यूजी नामांकन की हुई जांच तो कटेंगे कई नाम

ऑनलाइन आवेदन में की गयी गड़बड़ी पर विवि अलर्ट
विवि मीडिया पदाधिकारी ने कहा- ऑनलाइन आवेदन में की गयी गड़बड़ी पर विवि अलर्ट पूर्णिया. पीजी की तरह अगर पूर्णिया विवि ने स्नातक में नामांकन की जांच की तो कई छात्र-छात्राओं के नाम कटने की नौबत आ सकती है. पीजी नामांकन की निगरानी करने के बाद पूर्णिया विवि के समक्ष यह स्पष्ट हो गया है कि ऑनलाईन आवेदन में दर्ज किये गये प्राप्तांक और वास्तविक प्राप्तांक में जमीन आसमान का अंतर है. इसके लिए यूएमआइएस का बचाव करते हुए पूर्णिया विवि ने सारा ठीकरा सीमांचल के साइबर कैफे संचालकों पर फोड़ा है. पूर्णिया विवि ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है पर यह भी सच है कि पूर्णिया विवि की ओर से यह कोरी चेतावनी है. क्योंकि पूर्व में भी मेधा सूची में गड़बड़ी उजागर हुई है और उसमें सीधे तौर पर यूएमआइएस की लापरवाही सामने आयी थी. पूर्णिया विवि ने इस बार स्नातक प्रथम सेमेस्टर में सीमांचल के 37 कॉलेज में दाखिला सुनिश्चित किया है. 70 हजार ऑनलाइन आवेदन के बाइ भी कई सीटें खाली रह गयी हैं. अभी भी रजिस्ट्रेशन के लिए कई छात्र-छात्रा बचे हुए हैं. इस बीच सत्र नियमितीकरण की दिशा में पूर्णिया विवि ने स्नातक प्रथम सेमेस्टर की आंतरिक परीक्षा लेनी शुरू कर दी. इस संबंध में विवि मीडिया पदाधिकारी प्रो अंजनी कुमार मिश्रा ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन में की गयी गड़बड़ी पर विवि प्रशासन सचेत है. साइबर कैफे संचालकों को चेतावनी देने के बाद उनकी गतिविधियों पर पैनी नजर है. अब कोई गड़बड़ी होगी तो पूर्णिया विवि त्वरित कार्रवाई करेगा. उन्होंने बताया कि पीजी प्रथम सेमेस्टर में प्रथम मेधा सूची के आधार पर नामांकन का 23 अक्टूबर आखिरी दिन है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










