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मुख्यमंत्री के प्रस्तावित समृद्धि यात्रा को ले पशुपालन विभाग की तैयारी शुरू

Updated at : 25 Feb 2026 5:30 PM (IST)
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मुख्यमंत्री के प्रस्तावित समृद्धि यात्रा को ले पशुपालन विभाग की तैयारी शुरू

पशुसंसाधन विभाग

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पूर्णिया. जिले में प्रस्तावित मुख्यमंत्री के समृद्धि यात्रा को लेकर डेयरी, मत्स्य एवं पशुसंसाधन विभाग के जिला स्तरीय संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र में तैयारी शुरू हो गयी है. हालांकि अभीतक मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है बावजूद इसके विभाग अपनी तैयारियों में जुटा है. जिला मुख्यालय स्थित इस पशु, डेयरी एवं मत्स्य के एकीकृत कार्यालय भवन और इसके आस पास के क्षेत्र की साफ़ सफाई का काम चल रहा है. मिली जानकारी के अनुसार उक्त स्थल पर भी मुख्यमंत्री का कार्यक्रम प्रस्तावित है और हाल ही में जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने उक्त स्थल का निरीक्षण करते हुए पदाधिकारियों को तैयारी शुरू करने का निदेश भी दिया है. जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि जिले में मुख्यमंत्री के प्रस्तावित समृद्धि यात्रा के क्रम में पशु, डेयरी एवं मत्स्य के एकीकृत कार्यालय भवन के अवलोकन को लेकर यहां तैयारी की जा रही है जिसमें जिले में चल रही विभागीय विभिन्न योजनाओं से सम्बंधित विभिन्न स्टाल की प्रदर्शनी के साथ साथ समेकित कृषि पद्धति से सम्बंधित प्रदर्शनी भी लगायी जायेगी. इसके लिए चारो ओर व्यवस्था की जा रही है. लगभग दस हजार वर्गफीट में बनाया गया है यह एकीकृत भवन बताते चलें कि हाल ही में जिला मुख्यालय में पशु, डेयरी एवं मत्स्य के एकीकृत कार्यालय के लिए 10 हजार 75 वर्गफीट भूभाग में लगभग 10 करोड़ की लागत से बनाये गये. इस दो मंजिली इमारत में तीनों ही विभाग के कार्यालय संचालित हैं. निचली मंजिल में जिला पशुपालन विभाग का दफ्तर है तथा उपरी पहली मंजिल पर गव्य विकास (डेयरी) एवं मत्स्य विभाग के कार्यालय. भवन में सभी सुविधाओं के साथ साथ एक सौ लोगों की क्षमता वाले एक मीटिंग हॉल का भी निर्माण किया गया है. बिल्डिंग में पानी, बिजली, सीलिंग, फायर, सीसीटीवी कैमरे सभी की व्यवस्था की गयी है. जिले में पशु, डेयरी एवं मत्स्य कार्यालय के एक ही छत के नीचे आ जाने से किसानों को अनेक मायनों में लाभ मिलने लगा है. एक ही जगह पशुपालन, डेयरी और मछली पालन सम्बन्धी योजनाओं एवं क्रिया कलापों के बारे में आसानी से सभी जानकारियां मिलने से अन्य क्षेत्र के किसानों के भी दूसरे नए क्षेत्र में अपने कदम बढ़ाने की उम्मीद है. इस प्रकार नवाचार को प्रश्रय मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा साथ ही एक ही प्रकार की खेती में जोखिम की संभावना से भी उन्हें छुटकारा मिलेगा.

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ARUN KUMAR

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By ARUN KUMAR

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