Bihar के इस जिले में अब तक का सबसे बड़ा स्मैक खेप बरामद, मणिपुर से लाया जा रहा था

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 12 Dec 2024 8:37 PM

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Bihar: बिहार पुलिस को नशा मुक्त अभियान के तहत ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है. बिहार पुलिस ने पूर्णिया जिले में 5.190 किलो ग्राम स्मैक बरामद किया है.

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Bihar: नशा मुक्त अभियान के तहत पूर्णिया पुलिस के हाथ बड़ी सफलता लगी है. मुफस्सिल थाना की पुलिस ने एकसाथ 5.190 किलो ग्राम स्मैक बरामद की है. यह अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी है. स्मैक की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक करोड़ से अधिक आंकी गयी है. गुरुवार को पूर्णिया की पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा ने इसका खुलासा करते हुए बताया कि इस मामले में दो तस्कर को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार तस्करों में सदर थाना क्षेत्र के खुश्कीबाग का रौनक कुमार और मरंगा थाना क्षेत्र के नेवालाल चौक का रिक्की सिंह है. एसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि गुरुवार की आधी रात के बाद मुफस्सिल थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार अपनी टीम के साथ करीब 2.15 बजे बेलौरी स्थित एनएच 31 ओवरब्रिज पर थे. इसी दौरान मरंगा की ओर से एक ग्रे रंग की स्विफ्ट कार आ रही थी. पुलिस बल को देख कर कार पहले धीमी हुई, फिर घुमा कर भागने का प्रयास करने लगा. जब उस कार के पास पुलिस बल जाने लगी तो कार से एक युवक निकल कर भागने लगा, जिसे खदेड़ कर पकड़ लिया गया. कार की तलाशी ली गयी तो डिक्की से प्लास्टिक के पैकेट में कुल 5.190 किलो स्मैक बरामद किया गया.

रौनक कुमार और रिक्की सिंह

मणिपुर से लाया गया था स्मैक

एसपी ने बताया कि बरामद स्मैक की खरीदारी मणिपुर में की गयी थी और वहीं से पूर्णिया लाया गया था. इसके बेकवार्ड एवं फारवार्ड लिंकेज का पता लगाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि मणिपुर से लाये गये स्मैक की तस्करी में गिरफ्तार तस्करों को कौन कौन लोग शरण दे रहे थे, इसका पता लगाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार तस्करों के कुछ साथी हाल के दिनों में पकड़ाये हैं. स्मैक के उत्पादन से लेकर सप्लाई तक कई लोग हैं, सभी के नाम और पता खंगाला जा रहा है.

तस्करों की जब्त होगी संपत्ति

एसपी ने बताया कि गिरफ्तार स्मैक तस्करों के तस्करी से कमाई गई संपत्ति का पता लगाया जा रहा है. नये कानून के तहत इनके इस अपराध में जितनी भी संपत्ति अर्जित की गयी है, उसे जब्त किया जायेगा.

पुरस्कृत किये जायेंगे पुलिसकर्मी

एसपी ने बताया कि बरामद स्मैक का मूल्य एक करोड़ से अधिक बताया जा रहा है. स्मैक तस्करों की यह मेजर डील हुई थी. पूर्णिया पुलिस द्वारा 5.190 किलो स्मैक की बरामदगी अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है. स्मैक की बरामदगी में शामिल पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों को विभाग द्वारा पुरस्कृत किया जायेगा.

2018 में हुआ था 1.550 किलो स्मैक बरामद

2018 में पूर्णिया पुलिस द्वारा स्मैक की बड़ी खेप 1.550 किलो स्मैक बरामद किया गया था. बरामद स्मैक पश्चिम बंगाल के मालदा से लाया जा रहा था. स्मैक तस्कर दालकोला रोड छोड़ कर सुनौली से बेलौरी रोड को चुना था. तत्कालीन एसपी विशाल शर्मा द्वारा टीम गठित कर बड़े ही नाटकीय तरीके से स्मैक की बरामदगी की गयी थी. इस मामले में सरगना समेत आधा दर्जन तस्करों को गिरफ्तार किया गया था. तब बरामद स्मैक का मूल्य 85 लाख रुपये बताया गया था. बहरहाल एसपी कार्तिकेय शर्मा के अनुसार स्मैक के धंधे में और भी लोगों के नाम सामने आया है. इनमें कुछ स्थानीय है और कुछ बाहरी लोग हैं. गिरफ्तार तस्करों की पूछताछ में पता चला है कि इनका एक संगठित नेटवर्क है.

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Paritosh Shahi

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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