तकनीकी खराबी नहीं, छात्रों की लापरवाही से छूटा फॉर्म, 23 हजार के बीच बचे 121 छात्रों के लिए दोबारा खुला पोर्टल

Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 10 Jun 2026 2:20 PM

विज्ञापन

पूर्णिया विश्वविद्यालय

Purnia University: पूर्णिया विश्वविद्यालय ने स्नातक पंचम सेमेस्टर (UG 5th Semester) का परीक्षा प्रपत्र (एग्जाम फॉर्म) भरने से वंचित रह गए छात्रों के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ किया है कि पोर्टल में कोई तकनीकी गड़बड़ी नहीं थी, बल्कि छात्रों की व्यक्तिगत लापरवाही के कारण यह स्थिति पैदा हुई. हालांकि, छात्रों के भविष्य को देखते हुए विवि ने मानवीय आधार पर महज दो घंटे के लिए दोबारा पोर्टल खोला, जिसमें बचे हुए 121 छात्रों ने फॉर्म सबमिट किया.

विज्ञापन

Purnia University: पूर्णिया विश्वविद्यालय (Purnia University) में स्नातक पंचम सेमेस्टर के परीक्षा प्रपत्र भरने से वंचित रह गए छात्रों और छात्र संगठनों के हंगामे के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपना आधिकारिक पक्ष सामने रखा है. विश्वविद्यालय के मीडिया पदाधिकारी प्रो. संतोष कुमार सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया है कि परीक्षा फॉर्म भरने की पूरी प्रक्रिया में विवि स्तर पर किसी भी प्रकार की तकनीकी त्रुटि या प्रशासनिक शिथिलता नहीं थी. विलंब शुल्क (लेट फाइन) के साथ फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 6 जून 2026 तय की गई थी, जिसमें रिकॉर्ड संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया. तय समय सीमा खत्म होने के बाद 9 जून को छात्र नेताओं द्वारा विवि परिसर में किए गए प्रदर्शन और कार्य व्यवधान के बाद, प्रशासन ने छात्रों के शैक्षणिक हित में ऑनलाइन पोर्टल को विशेष तौर पर महज दो घंटे के लिए पुनः लाइव किया था.

आंकड़ों की जुबानी: 23,166 छात्रों ने समय पर भरा फॉर्म, सिर्फ 121 रह गए थे पीछे

  • रिकॉर्ड फॉर्म सबमिशन: निर्धारित समय-सीमा के भीतर विश्वविद्यालय के कुल 23,166 परीक्षार्थियों ने अपना परीक्षा प्रपत्र सफलतापूर्वक ऑनलाइन सबमिट कर दिया था.
  • लापरवाही बनी वजह: विवि का कहना है कि जब 23 हजार से अधिक छात्र समय पर फॉर्म भर सकते हैं, तो स्पष्ट है कि जो छात्र छूटे, वे किसी तकनीकी खराबी के कारण नहीं बल्कि अपनी व्यक्तिगत सुस्ती और लापरवाही की वजह से वंचित रहे.
  • दो घंटे की विशेष मोहलत: छात्र नेताओं और विद्यार्थियों के कड़े अनुरोध पर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए जब पोर्टल को अतिरिक्त दो घंटे के लिए खोला गया, तो शेष बचे 121 विद्यार्थियों ने भी अपना फॉर्म भर लिया. इससे यह साफ हो गया कि वंचित छात्रों की संख्या बहुत सीमित थी.

छात्र नेताओं से विवि की अपील: रचनात्मक कार्यों में लगाएं ऊर्जा

काम में व्यवधान डालना अनुचित: मीडिया पदाधिकारी ने कहा कि निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में आकर दबाव बनाना और नियमित कार्यों में बाधा उत्पन्न करना पूरी तरह अनुचित है.

विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र संगठनों और छात्र नेताओं के लिए एक मार्गदर्शिका और सहयोगात्मक रूपरेखा का प्रस्ताव रखा है, जिसे नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:

विवि प्रशासन की मुख्य अपेक्षाएंछात्र संगठनों और नेताओं का दायित्वअकादमिक और प्रशासनिक लक्ष्य
समयबद्ध शैक्षणिक प्रक्रियाछात्रों को समय पर फॉर्म भरने और पंजीकरण के लिए प्रेरित करना.परीक्षा संबंधी विवादों और लेटलतीफी में कमी लाना.
कक्षाओं में उपस्थितिविद्यार्थियों को नियमित रूप से कॉलेज आने के लिए जागरूक करना.गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासित माहौल का निर्माण.
सहयोगात्मक वातावरणकॉलेज और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच सेतु का कार्य करना.पारदर्शी प्रशासन और समय पर परीक्षा संपन्न कराना.

भविष्य के लिए सख्त हिदायत: समय-सीमा का गंभीरता से करें पालन

पूर्णिया विश्वविद्यालय ने भविष्य की परीक्षाओं और शैक्षणिक सत्रों को नियमित रखने के लिए सभी छात्र-छात्राओं से कड़ा आग्रह किया है. विश्वविद्यालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि छात्र आगे से नामांकन, पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) और परीक्षा प्रपत्र से जुड़ी अधिसूचनाओं को गंभीरता से लें. अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना शुरुआती दिनों में ही तकनीकी प्रक्रियाओं को पूरा करें ताकि ऐन वक्त पर किसी भी प्रकार की असुविधा, मानसिक तनाव या विवाद की स्थिति से बचा जा सके और उनका शैक्षणिक सत्र बिना किसी बाधा के समय पर पूरा हो सके.

पूर्णिया की ख़बरों को पढने के लिए क्लिक करें !

विज्ञापन
Divyanshu Prashant

लेखक के बारे में

By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन