.

पूर्णिया में खोली जाए एम्स की शाखा

केन्द्र सरकार ने बिहार में एम्स की शाखा खोले जाने की मंजूरी दे रखी है. पूर्णिया के लोग चाहते हैं कि यह शाखा पूर्णिया में खुलनी चाहिए क्योंकि यह आजादी के बाद से उपेक्षित रहा है. पूर्णियावासियों का कहना है कि यह प्रमंडल पूर्वोत्तर भारत का गेटवे है और यहां एम्स की शाखा खोले जाने पर पूरे उत्तर बिहार के लोग लाभान्वित हो सकते हैं. अपने मुख्य मंत्री से यहां के लोग काफी पहले से यह मांग करते आ रहे हैं. सबको भरोसा भी है कि इस दफे पूर्णिया आ रहे मुख्यमंत्री पूर्णिया को नया तोहफा जरुर देंगे. लोगों को मानना है कि पूर्णिया में एम्स की शाखा खुलने से आसपास के पन्द्रह जिलों को लाभ मिलेगा.

पूर्णिया में हाईकोर्ट बेंच की जरूरत

हाईकोर्ट बेंच स्थापना की मांग एक लंबे अरसे से पूर्णिया में होती रही है पर इस दिशा में कभी सकारात्मक पहल नहीं हो सकी जबकि पूर्णिया का समृद्ध बार एसोसिएशन सभी अर्हताएं पूरी करता है. दरअसल पटना हाईकोर्ट में लंबित मामलों में पूर्णिया और इसके निकटवर्ती जिलों के सर्वाधिक मामले हैं. परेशानी यह है कि भूमि विवाद के अधिकांश मामलों में गरीब और मध्यवर्गीय लोग ज्यादा उलझे हुए हैं. एक मामले की तारीख पर पटना जाने आने और वहां ठहरने का खर्च वहन करना सबके लिए मुश्किल हो जाता है. ऐसे में वे नियमित तारीख नहीं कर पाते जिससे मामला या तो लंबित रह जाता है अथवा खारिज हो जाता है. इस लिहाज से हाईकोर्ट बेंच को पूर्णिया की जरूरत माना जा रहा है.

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इनकी भी है उम्मीद

पूर्णिया विश्वविद्यालय में एडमिनिस्ट्रेटिव सेटअपपूर्णिया विश्वविद्यालय में पर्याप्त शिक्षक

विश्वविद्यालय को मिले अनुदान आयोग का लाभ

मेडिकल कॉलेज को मिले पूर्ण स्वरुप

रानीपतरा प्राकृतिक चिकित्सालय

कला भवन में संग्रहालय की स्थापना

पूर्णिया में खुले मखाना अनुसंधान केंद्र

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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