उफान पर नदियाँ, दहशत में गाँव, कटाव की मार से सहमे बैसा के लोग

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महानंदा-कनकई के बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती गांवों में तेज कटाव से कई घरों पर मंडराया खतरा

नदी के जलस्तर में वृद्धि

बैसा प्रखंड में लगातार बारिश से कनकई और महानंदा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर जा रहा है. नदी किनारे बसे दर्जनों गांवों में बाढ़ और भीषण कटाव का डर बना हुआ है. ग्रामीण प्रशासन से तत्काल सुरक्षा उपाय की मांग कर रहे हैं.

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बैसा (पूर्णिया). प्रखंड क्षेत्र में रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण कनकई एवं महानंदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. इससे नदी किनारे बसे गांवों में बाढ़ और कटाव का खतरा गहरा गया है. हर वर्ष प्राकृतिक आपदा की मार झेलने वाले ग्रामीणों में इस बार भी भय का माहौल बना हुआ है.

जलस्तर बढ़ने से बढ़ी बाढ़ और कटाव की आशंका

River Flood Alert: नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ कटाव भी तेज हो गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते बचाव कार्य नहीं कराया गया तो कई गांवों के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो सकता है. लोग लगातार प्रशासन से सुरक्षा उपाय करने की मांग कर रहे हैं.

इन गांवों पर सबसे अधिक खतरा

उपप्रमुख मो. फिरोज आलम ने बताया कि बुधियार, हरिया, काशीबाड़ी, बरडीहा, मंगलपुर, मठुआ टोली, पोखरया, हिजली, मलहाना और ईदगाह टोला चिल्हनी सहित कई गांवों के समीप भीषण नदी कटाव जारी है. उनका कहना है कि कटाव की रफ्तार लगातार बढ़ रही है.

एक दर्जन परिवारों के घर नदी के मुहाने पर

बुधियार गांव के ग्रामीणों ने बताया कि महानंदा नदी तेजी से आबादी की ओर बढ़ रही है. वार्ड सदस्य मो. अहमद ने बताया कि करीब एक दर्जन परिवारों के घर नदी के बिल्कुल किनारे पहुंच चुके हैं. यदि कटाव नहीं रुका तो किसी भी समय उनके घर नदी में समा सकते हैं.

भय के साये में गुजर रही ग्रामीणों की जिंदगी

ग्रामीणों का कहना है कि दिन-रात घर उजड़ने का डर बना हुआ है. लोग हर पल नदी की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं. महिलाओं और बच्चों में भी दहशत का माहौल है.

प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग

River Flood Alert: ग्रामीणों ने प्रशासन से कटावरोधी कार्य अविलंब शुरू कराने, संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण करने और प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इस वर्ष भी कई परिवार बेघर हो जाएंगे.

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