पूर्णिया मे 700 गाड़ियों से भरी मंडी, फिर भी मक्का के दाम रहे स्थिर

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 24 May 2026 7:30 AM

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Mandi Bhav

Purnea Mandi : पूर्णिया बाजार में जमकर हुई खरीदारी, गेहूं-चावल और दाल का बाजार रहा सामान्य

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Purnea Mandi : सीमांचल की सबसे बड़ी कृषि मंडियों में शामिल गुलाबबाग मंडी में शनिवार को कारोबार सामान्य लेकिन सक्रिय रहा. मक्का की आवक पिछले दिनों की तुलना में बेहतर रही और करीब 700 गाड़ियां अनाज लेकर मंडी पहुंचीं. हालांकि भारी आवक के बावजूद मक्का के दाम में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखा. कारोबारियों के मुताबिक बाजार में खरीदारी मजबूत रही, लेकिन भाव स्थिर बने रहे. दूसरी ओर गेहूं, चावल, दलहन और तेलहन के बाजार में भी सामान्य कारोबार देखने को मिला.

भारी आवक के बावजूद नहीं बढ़े मक्का के भाव

शनिवार को गुलाबबाग मंडी में मक्का की खरीद-बिक्री तेज रही. कारोबारियों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों की तुलना में इस बार मंडी में ज्यादा गाड़ियां पहुंचीं, जिससे बाजार में हलचल बनी रही. बावजूद इसके कीमतों में बड़ा उछाल नहीं आया. निचली क्वालिटी का मक्का 1920 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका, जबकि बेहतर क्वालिटी के मक्का का भाव 2060 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचा.

व्यापारियों का कहना है कि हाल के दिनों में जो 10 से 20 रुपये का उछाल देखने को मिला था, वह अस्थायी था. मंडी में फिलहाल मांग और सप्लाई संतुलित बनी हुई है, इसलिए भाव स्थिर हैं.

गेहूं और चावल के बाजार में सामान्य कारोबार

मक्का के अलावा गेहूं और चावल के बाजार में भी सामान्य कारोबार हुआ. गेहूं का अधिकतम भाव 2650 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जबकि मंसूरी चावल 3400 रुपये तक बिका. बासमती चावल का बाजार मजबूत बना हुआ है और इसका भाव 13 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया.

दाल और तेलहन में स्थिरता, आलू-प्याज में ठहराव

दलहन और तेलहन के बाजार में भी ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया. अरहर दाल का अधिकतम भाव 14500 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जबकि मूंग दाल 9600 रुपये तक बिकी. सरसों काला और पीला दोनों के भाव स्थिर रहे. वहीं आलू और प्याज के बाजार में भी ठहराव देखने को मिला. कारोबारियों का मानना है कि अगले सप्ताह बाजार में मामूली बदलाव संभव है.

गुलाबबाग मंडी का यह बाजार भाव किसानों, व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है, क्योंकि सीमांचल के बड़े हिस्से की कृषि अर्थव्यवस्था इसी मंडी पर निर्भर करती है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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